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6 दिन में 200 करोड़ के करीब पहुंची 'टाइगर', फिल्म में हुई हैं ऐसी Mistakes

सलमान खान और कैटरीना कैफ स्टारर फिल्म 'टाइगर जिंदा है' बॉक्सऑफिस पर जबर्दस्त कमाई कर रही है।

Danik Bhaskar | Dec 29, 2017, 12:02 AM IST

मुंबई. सलमान खान और कैटरीना कैफ स्टारर फिल्म 'टाइगर जिंदा है' बॉक्सऑफिस पर जबर्दस्त कमाई कर रही है। घरेलू बॉक्सऑफिस पर फिल्म महज 6 दिनों में 200 करोड़ के करीब पहुंच गई है। जहां इस फिल्म को क्रिटिक्स और फैन्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है तो वहीं, इसमें कई छोटी-छोटी गलतियां देखने को भी मिलती हैं। इस पैकेज में डालते हैं ऐसी ही कुछ मिस्टेक्स पर एक नजर:-

मिस्टेक नंबर 1

जब अबू उस्मान टाइगर और जोया को पकड़ लेता है तो फिर उसे डायरेक्ट गोली क्यों नहीं मारता। उसे बिल्डिंग के अलग कमरे में बांधकर क्यों निकल जाता है। जबकि इससे पहले एक सीन में वह वहां से भागने वाली एक नर्स को डायरेक्ट शूट करने का हुक्म देता है।

आगे की स्लाइड्स में जानिए ऐसी ही कुछ और मिस्टेक्स के बारे में...

मिस्टेक नंबर 2

 

जोया यानी कैटरीना कैफ सुबह उठती हैं। टाइगर उनके लिए नाश्ते में आमलेट बना रहा होता है। लेकिन जब जोया के कमरे में मौजूद घड़ी पर नजर डालते हैं तो पाते हैं कि उसमें 12.35 बज रहा है। सवाल उठता है कि क्या टाइगर और जोया लंच के टाइम पर ब्रेकफ़ास्ट करते हैं।

मिस्टेक नंबर 3

 

जब टाइगर जंगली भेड़ियों को मारने के लिए कुल्हाड़ी उठाता है तो वहां किसी के पैर दिखाई देते हैं। इससे स्पष्ट है कि टाइगर और उसके बेटे अलावा कोई और भी वहां था। लेकिन भेड़ियों से टाइगर अकेले ही संघर्ष करता है। 

मिस्टेक नंबर 4

 

एक अन्य सीन में अबू उस्मान ने टाइगर को कमरे में बांध दिया है। अबू उस्मान के आदमी मास्क लगाकर वहां आते हैं और टॉक्सिक गैस छोड़ देते हैं। लेकिन टाइगर न केवल अपने आप अपनी रस्सी खोल लेता है। बल्कि अपनी शर्ट को मुंह पर बांधकर खुद को बचा लेता है। टॉक्सिक गैस का उसपर कोई असर नहीं होता है। 

मिस्टेक नंबर 5

 

फिल्म के क्लाइमैक्स में अबू उस्मान जोया को जंजीरों से बांधकर निकल जाता है। टाइगर लाख कोशिश के बाद भी जंजीर को तोड़ नहीं पाता। इधर अमेरिका उसी बिल्डिंग पर बम बारी कर देता है। फिर भी आखिरी सेकंड में टाइगर जोया को वहां से निकाल लेता है। सोचने वाली बात है कि जो काम काफी कोशिश के बाद भी नहीं हुआ। वह अचानक, बम बारी होने के बाद एक सेकंड में कैसे हो गया और पूरी बिल्डिंग के धधकने के बाद भी टाइगर और जोया वहां से सुरक्षित कैसे निकल गए। 

मिस्टेक नंबर 6

 

इस सीन को देखने के बाद पता चलता है कि लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन ध्यान से देखें तो पाते हैं कि प्रदर्शनकारी दूसरी ओर देख रहे हैं, जबकि उनके बैनर्स का साइड बिलकुल अपोजिट है। गोले में मौजूद बैनर को ही देख लीजिए। प्रदर्शनकारियों के चेहरे के हिसाब से इसपर लिखा वाक्य We Want Freedom उल्टा दिखाई देना चाहिए था। 

मिस्टेक नंबर 7

 

इस सीन में जब इस आदमी को स्टूल लगता है तो वह दरवाजे के आगे आ गया होता है। लेकिन स्टूल लगने के बाद जब वह गिरता है तो दरवाजे के काफी पीछे होता है। 

मिस्टेक नंबर 8

 

एक अन्य सीन में टाइगर अपने घर के बाहर खड़ा दिखाई देता है और उसके पीछे दूर बर्फ में एक आदमी और कुत्ते को दिखाया गया है। लेकिन ध्यान से देखने पर पाते हैं कि उस आदमी और कुत्ते में कोई हलचल नहीं है। यानी कि डायरेक्टर ने फिल्म में असली बैकग्राउंड में सीनरी का इस्तेमाल किया है। 

मिस्टेक नंबर 9
 
फिल्म के एक सीन में टाइगर इधर-उधर मशीन गन चलाते हुए 30-40 लोगों को मार देता है। लेकिन उसे एक भी गोली छूकर तक नहीं निकलती। ऐसा लगता है, जैसे अबू उस्मान ने अपने आदमियों को होली चलाने की ट्रेनिंग ढंग से नहीं दी थी। 

मिस्टेक नंबर 10

 

अबू उस्मान ने अस्पताल को अपना बेस बना लिया है। वहां उसने 40 नर्सों को बंदी बनाकर रखा है। ऐसे में सलमान और उसके साथी जब इंजर्ड होकर ऐसे आते हैं, जैसे हॉलिडे मनाकर लौट रहे हों। इसपर अबू उस्मान को शक नहीं होता, बल्कि वह उन्हें सीधे अस्पताल में भर्ती करने की इजाजत दे देता है। इसके अलावा,  टाइगर पूरी प्लानिंग उसी अस्पताल में बिलकुल निडर होकर करता है। इतना ही नहीं, नर्सों को वहां पूजा पाठ करते भी दिखाया जाता है। सोचने वाली बात है कि जिस आतंकी संगठन (ISIS) पर बेस्ड यह कहानी है, वह इतना दयालू तो नहीं था कि उसके द्वारा बंधक बनाए लोग खुलेआम अपनी मर्जी के काम कर सकें।