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FIRST DAY, FIRST REACTION: 'बॉस'

आजकल साउथ की फिल्मों को बॉलीवुड के बड़े स्टार्स के साथ बनाने का चलन इन दिनों जोरों पर है।

Dainik Bhaskar

Oct 16, 2013, 12:06 AM IST
movie review of Boss
बॉलीवुड में साउथ की फिल्मों का रीमेक बनाना कोई नई बात नहीं है। आजकल वहां की फिल्मों को बॉलीवुड के बड़े स्टार्स के साथ बनाने का चलन इन दिनों जोरों पर है। ऐसे में खिलाड़ी अक्षय कुमार अब 'बॉस' बनकर बॉक्स ऑफिस पर अपना दमखम दिखाने के लिए उतरे हैं।
यह फिल्म 2010 में आई मलयालम ब्लॉकबस्टर 'पोक्किरी राजा' का रीमेक है जिसमें अक्षय कुमार की भूमिका ममूटी ने और शिव पंडित की भूमिका पृथ्वीराज ने निभाई थी। फिल्म की कहानी है सूर्यकांत शास्त्री (मिथुन चक्रवर्ती) की जो कि एक छोटे शहर में रहने वाले ईमानदार और उसूलों के पक्के टीचर हैं। वे अपने 23 वर्षीय बेटे शिव (शिव पंडित) के साथ रहते हैं, जिसे लेकर उनका विश्वास है कि वह नेकी के रास्ते पर चलने वाला बेटा है।
अपनी तमाम अच्छाइयों के बावजूद सूर्यकांत शास्त्री को उनका अतीत याद आता रहता है जिसमें कई कड़वे अनुभव छुपे हुए हैं। इस दौरान अपने बेटे शिव को आगे की पढ़ाई करने के लिए बड़े शहर दिल्ली भेजते हैं। वहां शिव की मुलाकात अंकिता (अदिति राव हैदरी) से होती है और दोनों एक-दूसरे को दिल बैठते हैं।
उनके प्रेम के बारे में जब अंकिता के भ्रष्ट पुलिसिया भाई, होम मिनिस्टर और उसके बेटे को पता चलता है तो वे शिव को झूठे केस में फंसाकर जेल भेज देते हैं।
अपने बेटे को छुड़ाने में जब सूर्यकांत के पास कोई चारा नहीं बचता है तो अपनी ज़िंदगी से बेदखल किए बड़े बेटे बॉस यानी अक्षय कुमार के पास जाते हैं। बॉस नाम से मशहूर अक्षय तब अपने पिता और भाई के लिए एक बड़ी जंग लड़ते हैं। अक्षय एक गैंगस्टर बने हैं मगर वह लोगों को परेशान करने वाले नहीं बल्कि एक अच्छे दिल वाले गैंगस्टर की भूमिका में हैं।
एक्टिंग: फिल्म की कहानी में कुछ नयापन नहीं इसलिए कलाकारों के लिए भी कुछ खास करने का स्कोप नजर नहीं आता।अक्षय हर फिल्म में जैसे बड़े-बड़े डायलॉग्स बोलते नजर आये हैं, इस फिल्म में भी उन्होंने कुछ ऐसा ही किया है।
अदिति के पास एक्टिंग के नाम पर दो-तीन रोमांटिक गाने, कुछ बिकिनी सीन्स ही हैं। शिव पंडित को भी एक्टिंग में अभी काफी सुधार करने की जरूरत है। मिथुन चक्रवर्ती ने जरूर अपने किरदार को बखूबी निभाया है।
जहां बॉलीवुड के सभी बड़े सितारे साल भर में एक या दो से अधिक फिल्में नहीं कर पाते, वहीं अक्षय कुमार की एक फिल्म आपको हर तीन महीने में देखने को मिल जाती है।
कई लोग यह सोच सकते हैं कि आखिर कैसे वह एक साल में इतनी फिल्में कर लेते हैं, लेकिन एक फ़िल्मी कीड़े से पूछिए तो वह साफ़ बता देगा की अक्षय की ज़्यादातर फिल्मों में बहुत समानता रहती है। 'बॉस' भी कुछ अलग नहीं है। इसमें आपको पिछली हालिया रिलीज़ फिल्मों की झलक साफ़ देखने को मिल जाएगी।
बाकी सभी चीज़ें, अक्षय का स्टाइल, कारें, गाने, एक्शन और यहां तक की ट्रकें भी आपको पुरानी ही दिखेंगी। नएपन की तलाश में सिनेमा हॉल आए दर्शकों को यह फिल्म 'राउडी राठोड़' या 'खिलाड़ी 786' के सीक्वल जैसी ही मालूम होंगी। और फिर फिल्म के अंत में दबंग सलमान की तरह ही अक्षय भी आपको शर्ट फाड़कर अपने सिक्स पैक एब्स दिखाते मिल जाएंगे।
क्यों देखें: अक्की के बहुत बड़े फैन हैं और उनकी कैसे भी फिल्म को झेलने का दमखम रखते हैं तो फिल्म देख सकते हैं। हनी सिंह के गानों और सोनाक्षी के आइटम नंबर के अलावा फिल्म में कुछ खास नहीं। कमजोर कहानी और नयापन नहीं होने की वजह से हमारी तरफ से इसे 2 स्टार।
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