सितारों के जन्मदिन

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दीवारों पर पोस्टर चिपकाने वाला लड़का ऐसे बना था सुपरस्टार, ये काम भी किया

एक इंटरव्यू के दौरान जैकी श्रॉफ ने बताया था कि बचपन में फिल्म रिलीज और इलेक्शंस का इंतजार किया करते थे।

Danik Bhaskar

Feb 01, 2018, 05:05 PM IST
मां के साथ जैकी श्रॉफ मुंबई के एक साधारण सी चॉल में रहते थे। मां के साथ जैकी श्रॉफ मुंबई के एक साधारण सी चॉल में रहते थे।

मुंबई. जैकी श्रॉफ 60 साल के हो गए हैं। 2 फरवरी 1958 को साउथ मुंबई के ग्रांट रोड स्थित एक साधारण सी चॉल में जयकिशन (जैकी) श्रॉफ का जन्म हुआ था। उनके पिता गुजराती थे, जबकि मां का मूल कजाकिस्तान का था। जैकी श्रॉफ की लाइफ की कई ऐसी बातें हैं, जिनके बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते होंगे। डालते हैं उनकी जिंदगी की ऐसी ही खास बातों पर एक नजर...

1. खुद कमाते थे पॉकेट मनी

- एक इंटरव्यू के दौरान जैकी श्रॉफ ने बताया था कि बचपन में फिल्म रिलीज और इलेक्शंस का इंतजार किया करते थे। ताकि दोस्तों के साथ दीवारों पर पोस्टर्स चिपका सके। दोपहर तक यह काम करने के बदले उन्हें चार आना मिला करता था। जैकी ने यह भी बताया था कि एक्स्ट्रा इनकम के लिए वे 15 अगस्त और 26 जनवरी पर उन लोगों के बीच जाकर मूंगफली और चना बेचा करते थे, जो परेड और झंडा वंदन के लिए आते थे। पूरे सप्ताह वे इन पैसों को बचाते थे और रविवार को चंदू हलवाई के यहां से जलेबी खरीदकर खाते थे।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें जैकी ने फिल्मों में आने से पहले और क्या-क्या काम किया...

एक्सपोर्ट कंपनी और ट्रैवल एजेंसी में भी किया जैकी ने काम। एक्सपोर्ट कंपनी और ट्रैवल एजेंसी में भी किया जैकी ने काम।

2. एक्सपोर्ट कंपनी में भी किया काम

 

- स्कूलिंग कंप्लीट करने के दो साल बाद जैकी श्रॉफ ने एक एक्सपोर्ट कंपनी में बतौर सुपरवाइजर काम किया। उस वक्त वे 19 -20 साल के रहे होंगे। यहां उनका काम कपड़ों के डिफेक्ट चैक करना हुआ करता था। हालांकि, तीन महीने बाद ही उन्होंने यह जॉब छोड़ दिया। क्योंकि उनके पिता ने उन्हें एक ट्रेवल एजेंसी में नौकरी दिलवा दी थी। जैकी श्रोफ के मुताबिक, उन्होंने ट्रैवल और टूरिज्म का क्रेश कोर्स किया हुआ था। इस वजह से उन्होंने यह जॉब प्रॉपर तरीके से कर लिया।

बतौर मॉडल भी काम कर चुके जैकी श्रॉफ। बतौर मॉडल भी काम कर चुके जैकी श्रॉफ।

3. किस्मत कभी भी खुल सकती है

 

- जैकी श्रॉफ के मुताबिक, जब वे ट्रैवल एजेंसी में काम करते थे, तब एक दिन स्टॉप पर बस का इंतजार कर रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि एक अजनबी उनकी ओर चला आ रहा है। उस अजनबी ने आकर जैकी से पूछा कि वे क्या करते हैं। जैकी ने अपनी जॉब प्रोफाइल बता दी। जब उस अजनबी ने उन्हें बताया कि उनके पास एक मार्केटिंग एजेंसी में जॉब है, अगर वे चाहें तो मॉडलिंग कर सकते हैं। उसने जैकी से फोटो क्लिक कराने को बोला और कहा कि वह इसके लिए उन्हें पैसा भी देगा। जैकी की मानें तो उन्हें अपनी किस्मत पर भरोसा नहीं हो रहा था। जैकी उस शख्स के साथ उनकी एडवरटाइजिंग एजेंसी में गए और फोटो सेशन पूरा किया। इसके साथ ही वे सक्सेसफुल मॉडल बन गए। उन्हें पहला विज्ञापन एलडी ओबरन का मिला था और इसके लिए उन्हें 7.5 हजार रुपए मिले थे।

फिल्म 'हीरो' के एक सीन में जैकी श्रॉफ। फिल्म 'हीरो' के एक सीन में जैकी श्रॉफ।

4. किस्मत ने ही बनाया जैकी को स्टार 

 

- जैकी की मानें तो उनकी तकदीर में स्टार बनना लिखा था। यही वजह है कि वे मूंगफली और चना बेचते-बेचते वे मॉडलिंग तक पहुंचे। जैकी ने एक इंटरव्यू में बताया था,"मैं एक्टिंग क्लास चलाने वालीं आशा चंद्रजी को जानता था। आशा मुझे मॉडल के रूप में जानती थीं। उन्होंने मुझे एक्टिंग में आने के लिए पुश किया। लेकिन मैंने इंटरेस्ट नहीं दिखाया। उनकी एक्टिंग क्लास में देव आनंद साहब के बेटे सुनील आनंद भी पढ़ा करते थे। एक दिन आशा ने मुझे सुनील की क्लास देखने के लिए बुलाया। मैं सुनील से मिला,क्योंकि मुझे पता था कि एक दिन वे मुझे अपने पापा से भी मिलवा सकते हैं। मैं देव साहब का बहुत बड़ा फैन रहा हूं। इसलिए मैंने सुनील से दोस्ती करने के चक्कर में आशा की एक्टिंग क्लास ज्वॉइन कर ली। एक दिन मेरी इच्छा पूरी हुई। देव साहब ने मुझे एक होर्डिंग पर देखा और उसी शाम सुनील ने मुझे उनसे मिलवाया।तब मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब उन्होंने अपनी फिल्म 'स्वामी दादा' (1982) में छोटा सा रोल ऑफर किया। यहीं से मेरे फ़िल्मी करियर की शुरुआत हुई।"
- बता दें कि 1982 में ही डायरेक्टर सुभाष घई ने जैकी श्रॉफ को अपनी फिल्म 'हीरो' के लिए मीनाक्षी शेषाद्री के अपोजिट साइन किया। यह फिल्म सुपरहिट रही और फिर जैकी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

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