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गुमनामी की जिंदगी बिता रहा आमिर का ये भाई, बॉलीवुड छोड़ पहाड़ों में है रहता

मिस्टर परफेक्टनिस्ट के नाम से फेमस आमिर खान 14 मार्च को 53 साल के हो गए हैं।

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 12:02 AM IST
आमिर खान, पूरी फैमिली के साथ मंसूर खान। आमिर खान, पूरी फैमिली के साथ मंसूर खान।

मुंबई. मिस्टर परफेक्टनिस्ट के नाम से फेमस आमिर खान 14 मार्च को 53 साल के हो गए हैं। फिल्म 'होली'(1985) से डेब्यू करने वाले आमिर की पहली हिट सुपरहिट फिल्म 'कयामत से कयामत तक' थी। इस फिल्म से आमिर को उनके कजिन मंसूर खान ने रातोंरात स्टार बना दिया था। हालांकि वे खुद अब लंबे समय से फिल्मी दुनिया से गायब हैं। 1988 में 'कयामत...' से बतौर डायरेक्टर उन्होंने फिल्मों में एंट्री ली और 2008 में प्रोड्यूसर के तौर पर उन्होंने पहली और आखिरी फिल्म 'जाने तू...या जाने न' बनाई। लेकिन अब मंसूर इंडस्ट्री से गायब हो चुके हैं। साउथ इंडिया में चीज बनाने का बिजनेस कर रहे हैं मंसूर...

- मंसूर करीब 15 साल से तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के छोटे से कस्बे कुनूर में पहाड़ों पर रह रहे हैं और चीज बनाने का काम कर रहे हैं।
- चीज के बिजनेस के लिए मंसूर ने फिल्मों को क्यों छोड़ा? इस सवाल के जवाब में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया था कि, "यह अचानक लिया गया फैसला नहीं था। बल्कि बचपन से ही मैं ऐसा कोई बिजनेस करना चाहता था।"
- बकौल मंसूर, "पनवेल (मुंबई के पास) में हमारी कुछ जमीन थी, जिससे हमें काफी लगाव था। मैं और मेरी बहन वहां जाते थे और अपने हाथों से भिंडी के पौधे लगाया करते थे। मैं अब्रॉड से कॉर्नेल और MIT तक गया, लेकिन अंदर से खुश नहीं था।"
- "पापा (नासिर हुसैन) ने फिल्मों में आने की सलाह दी। तब भी मेरा मुख्य उद्देश्य जमीन के साथ जुड़े रहना था। फिल्में तो सिर्फ उस समय तक के लिए थीं, जब तक कि मुझे वह जिंदगी नहीं मिली, जैसी मैं जीना चाहता था।"
- "1979 से 1980 तक मैं कॉर्नेल और MIT में रहा और फिर MIT का आखिरी साल मैंने छोड़ने का फैसला लिया। उस वक्त अलीबाग के करीब हमारी कुछ जमीन थी। सरकार उस जमीन का अधिग्रहण एयरपोर्ट बनाने के लिए करना चाहती थी। तब मुझे भूमि अधिग्रहण और इसके अधिकारों के बारे में पता चला।"

आगे की स्लाइड्स में पढ़िए मंसूर खान की लाइफ से जुड़ी कुछ और रोचक बातें...

कुनूर से ऐसे हुआ अटैचमेंट

 

- मंसूर के मुताबिक, वे फिल्मों की शूटिंग के लिए कुनूर जाया करते थे। वहां उनके भांजे इमरान खान बोर्डिंग स्कूल से पढ़ाई कर रहे थे। तभी से उन्हें लगता था कि यह जगह उनके रहने के लिए सबसे उचित है।
- 2003-04 में उन्होंने यहां आना-जाना काफी ज्यादा कर दिया। कई दिन वे यहां रुकते। यहां पहले से ही मंसूर का एक फैमिली हाउस था।
- मंसूर कहते हैं, "जब मैं यहां आया तो कर्ज में डूबा हुआ था। पेरेंट्स की डेथ की वजह से डिप्रेशन में भी था। इसलिए मैंने दिल की सुनी और यहां आ गया। बॉलीवुड छोड़ना आसान काम था, क्योंकि इसे मैंने अपनी जिंदगी के गेप को भरने के लिए चुना था। जब मैं यहां आया तो शुरुआत में मेरे दोस्त सोचते थे कि मुझे अकेलापन अच्छा लगने लगा है।"

ये हैं मंसूर की फिल्में

 

- मंसूर ने बतौर डायरेक्टर 'कयामत से कयामत तक', 'जो जीता वही सिकंदर', 'अकेले हम अकेले तुम' और 'जोश' को डायरेक्ट किया। इनमें से सिर्फ 'जोश' को छोड़कर बाकी फिल्में उन्होंने कजिन आमिर खान के साथ की। 'जोश' के लीड एक्टर शाहरुख खान थे। 
- बतौर प्रोड्यूसर मंसूर की इकलौती फिल्म 'जाने तू या जाने न' है। भांजे इमरान खान को लेकर बनाई गई यह फिल्म सुपरहिट रही थी।

पूरी जगह को हरा-भरा कर दिया


- जब 2005 में मंसूर कुनूर शिफ्ट हुए थे, तब यहां हरियाली नहीं थी। उन्होंने यहां की 22 एकड़ जमीन को हरा-भरा कर दिया। 
- मंसूर यहां पत्नी टीना और बच्चों (जायन और पबोलो) के साथ रहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने यहां 7 एकड़ जमीन, 7 गाय और दो बकरियां खरीदकर अपना बिजनेस शुरू किया था।