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मूवी रिव्यूः एक मैं और एक तू

'एक मैं और एक तू' की कहानी अमेरिकन रोमांटिक कॉमेडी 'व्हाट हैपेन्स इन वेगास' से मिलती-जुलती है।

Dainik Bhaskar

Feb 10, 2012, 01:39 PM IST

'एक मैं और एक तू' की शुरुआत देखकर लगता है कि यह हॉलीवुड फिल्म 'व्हाट हैपेन्स इन वेगास' की नकल है लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, इसमें जब वी मेट व अनजाना अनजानी की कहानी याद हो आती है। इंटरवल के बाद फिल्म एक नया मोड़ लेती है और कई पावरफुल मोमेंट्स दिखते हैं जो दिमाग को हिला देते हैं। फिल्म में करीना और इमरान ने गजब की कैमिस्ट्री दिखाई है।

'एक मैं और एक तू' में राहुल कपूर (इमरान खान) अपने माता-पिता के साथ वेगास में रहता है। वह उनसे डरता है और साथ ही उनके जैसा बनना भी चाहता है। एक दिन उसकी नौकरी चली जाती है। डर की वजह से वह घर में बगैर बताए दूसरा जॉब तलाशने लगता है। इसी दौरान राहुल की मुलाकात संपन्न, खुश मिजाज़ और जिंदा दिल रायना ब्रगांज़ा (करीना कपूर) से होती है। क्रिसमस के मौके पर मौज-मस्ती में राहुल और रायना की ड्रिंक ज़्यादा हो जाती है। दोनों साथ में रात गुजारते हैं और सुबह अपने को विवाहित पाते हैं। राहुल को अब जॉब के साथ शादी की बात भी अपने घर वालों से छिपानी है। दोनों इससे छुटकारा पाने के लिए कोर्ट जाते हैं, लेकिन कोर्ट भी उन्हें 10 दिन बाद का समय देता है। इस दरम्यान दोनों हंसी-मजाक के साथ लड़ाई-झगड़ा और जमकर मस्ती करते हैं। लेकिन न चाहते हुए भी दोनों के बीच पहले से और ज़्यादा नज़दीकियां बढ़ जाती हैं। इसी के साथ कहानी में नए-नए मोड़ आते रहते हैं।


स्टार कास्टः करीना कपूर ने अपनी इमेज के अनुरुप जबरदस्त परफॉर्मेंस दिया है। उन्होंने अपने रोल में ज्यादातर समय चुलबुली व जिंदादिल लड़की को जिया है, जो जब वी मेट के गीत की याद दिला देता है वहीं इमरान खान ने डरपोक युवा से खुर्राट लड़के में बदलने को बहुत ही आसानी से निभाया है। बोमन इरानी इमरान के पिता के रोल में जमे हैं। इसके साथ ही रत्ना पाठक ने मां की भूमिका करते हुए साराभाई वर्सेज साराभाई की याद दिला देती हैं। वहीं छोटे पर्दे पर खूब प्रशंसा बटोर चुके राम कपूर ने भी फिल्म में छोटा लेकिन महत्वपूर्ण रोल निभाया है।

डायरेक्शनः फिल्म के क्लाइमैक्स को फिल्माते समय डायरेक्टर ने कई फिल्मों की याद दिलाई है लेकिन वे इसे तर्कसंगत ठहराने में भी सफल रहते हैं। इसके लिए उन्होंने अपने एक्टरों से भी अच्छी मेहनत करवाई है। साथ ही शकुन ने कुछ नए प्रयोग किए जिसके अच्छे परिणाम देखने को मिले और साथ ही वे इमरान की रियल लाइफ वाइफ अवंतिका को भी आंटीजी गाने में कैमियो रोल करवाने में सफल रहे।




म्यूजिक/सिनेमैटोग्राफी/डायलॉग्स/एडिटिंग: फिल्म का म्यूजिक कानों को अच्छा लगने वाला है और यह कहानी के साथ ही आगे बढ़ता है। इसके बावजूद टाइटल सांग के अलावा और कोई गाना चार्टबस्टर्स में जगह नहीं बना पाया। खूबसूरत लोकेशंस को अच्छी तरह फिल्माया गया है। डायलॉग्स में कोई दम नहीं था जिसके कारण यह दर्शकों को बांधे रखने में नाकाम रहा। एडिटिंग की तारीफ करनी होगी क्योंकि इसमें अच्छी मेहनत की गई जिसने फिल्म को छोटा व मजेदार बनाया।

क्यों देखें: ताजगी भरी लव स्टोरी व करीना के लिए सिनेमा हॉल का रूख कर सकते हैं।



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