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मूवी रिव्यूः विकी डोनर

Dainik Bhaskar

Apr 20, 2012, 02:54 PM IST

यह फिल्म काफी मनोरंजक है। इसमें स्पर्म डोनेशन जैसे सेंसिटिव मुद्दे को मजेदार तरीके से पेश किया गया है।

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'विकी डोनर' विकी अरोड़ा(आयुष्मान खुराना) की कहानी है। खूबसूरत नौजवान विकी पंजाबी है और दिल्ली में रहता है। वह बेरोजगार है। डॉक्टर बलदेव चड्ढ़ा(अन्नु कपूर) फर्टिलिटी एक्सपर्ट हैं। वह फर्टिलिटी क्लीनिक चलाते हैं।

विकी में चड्ढ़ा को स्वस्थ और हाइ पर्फार्मिंग स्पर्म डोनर दिखता है। चड्ढा की बहुत कोशिशों के बाद विकी अपना स्पर्म डोनेट करने के लिए तैयार होते हैं।

स्पर्म डोनेट करने से विकी को पैसा मिलता है और बेहतर जिंदगी जीने लगता है। वह अशिमा रॉय(यामी गौतम) से शादी करता है। लेकिन, विकी का स्पर्म डोनर होना उसकी लाइफ में आगे परेशानियां लाता है। इस तरह से विकी डोनर की कहानी आगे बढ़ती है।

स्टोरी ट्रीटमेंटः

यह फिल्म काफी मनोरंजक है। इसमें स्पर्म डोनेशन जैसे सेंसिटिव मुद्दे को मजेदार तरीके से पेश किया गया है। विकी का कैरेक्टर इसमें हमेशा हल्के-फुल्के अंदाज में रहता है।

इस इमोशनल फिल्म में पंजाबी कल्चर और दिल्ली के रहन-सहन का मिला-जुला रूप मनोरंजक बन पड़ा है। यह फिल्म सिर्फ युवाओं के लिए नहीं बनाया गया है। यह सबके लिए मनोरंजक फिल्म है।

फिल्म में इंटरवल से पहले बहुत फन है। लेकिन इंटरवल के बाद इसकी रफ्तार थोड़ी सुस्त होती है। लेकिन तब भी आयु्ष्मान बोर नहीं करते। उन्होंने एक ही कैरेक्टर को कई शेड्स में इस फिल्म में जिया है।

स्टार कास्ट:

आयुष्मान खुराना इस फिल्म की जान हैं। उनकी बेहतरीन एक्टिंग इसमें देखने को मिलेगी। यामी गौतम ने भी इमोशनल और इंडिपेन्डेन्ट वुमन का किरदार अच्छा निभाया है। अन्नू कपूर बेहतर एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने वैसी ही यहां भी की है।

इस फिल्म को देखकर लगता है कि आयुष्मान ही इस फिल्म के लिए फिट हैं जिन्होंने इस कैरेक्टर को नेचुरली करके दिखाया है। वह इसमें कई इमोशनल शेड्स दिखाते हैं।

विकी की मां के रोल में डॉली अहलूवालिया और उनकी दादी मां के रोल में कमलेश गिल भी दर्शकों पर प्रभाव छोड़ने में सफल हैं।


निर्देशनः
शुजित सरकार ने एक सेंसिटिव सब्जेक्ट को कॉमिक ट्रीटमेंट दिया है और वह इसे मनोरंजक बनाने में सफल हुए हैं। स्पर्म डोनेशन के साइंस और इंसानी जिंदगी के इमोशन्स को इस फिल्म में निर्देशक ने बिना किसी उलझन के पेश किया है। यह फिल्म दर्शकों को अपनी कहानी और मैसेज से इंप्रेस करता है। शुजित सरकार दर्शकों को बोर नहीं देते।



डायलॉग्स/सिनेमेटोग्राफी/म्यूजिक:
इस फिल्म के डायलॉग सिंपल हैं। इसमें पंजाबी और बंगाली कल्चर की बातों को मिक्स किया गया है। फिल्म में मधुर संगीत है। रम ह्विस्की, पानी दा रंग और शादी में बजने वाला पंजाबी म्यूजिक काफी इमोशनल है। इसमें जॉन अब्राहम का आइटम सॉन्ग भी है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी बेहतरीन है।



फिल्म क्यूं देखें:-
फिल्म में कोई बिग स्टार कास्ट नहीं है। फिर भी, यह फिल्म कई कसौटियों पर इतनी खरी उतरती हैं कि इस फिल्म को देखा जाना चाहिए।

सबसे पहली बात तो यह कि फिल्म में जिस विषय को उठाया गया है वह बिल्कुल नया है। स्पर्म डोनेशन के मुद्दे को भारत में बहुत कम लोग जानते हैं। ऐसे संजीदे विषय पर मनोरंजक फिल्म बनाने का चैलेंज डायरेक्टर ने लिया है।

सिनेमा की दूसरी खास बात है कि इसकी कॉमे़डी में ताजगी है। विकी का कॉमिक रोल इस गंभीर फिल्म को मनोरंजक बना देता है।

तीसरी खास बात यह है कि इस फिल्म में पंजाब और मेट्रो के कल्चर को दिखाया गया है और फिल्म में हमारे रियल लाइफ के आस-पास का माहौल सिल्वरस्क्रीन पर नेचुरल दिखता है।

चौथी खास बात यह कि इसमें जॉन अब्राहम का आइटम डांस है। जॉन इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं। एक बड़ा जाना-पहचाना चेहरा वही हैं।

पांचवीं खास बात यह कि दर्शकों के लिए आयुष्मान और यामी गौतम बिल्कुल नए हैं, लेकिन न्यूकमर्स होते हुए भी उन्होंने बेहतरीन एक्टिंग की है।

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