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मूवी रिव्यू- बंबू

यह कॉमेडी फिल्म है। इसकी कहानी एक सुपारी किलर और फोटोग्राफर के इर्द-गिर्द घूमती है।

Danik Bhaskar | Mar 30, 2012, 10:46 AM IST

इस कॉमेडी फिल्म में प्रोफेशनल किलर मंगल सिंह (शरत सक्सेना) स्टॉक मार्केट घोटालेबाज़ मनु गुप्ता को मारने की सुपारी लेता है। गोवा हाईकोर्ट में मनु गुप्ता की पेशी है। उसी कोर्ट के बगल में बने होटल से मंगल सिंह, मनु को मारने की प्लानिंग करता है। सुरेश सुधाकर (कविन दवे) प्रेस फोटोग्राफर हैं और उनको मनु गुप्ता की पेशी को कवर करने के लिए भेजा जाता है और उसी होटल में रूकता है। सुरेश अपनी एक्स-वाइफ पिंकी (मैंडी ताखर) से मिलने की कोशिशों में लगा रहता है और मंगल के लिए कई परेशानियां खड़ी करता है।









स्टोरी ट्रीटमेंटःइस कॉमेडी फिल्म की कहानी को पूरी फिल्म में जबर्दस्ती घसीटा गया है और दर्शकों को हंसाने के बजाय यह बहुत बोर करती है।








स्टार कास्टःशरत सक्सेना ने अपने बॉडी लैंग्वेज से अच्छी एक्टिंग की है लेकिन इस बोझिल फिल्म में वह प्रभावहीन दिखती है। कविन दवे ने भी दर्शकों को हंसाने का खूब प्रयास किया है। संजय मिश्रा अपनी भूमिका में बेहतर दिखे हैं लेकिन मैंडी ताखर कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाती। सुधीर पांडे अपनी एक्टिंग से सबको बोर करते हैं।









निर्देशनःकमजोर स्क्रिप्ट और उसमें ह्यूमर का अभाव होने के कारण निर्देशक अपने स्टार कास्ट का ठीक से उपयोग नहीं कर पाए। निर्देशन पक्ष कमजोर है। इसमें जिस टॉयलेट का एक कॉमेडी सीन है, वह भी इससे पहले 'डेल्ही बेली' में आजमाई जा चुकी है और यह बोरिंग है। इस फिल्म में जगदीश राजपुरोहित ने जबर्दस्ती कॉमेडी ठूसी है।









क्यूं देखें:अगर संभव हो तो इस फिल्म से दूर ही रहें। फिर भी अगर शरत सक्सेना, संजय मिश्रा और कविन दवे जैसे प्रतिभाशाली नायकों की एक्टिंग और आपको हंसाने की कोशिशों को देखना चाहते हैं तो एक बार टिकट खरीद सकते हैं।