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चिल्ड्रन डे पर सेलेब्स ने बताया कैसा है उनका अपने बच्चों के साथ रिलेशन

बाल दिवस के मौके पर dainikbhaskar.com ने स्टार्स से पूछा कि उनकी जिंदगी में बच्चों के आने से क्या बदलाव आया।

Dainik Bhaskar

Nov 14, 2017, 10:44 AM IST
शक्ति कपूर बेटी श्रद्धा और बेटे सिद्धांत के साथ। शक्ति कपूर बेटी श्रद्धा और बेटे सिद्धांत के साथ।
आज बाल दिवस (14 नवंबर) है। इस मौके पर dainikbhaskar.com ने स्टार्स से पूछा कि उनकी जिंदगी में बच्चों के आने से क्या बदलाव आया। उनका जो रिश्ता अपने माता-पिता के साथ रहा, उसकी तुलना में अपने बच्चों के साथ कितना अलग है, आदि सवालों के जवाब स्टार्स ने बताएं...
बच्चे और माता-पिता आज दोस्तों की तरह हो गए हैं
शक्ति कपूर ने बताया, बेशक, जीवन में बच्चे के आने पर खुशी होती है, लेकिन सिद्धार्थ और श्रद्धा के आने के बाद पहली बार लगा कि मेरी जिम्मेदारियां बहुत बढ़ गई हैं। जैसे-जैसे बच्चों की परवरिश, पढ़ाई-लिखाई आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे जिंदगी इंटरेस्टिंग होती चली गई। देखिए, मेरे मां-बाप ने मुझे बहुत प्यार दिया, मेरी परवरिश की, पढ़ाया-लिखाया, पर मेरे हिसाब से उसकी तुलना में अभी मैं अपने बच्चों के लिए कुछ नहीं कर पाया हूं। हां, करने की कोशिश कर रहा हूं। अभी बच्चों की शादियां करके उनके घर बसाने हैं। एक पिता के तौर पर चाहता हूं कि बच्चे सेटल हो जाएं, वे ठीक रास्ते पर चलें, ताकि उन्हें कोई तकलीफ न हो, इन्हीं बातों की हमेशा फिक्र लगी रहती है। पहले और आज के बच्चे और माता-पिता के रिश्तों में बहुत अंतर है। आजकल बच्चे अपने माता-पिता के साथ दोस्त की तरह रहने लगे हैं। बच्चे अपनी प्रॉब्लम बता देते हैं। मेरे समय में पिता के सामने जाने की हिम्मत नहीं पड़ती थी। सिद्धार्थ और श्रद्धा आज के युग के बच्चे हैं।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें अन्य सेलेब्स ने क्या कहा...
रोनित रॉय बेटे अगस्त्य और बेटी आदोर के साथ। रोनित रॉय बेटे अगस्त्य और बेटी आदोर के साथ।
बच्चों से दोस्त बनकर बात करता हूं
रोनित रॉय का कहना है लाइफ में बच्चों के आने के बाद तो हर चीज बदल जाती है। जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। इंसान अपने बारे में नहीं, बच्चों के बारे में सोचने लगता है। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, लाइफ उनकी तरफ सेंट्रिक हो जाती है। बच्चों के स्कूल और उनकी टाइमिंग के हिसाब से घर में सारी चीजें होने लगती हैं। पूरा जीवन ही परिवर्तित हो जाता है। मेरी बेटी आदोर 12 साल की और बेटा अगस्त्य 10 साल का है। आज मैं 52 साल का हूं तो मेरे बेटे और मुझमें 42 साल का अंतर है। इतने अंतराल के बाद तो दुनिया ही बदल गई है। मैं 16 साल का था, तब पहली बार टीवी देखा था। आज बच्चे पैदा ही इंटरनेट के जमाने में हो रहे हैं। हर माता-पिता का अपने बच्चों के साथ अलग-अलग व्यवहार होता है। मैं अपनी बात माता-पिता के सामने रखने में बिल्कुल नहीं हिचकिचाता था, पर गलतियां करता था तो डांट पड़ती थी। लेकिन उस समय बच्चे अपने पिता के सामने सहमे-सहमे रहते थे। यह उनका संस्कार कहिए या और कुछ। आज मेरे बच्चे मेरे दोस्त हैं। मैं उनसे दोस्त बनकर बात करता हूं। शायद 10-12 साल में एकाध बार ही डाटा होगा। मैं उन्हें बहुत समझाता हूं। बच्चों का बचपना बना रहे, इसलिए उन्हें समझाया है कि अभी कुछ मत सोचो। जब कुछ बनने का समय आएगा, तब सब मिलकर सोचेंगे। अभी अपना बचपन एंजॉय करो।
ऋचा चड्ढा। ऋचा चड्ढा।
पहले और अब के बचपने को लेकर ऋचा कहती हैं
बच्चों की स्थिति देखकर ऋचा चड्ढा को बुरा लगता है। आज के बच्चों की परिवरिश और उनके बचपने को लेकर ऋचा पहले तो अपना अनुभव शेयर करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि, 'मेरे बच्चे थोड़े न हैं! मुझे नहीं पता'। लेकिन जब उनसे पूछा कि आप अपने बचपने और आज के बच्चों के बचपन को देखकर जो ऑब्जर्व करती हैं। उस आधार पर आज के बचपने को लेकर क्या कहेंगी? इस पर वे थोड़ा अफसोस जताते हुए कहती हैं- 'मुझे लगता है कि आज के बच्चे वीडियो गेम और फोन पर ज्यादा लगे रहते हैं। तो उनकी वर्जिश बिल्कुल नहीं होती, इसलिए वे मोटे और वीक हो जाते हैं। आज के बच्चे पेड़ पर तो बिल्कुल चढ़ते ही नहीं हैं और नेचर में भी नहीं घूमते हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि मुंबई जैसे शहर में बिल्डिंगें ज्यादा हैं। यहां नेचर मिलना मुश्किल है। बच्चे पर्यावरण से काफी दूर होते जा रहे हैं। यह बड़े दुख की बात है कि उन्हें खेलने-कूदने की जगह नहीं मिलती। यह देखकर थोड़ा बुरा लगता है'।
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शक्ति कपूर बेटी श्रद्धा और बेटे सिद्धांत के साथ।शक्ति कपूर बेटी श्रद्धा और बेटे सिद्धांत के साथ।
रोनित रॉय बेटे अगस्त्य और बेटी आदोर के साथ।रोनित रॉय बेटे अगस्त्य और बेटी आदोर के साथ।
ऋचा चड्ढा।ऋचा चड्ढा।
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