सितारों के जन्मदिन

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Facts: जब हाथ-पैर बांध इस कुएं में फेंक दिए गए थे सलमान, ये थी वजह

सलमान का जन्म इंदौर के कल्याणमल नर्सिंग होम में 27 दिसंबर, 1965 को सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर हुआ था।

Danik Bhaskar

Dec 26, 2017, 12:03 AM IST
बचपन में मां की गोद में सलमान, नीचे वो कुआं जहां सलमान को रस्सी बांधकर फेंक दिया जाता था। बचपन में मां की गोद में सलमान, नीचे वो कुआं जहां सलमान को रस्सी बांधकर फेंक दिया जाता था।

एंटरटेनमेंट डेस्क। सलमान खान 52 साल के हो चुके हैं। उनका जन्म इंदौर के कल्याणमल नर्सिंग होम में 27 दिसंबर, 1965 को सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर हुआ था। अस्पताल के सुपरिनटेंडेंट डॉक्टर नीलेश दलाल ने सलमान के बर्थ रजिस्टर पर उस डेट को मार्क भी किया था। अपनी रिपोर्ट मे उन्होंने लिखा था- सलमा सलीम, निवासी ओल्ड पलासिया ने 27 दिसंबर को हुई डिलिवरी में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। बता दें कि सलमान को बचपन में तैराकी से डर लगता था। ऐसे में उन्हें एक बार रस्सी से बांधकर पड़ोस के कुएं में फेंक दिया जाता था। जब सलमान को बांधकर कुएं में फेंक दिया...


सलमान के क्लोज रिलेटिव्स के मुताबिक पहले वो बचपन में तैरने से काफी डरते थे। एक दिन उनकी बड़ी अम्मी ने सलमान को रस्सी से बांधा और पड़ोस के कुएं में फेंक दिया। यह सलमान के लिए स्विमिंग का पहला लेसन था। इसके बाद तो सलमान अक्सर इस कुएं में तैरने जाया करते थे। बचपन में उन्होंने यहीं स्विमिंग सीखी।


जन्म के वक्त 6.5 पौंड के थे सलमान...
जन्म के समय ही सलमान का वजन करीब 6.5 पौंड (करीब 3 किलो) था। सलमान जब ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में पढ़ते थे तो गर्मी की छुट्टियों में उनका फेवरेट डेस्टिनेशन इंदौर हुआ करता था। इस दौरान सलमान का ज्यादा से ज्यादा वक्त इंदौर की सड़कों पर साइकिल चलाने में ही बीतता था। इतना ही नहीं सलमान दोस्तों के साथ कच्चे आम (कैरियां) और जामुन तोड़ते थे और उन्हें नमक के साथ चटखारे लगाकर खाते थे। वैसे, सलमान से जुड़े ऐसे कई इंटरेस्टिंग किस्से हैं, जिन्हें जसीम खान की किताब 'बीईंग सलमान' में लिखा गया है। हम आपको बता रहे हैं इसी किताब में लिखे सलमान के बचपन से जुड़े कुछ मजेदार किस्से...


आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, सलमान के बचपन से जुड़े कुछ और Interesting किस्से...

इंदौर के दिनों में सलमान यही स्कूटर चलाते थे। इंदौर के दिनों में सलमान यही स्कूटर चलाते थे।

इंदौर की सड़कों पर स्कूटर दौड़ाते थे सलमान...

सलमान ने भले ही अलग-अलग शहरों के स्कूलों में पढ़ाई की हो, लेकिन हर साल हॉलिडे पर वो इंदौर जरूर आते थे। सलमान को दोपहर में इंदौर की सड़कों पर साइकिल और स्कूटर चलाना काफी अच्छा लगता था। इंदौर में ही सलमान ने घोड़ागाड़ी की लगाम पकड़ना सीखा। इतना ही नहीं शाम होते ही सलमान गन्ने के रस की दुकान (मधुशाला) पर पहुंच जाते थे। सलमान की आंटी सूफिया के मुताबिक वो खाने के बेहद शौकीन हैं। वो अक्सर मुझसे कहते थे-आंटी मेरे लिए खीर और कबाब बनाओ। सलमान के घर के आंगन में काफी पेड़ थे, जिनसे वो अक्सर फल तोड़-तोड़कर खाते थे।

 

सलमान के कजिन मुबीन खान और वह जीप जिसे चलाकर सलमान ने ड्राइविंग सीखी। सलमान के कजिन मुबीन खान और वह जीप जिसे चलाकर सलमान ने ड्राइविंग सीखी।

जब रेसिंग स्टंट के दौरान टूट गया था सलमान का हाथ...

सलमान के एक और कजिन मतीन खान के मुताबिक, हमारा बचपन कभी मजे में गुजरा। हम आसपास के गांवों में जीप से जाते थे और फिर वहां धूलभरे रास्तों पर बाइक स्टंट करते थे। इसके अलावा सलमान और हम लोग पेड़ पर चढ़कर ताजे फल खाते थे। एक बार हम इंदौर के पास बरदारी गांव में थे तो रेसिंग स्टंट के दौरान सलमान का हाथ टूट गया था। बरदारी गांव सलमान के घर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर है। ये वो जगह है जहां सलमान के सभी कजिन और दोस्त उन्हें खेलने के लिए अक्सर बुलाते थे। मुबीन के मुताबिक, कई बार हम लोग कीचड़भरे रास्तों पर जीप चलाते थे। एक बार तो जीप कीचड़ में फंस गई और फिर हम सबने मिलकर उसे धक्का लगाकर बाहर खींचा। बाद में कीचड़ से हमारे कपड़े खराब हो गए तो सभी ने एक कुंए में डुबकी लगाई और जमकर स्विमिंग की।

 

कल्याणमल नर्सिंग होम का वह कमरा, जहां सलमान पैदा हुए। कल्याणमल नर्सिंग होम का वह कमरा, जहां सलमान पैदा हुए।

सीढ़ियों पर साइकिल बैलेंस करते थे सलमान...
 

सलमान के अंकल नईम खान के मुताबिक, वो बचपन से ही दूसरे बच्चों से काफी अलग था। सलमान शरारती और जिद्दी था। अगर एक बार उसने तय कर लिया कि उसे ये करना है तो फिर वो किसी की नहीं सुनता था। बचपन से ही सलमान को स्टंट्स का शौक था। 12 साल की उम्र से ही वो 3 मीटर की छलांग लगाते थे। कई बार वो पथरीले रास्तों पर साइकिल चलाने और उसे सीढ़ियों पर चलाकर बैलेंस करने जैसे करतब करता था।

 
नर्सिंग होम के रजिस्टर में सलमान के जन्म का ब्योरा। नर्सिंग होम के रजिस्टर में सलमान के जन्म का ब्योरा।
पढ़ाई से ज्यादा खेलकूद में था ध्यान...

सलमान बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई के बजाय खेलने के शौकीन थे। यही वजह थी कि उनके पिता सलीम ने उन्हें पढ़ने के लिए देश के अच्छे स्कूलों में शुमार ग्वालियर के सिंधिया बोर्डिंग स्कूल में भेजा। हालांकि यहां कि हाई-प्रोफाइल कैम्पस भी सलमान को पढ़ने के लिए मोटिवेट नहीं कर पाया। आखिर में सलीम ने उन्हें मुंबई बुला लिया और बांद्रा के स्टैनिस्लास कॉन्वेंट हाईस्कूल में दाखिल करवा दिया।
मुंबई के बांद्रा में स्थित सलमान का स्कूल। मुंबई के बांद्रा में स्थित सलमान का स्कूल।
रिस्क लेने से डरते नहीं थे सलमान...

सलमान के साथी और उनके कजिन मुबीन खान के मुताबिक, सलमान जब स्टंट करने लगता तो फिर वह यह नहीं गिनता था कि कितनी बार हो चुका है। उसे तो बस स्टंट का जुनून सवार रहता था। कई बार स्टंट करते-करते हम दोनों की साइकिल भी टूट जाती थी। लेकिन बावजूद इसके सलमान कभी भी रिस्क लेने से नहीं घबराता था। इसके अलावा सलमान को डर्ट (धूलभरी) रोड पर जीप चलाने का भी बड़ा शौक था। सलमान को जंगल की लाइफ हमेशा से अट्रैक्ट करती थी। उन्हें दूरदराज के गांवों में जाकर बैलगाड़ी चलाने, गाय-भैंसों का दूध पीने का भी शौक था।
सलमान के बचपन के दोस्त दल्ला। सलमान के बचपन के दोस्त दल्ला।
दल्ला है सलमान के बचपन का दोस्त...

सलमान के बचपन के दोस्त 'दल्ला' इन दिनों बरदारी गांव में आज भी मजदूरी करते हैं। दल्ला के मुताबिक बचपन में मेरा निशाना अचूक था। मैं एक पत्थर से उड़ती चिड़िया को नीचे गिरा देता था। मेरी इसी खूबी की वजह से सलमान आज भी मुझे याद करते हैं। मैं पत्थर को नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक फेंकता था। सलमान को अब भी ये याद है कि कैसे मैं 'लग्जरी' शब्द को लजगरी बोलता था। सलमान की यही खूबी है कि वो अपने बचपन के दोस्तों को नहीं भूले हैं।
सलमान दूसरी कतार में बाएं, भाई अरबाज, सोहैल (बीच में) और बहन अलविरा के साथ। सलमान दूसरी कतार में बाएं, भाई अरबाज, सोहैल (बीच में) और बहन अलविरा के साथ।
जब दोस्त के साथ मस्ती के लिए पिकनिक ट्रिप छोड़ा...

सलमान के अंकल नईम खान के मुताबिक, सलमान जब 10 से 12 साल का था तो उसके स्कूल ने पिकनिक के लिए मांडव जाने का प्लान बनाया। सलमान ने अपने एक टीचर को पटाया और कहा- वह ट्रिप पर जाने से पहले अपने अंकल से मिलना चाहता है। टीचर को सलमान की इस बात पर संदेह हुआ तो वो भी उसके साथ इंदौर आ गए। हालांकि बाद में जब सलमान ने क्लियर कर दिया कि वो अब मांडू ट्रिप पर नहीं जा रहे हैं तो टीचर वापस चला गया। इसके बाद मैंने सलमान के पापा सलीम को फोन लगाकर बताया कि सलमान हमारे यहां आया है और वो मांडव ट्रिप पर नहीं जा रहा है। इसके बाद उन्होंने सलमान को काफी डांट लगाई लेकिन वो फिर भी पिकनिक पर नहीं गया।
बचपन में सलमान। बचपन में सलमान।
कई बार लड़कियों से छेड़खानी भी करते थे सलमान...

मुबीन के मुताबिक कई बार सलमान हंसी-मजाक में लड़कियों के साथ छेड़खानी भी करते थे। इतना ही नहीं सलमान लड़कियों को अपनी शरारतों से डराते थे। हालांकि वो ये सब मजाक और मस्ती के लिए ही करते थे। इतना ही नहीं सलमान की एक्टिंग स्टाइल भी इंदौर के दिनों में ही दिखने लगी थी। सलमान के एक और कजिन मतीन खान के मुताबिक, उन्होंने एक बार सलमान से पूछा कि वो एक्टिंग कैसे कर लेते हैं तो इस पर सलमान ने कहा- हम जिंदगी में जो भी महसूस और एन्जॉय करते हैं, बस उसे ही ऑनस्क्रीन पर उतारना है। मेरे जैसे लोग ऐसा करते हैं और आज की तारीख में वो स्टार हैं।
सिंधिया स्कूल, ग्वालियर के दिनों में सलमान पीछे (बीच में)। सिंधिया स्कूल, ग्वालियर के दिनों में सलमान पीछे (बीच में)।
स्कूल वाली सजा सलमान को घर पर भी मिलती थी...

सलमान बांद्रा स्थित स्टैनिस्लास कॉन्वेंट स्कूल में अक्सर एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटीज में पार्टिसिपेट करते थे। सलमान अपने स्कूल में काफी पॉपुलर थे लेकिन पढ़ाई नहीं बल्कि शरारतें करने के लिए। सलमान ने अपने एक इंटरव्यू में खुद कहा था कि उन्हें स्कूल में प्रैंक (बच्चों के साथ शरारत) के लिए कई बार मार पड़ चुकी है। जब सलमान के पेरेंट्स को पता चलता था कि उन्हें स्कूल में शरारत करने के लिए सजा मिली है तो फिर यही सजा उन्हें घर पर भी मिलती थी।
कल्याणमल नर्सिंग होम, जहां सलमान का जन्म हुआ। कल्याणमल नर्सिंग होम, जहां सलमान का जन्म हुआ।
इंदौर के पास बरादरी में सलमान का फॉर्म हाउस और उनके चचेरे भाई मतीन। इंदौर के पास बरादरी में सलमान का फॉर्म हाउस और उनके चचेरे भाई मतीन।
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