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MOVIE REVIEW: GHANCHAKKAR

'घनचक्कर' यूं तो एक एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है, जिसमें आपको हर कदम पर एक ट्विस्ट देखने को मिलेगा, मगर इसी दौरान कॉमेडी सीक्वेंस भी ऐसे हैं जो आपको हंसने पर मजबूर कर देंगे।

Dainik Bhaskar

Jun 28, 2013, 10:43 AM IST
movie review: ghanchakkar

'घनचक्कर' यूं तो एक एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है, जिसमें आपको हर कदम पर एक ट्विस्ट देखने को मिलेगा, मगर इसी दौरान कॉमेडी सीक्वेंस भी ऐसे हैं जो आपको हंसने पर मजबूर कर देंगे।

फिल्म घूमती है अपराध की दुनिया के मास्टर संजू (इमरान हाशमी) के इर्द-गिर्द, जो अपना काम छोड़ने का फैसला कर लेता है। वह अपने दो दोस्तों के साथ आखिरी बार चोरी करने का प्लान बनाता है। तीनों यह सोचकर बैंक लूटने का प्लान बनाते हैं कि इसके बाद उन्हें पैसों की कमी नहीं रहेगी और वे आराम से अपनी जिंदगी जिएंगे।

लूट के पैसों को संभालने की जिम्मेदारी संजू को मिलती है। यह तय होता है कि लूट का मामला ठंडा होने के बाद संजू अपने पैसे लेकर बाकी हिस्सा दोनों दोस्तों को बांट देगा। तय प्लान के मुताबिक ये तीनों बैंक लूट लेते हैं मगर, कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब संजू अपने दोस्तों को पहचानने से इनकार कर देता है।

दोनों लूट के दो महीने के बाद उससे पैसे लेने जाते हैं, मगर संजू कहता है कि उसे इस बारे में कुछ नहीं पता। संजू सच बोलता है या झूठ, आगे कहानी इसी के इर्द-गिर्द घूमती है और कई रोचक कॉमेडी सीन्स आपको देखने को मिलते हैं।


'कहानी' और 'द डर्टी पिक्चर' में धमाकेदार एक्टिंग कर कई अवार्ड्स जीतने के बाद विद्या बालन 'घनचक्कर' से फैन्स का दिमाग घुमाने आ गईं हैं। इसी फिल्म के प्रोड्यूसर सिद्धार्थ रॉय कपूर से विद्या ने आठ महीने पहले सात फेरे लिए हैं। इस तरह घरेलू फिल्म को हिट कराने का दारोमदार काफी हद तक उन पर ही है।

फिल्म में विद्या काफी हद इस जिम्मेदारी को निभाने में कामयाब होती भी दिखती हैं। इस फिल्म के जरिये उन्होंने पहली बार कॉमेडी में हाथ आजमाया है और यह कहना पड़ेगा कि अन्य किरदारों की तरह उन्होंने अब कॉमेडी में भी खुद को साबित कर दिया है।

वह एक पंजाबी घरेलू महिला (नीतू) की भूमिका में हैं। वह अजीबोगरीब कपड़े पहनने का शौक रखती है, अंतर्मुखी स्वभाव की है, लेकिन पति को रिझाने के लिए उटपटांग हरकतें करने से भी नहीं हिचकिचाती। एक सिरफिरी हाउस वाइफ के रोल में विद्या ने अच्छी एक्टिंग की है।

वहीं, इमरान हाशमी काफी हद तक अपनी सीरियल किसर की छवि से बाहर निकल चुके हैं और इस फिल्म से उन्होंने एक बार फिर यह साबित भी कर दिया है कि किसिंग के अलावा उनमें एक्टिंग टैलेंट भी है। इस पर अब तक लोगों की नजर कम ही गई थी। एक याददाश्त खोये युवक के किरदार में इमरान ने फैन्स को घनचक्कर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

'नो वन किल्ड जेसिका' जैसी गंभीर फिल्म बना चुके राजकुमार गुप्ता ने पहली बार कॉमेडी पर हाथ आजमाया है। इस वजह से कहानी में कहीं-कहीं फ्लो की कमी नजर आती है।


इसके अलावा, फिल्म का संगीत भी उतना खास नहीं, जितना आजकल की फिल्मों में होता है। हालांकि, एक्टर्स की बढ़िया परफ़ॉर्मेंस के आगे आपको इसकी कमी महसूस नहीं होती।

कहानी कहीं-कहीं बोझिल लगने लगती है। फिल्म के दृश्य कुछ ज्यादा ही खिंचे और उबाऊ लगने लगते हैं। वहीं कहीं कहीं विद्या लगता है ओवर एक्टिंग कर रही हैं।

कुल मिलाकर फिल्म एक बार देखी जा सकती है और हमारी तरफ से इसे 2 स्टार।

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