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मूवी रिव्यू: 'हेट स्टोरी'

हेट स्टोरी एक पत्रकार काव्या (पाउली दाम) के सेक्स वर्कर बनने और फिर सेक्सुअली तथा प्रोफेशनली शोषण करने वालों से बदला लेने की कहानी

Dainik Bhaskar

Apr 20, 2012, 05:58 PM IST
स्टोरी:हेट स्टोरी एक पत्रकार काव्या (पाउली दाम) के सेक्स वर्कर बनने और फिर सेक्सुअली तथा प्रोफेशनली शोषण करने वालों से बदला लेने की कहानी है।

काव्या एक पत्रकार है। वह एक सीमेंट कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी व षड्यंत्र रचने की स्टोरी छापती है, जिसकी वजह से सीमेंट कंपनी के मालिक सिद्धार्थ धनराजगिरी (गुलशन देवैया) अपनी कंपनी को बदनाम करने वाली काव्या की सेवाएं लेकर उसका प्रोफेशनली और सेक्सुअली शोषण करता है।

इसके बाद सिद्धार्थ से बदला लेने और उसे पूरी तरह बर्बाद कर देने के लिए काव्या निकल पड़ती है। इसका असर काव्या के परिवार और उसके बॉयफ्रेंड विकी (निखिल द्विवेदी) पर भी पड़ता है जो उसे बहुत प्यार करता है। क्या काव्या बदला लेने में सफल होती है? बदला लेने के लिए वह क्या रास्ता अपनाती है? इसके जवाब मिलेंगे ‘हेट स्टोरी’ में।

स्टोरी ट्रीटमेंट:काव्या सिद्धार्थ से बदला लेने के लिए सेक्स,पवार और पैसे का सहारा लेती है| फिल्म के पहले हिस्सा में थोड़ा थ्रिलर दिखाई पड़ता है मगर जल्द ही यह निराशा में बदल जाता है|

एक पत्रकार से सेक्स वर्कर बनती काव्या का किरदार थोड़ी दिलचस्पी जगाता है मगर कमजोर स्क्रीनप्ले की वजह से कुछ सींस प्रभाव छोड़ने में नाकामयाब साबित होते हैं| बदला लेने के लिए आप किसी भी हद तक जा सकते हैं मगर सिर्फ सेक्स का सहारा लेकर बदला लिया जाए यह बात सच्चाई से थोड़ी दूर लगती है|

स्टार कास्ट:महिला आधारित विषयों पर बॉलीवुड में इन दिनों काफी फिल्में बन रही हैं| हेट स्टोरी की कहानी भी पाउली दाम के इर्द गिर्द घूमती है| उन्होंने अपने बोल्ड किरदार को बहुत ही कॉन्फिडेंटली किया है| शैतान में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके गुलशन देवैया ने इस फिल्म में अभी अपने अभिनय से निराश नहीं किया है|

निखिल द्विवेदी की अदाकरी निराश करती है| उन्हें परफोर्म करने का मौका नही मिला है और जिन सींस में उन्हें अभिनय प्रतिभा दिखानी थी उसमें वह बेहद कमजोर साबित हुए हैं|

निर्देशन:विवेक अग्निहोत्री फिल्म में थ्रिल पैदा करने में कामयाब हुए हैं मगर घिसी पिटी स्टोरीलाइन की वजह से फिल्म कमजोर पड़ गई|


डायलॉग्स/सिनेमाटोग्राफी/म्यूज़िक:कहानी में पॉलिटिकल और बिजनेस बैकग्राउंड की वजह से डायलॉग्स भी कुछ अलग लिखे गए हैं जो प्रभाव छोड़ते हैं|फिल्म का संगीत कुछ खास नहीं है, दिल कांच सा...और बैकग्राउंड म्यूज़िक कहानी के हिसाब से ठीक है| सिनेमाटोग्राफी भी ठीक है|


क्यों देखें:फिल्म एक एरोटिक थ्रिलर है अगर आप ऐसी फिल्मों के शौक़ीन हैं तो देख सकते हैं| मगर इसे परिवार के साथ नहीं देखा जा सकता|








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