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मूवी रिव्यू: तेज़

कहानी में कोई नयापन ना होने के बावजूद 'तेज़' पावरफुल मोमेंट्स से भरी फिल्म है।

Dainik Bhaskar

Apr 27, 2012, 03:39 PM IST

हॉलीवुड में 1994 में बनी थी फिल्म 'स्पीड' और इससे प्रेरणा लेकर 2012 में बॉलीवुड में बनी है फिल्म तेज़'। लेकिन, हॉलीवुड से 18 साल के फासले के बाद बनी धड़कनों को तेज कर देने वाली इस एक्शन थ्रिलर के रफ्तार और रोमांच को देखकर यह कहा जा सकता है कि देर आए, दुरुस्त आए।



इसकी कहानी आकाश(अजय देवगन) और उनकी बीवी निकिता(कंगना राणावत) की है। आकाश अपने साथ हुए अन्याय का बदला लेना चाहते हैं। वह आदिल(ज़ायद खान) और मेघा(समीरा रेड्डी) के साथ मिलकर ग्लास्गो से लंदन जा रही ट्रेन में बम फिट करते हैं और लंदन की सरकार से एक बड़ी राशि की डिमांड करते हैं।




अब, काउंटर टेर्रिज्म कमांड ऑफिसर अर्जुन खन्ना(अनिल कपूर) और रेलवे ट्रैफिक कंट्रोल ऑफिसर संजय रैना(बोमन इरानी) किस तरह से इस सिचुएशन से जूझते हैं, यही इस फिल्म की कहानी है।





स्टोरी ट्रीटमेंटःकहानी में कोई नयापन ना होने के बावजूद 'तेज़' की रफ्तार बहुत प्रभावित करने वाली हैं। उच्च स्तर की तकनीक और विजुएल इफेक्टस इस फिल्म की जान हैं। वास्तव में कुछ सीन्स तो ऐसे हैं जहां पर सांसे थम सी जाती हैं।



स्क्रीनप्ले की कुछ कमजोरियां भी हैं जो इंटरवल के बाद समझ में आती हैं। कुछ अनरियलिस्टिक लगने वाले सीन्स भी हैं जैसे कि अनिल कपूर करीब में बम फटने के बावजूद कैसे बच जाते हैं?



स्टार कास्टः इस फिल्म में स्टार एक्टरों ने काम किया है। अजय, अनिल, बोमन, समीरा, ज़ायद, कंगना, मोहनलाल; सभी अपने रोल में ओके हैं। बोमन इरानी और मोहनलाल ने अद्भुत एक्टिंग की है।


डायरेक्शनःप्रियदर्शन मास्टर डायरेक्टर हैं और इस फिल्म में के डायरेक्शन में उनकी क्लास दिखाई दी है। वह फर्स्ट हाफ तक फिल्म के स्पीड और थ्रिल को करीने से बुनते हैं। इंटरवल के बाद फिल्म में थोड़ा ढ़ीलापन दिखने लगता है। कुछ अनरियलिस्टिक सिचुएशंस वाले सीन्स ना होते तो ज्यादा अच्छा रहता। इंटरवल के बाद कभी-कभी ऐसा भी लगता है कि जैसे कहानी को जबर्दस्ती खींचा जा रहा है।



म्यूजिक/डायलॉग्स/सिनेमेटोग्राफी/एडिटिंग-इस फिल्म में कहानी के बीच में गानों को ठूंसा गया है। सिचुएशनल गाने नहीं है इसलिए फिल्म की गति को वह खराब करती हैं। मल्लिका शेरावत आइटम सॉन्ग में सेक्सी नहीं, बहुत फनी दिखती हैं।


इस फिल्म का डायलॉग और विजुएल इफेक्ट्स उच्च स्तर का है। इंटरवल के बाद की एडिटिंग में झोल साफ नजर आता है।



क्यूं देखें:- एक तेज रफ्तार की थ्रिलर और हॉलीवुड के स्तर की तकनीक से बनी इस फिल्म को जरूर देखना चाहिए। बोमन इरानी और मोहनलाल की शानदार एक्टिंग, बेहतरीन डायलॉग्स और विजुएल इफेक्ट्स इस फिल्म को देखने लायक बनाते हैं।



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