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नाचना न आए और आंगन टेढ़ा

आज़ादी के पूर्व बनी फिल्मों में सारे नृत्य नायिकाओं द्वारा प्रस्तुत किए जाते थे।

Danik Bhaskar | Nov 06, 2017, 10:16 AM IST
आज़ादी के पूर्व बनी फिल्मों में सारे नृत्य नायिकाओं द्वारा प्रस्तुत किए जाते थे। भगवान दादा पहले अभिनेता थे, जिन्होंने नृत्य किया और उनके द्वारा प्रस्तुत नृत्य शैली से अनेक सितारा प्रभावित रहे। अमिताभ बच्चन पूरी तरह भगवान दादा से प्रेरित रहे हैं परंतु उस शैली में उन्होंने अपना कुछ योगदान भी दिया है। भगवान दादा की बनाई फिल्म ‘अलबेला’ अत्यंत सफल रही और उन्होंने अनेक सफल फिल्मों का निर्माण किया। भगवान दादा शराब नोशी भी नियमित करते रहे परंतु अनपढ़ होने के कारण वे अपने कमाए हुए धन का सही निवेश नहीं कर पाए। नतीजा यह दुआ कि सफलता के दौर के बाद ऐसा भी वक्त आया जब उन्हें झोपड़पट्‌टी में रहना पड़ा। कभी सफल नायक रहे भगवान दादा को जूनियर कलाकार की तरह भीड़ के दृश्य में खड़ा रहना पड़ा।
ज्ञातव्य है कि एक फिल्मकार के जीवन को प्रस्तुत करने वाली गुरुदत्त की फिल्म ‘कागज के फूल’ के क्लाइमैक्स में नायक जूनियर कलाकार की भूमिका कर रहा है और किसी दौर में उसके द्वारा प्रस्तुत की गई नायिका बढ़ी हुई बेतरतीब दाढ़ी के बावजूद उसे पहचान लेती है। वह दूर भाग खड़ा होता है और नायिका उसके पीछे दौड़ रही है परंतु उसे प्रशंसक घेर लेते हैं और वह अपने गुरु को फिर खो देती है। इस दृश्य में गहरी बात यह बात है कि लोकप्रियता आपके पैरों को जंजीरों से जकड़ लेती हैं।
चंद्रशेखर नामक अभिनेता ने पश्चिम की नृत्य कला के एक रूप को केंद्र में रखकर ‘चा चा चा’ फिल्म बनाई थी। इसी सफलता को दोहराते हुए उन्होंने बहुत घाटा भी सहा। शांतारामजी ने शास्त्रीय नृत्य से प्रेरित ‘झनक झनक पायल बाजे’ बनाई, जिसमें गोपीकृष्ण को उनकी नृत्य में प्रवीणता के कारण नायक लिया गया। गोपीकृष्ण ने कई फिल्मों में नृत्य निर्देशन भी किया। हमारे अधिकांश नृत्य निर्देशक दक्षिण भारत से आए हैं। दक्षिण भारत में भरतनाट्यम का प्रशिक्षण देना अत्यंत लोकप्रिय है। उसी मंच से वैजयंतीमाला, वहीदा रहमान, पद्‌मिनी इत्यादि नायिकाओं ने शिखर स्थान प्राप्त किया। त्रावणकोर सिस्टर्स के नाम से पहचानी जाने वाली बहनों में पद्‌मिनी व रािगनी ने फिल्मों में अभिनय किया। पद्‌मिनी को पहला अवसर अशोक कुमार ने दिया था और उन्हीं की शूटिंग देखने पहुंचे राज कपूर ने पद्‌मिनी को अपनी फिल्म ‘जिस देश में गंगा बहती है’ में लिया। नरगिस नृत्य में प्रवीण नहीं थीं। अत: अपने नौ वर्ष के साथ में दोनों ने सतरह फिल्में अभिनीत की परंतु उनमें अलगाव होते ही राज कपूर ने पद्‌मिनी और वैजयंतीमाला के साथ फिल्में की जिनमें नृत्य दृश्य फिल्माए गए। मास्टर हीरालाल और पीएल राज अत्यंत प्रसिद्ध नृत्य निर्देशक हुए हैं।
यह अजीब बात है कि प्राय: नृत्य निर्देशक मोटे जाते थे परंतु मोटापे के बावजूद वे अपनी चपलता कायम बनाए रहे। राज सिप्पी की फिल्म ‘सत्ते पे सत्ता’ में अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी ने कोसाक शली का एक बढ़िया नृत्य प्रस्तुत किया था। यह फिल्म हॉलीवुड की ‘सेवन ब्राइड्स फॉर सेवन ब्रदर्स’ से प्रेरित भी परंतु इस फिल्म में एक अपराध कोण का समावेश भी किया गया था। हेमा मालिनी ने अभिनय की लंबी पारी खेली और बाद में नृत्य प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की। उनकी नृत्य नाटिका ‘दुर्गा’ अत्यंत लोकप्रिय हुई।
मध्यप्रदेश सरकार दिसंबर में खजुराहो में एक उत्सव का आयोजन कर रही है। इस तरह के उत्सव में हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका का भी प्रस्तुतीकरण किया जाना चाहिए। ज्ञातव्य है कि खजुराहो के मंदिर एक अंग्रेज शिकारी ने खोज निकाले थे। मिट्‌टी से ढंके मंदिर दिखाई ही नहीं देते थे और अपने इतिहास के प्रति लापरवाह हम लोगों ने उन्हें खोजने का प्रयास नहीं किया। खजुराहों में सतरह मंदिर 1000 में बनाए गए थे। इन मंदिरों की बाहरी दीवारों पर प्रेम की छवियां अंकित है परंतु उनमें अश्लीलता देखना हमारी अपनी कमतरी है। शांताराम ने ‘गीत गाया पत्थरों ने’ में चट्‌टानों पर कलाकृति रचने वाले नायक की कथा प्रस्तुत की जिसे उनकी ‘झनक झनक पायल बाजे’ की ही अगली कड़ी कहा जा सकता है।
यूरोप के महान शिल्पकार एवं पेंटर माइकल एंजिलो का अपनी बनाई कृति के बारे में कथन है कि उस चट्‌टान में एंजिल की छवि सदियों से मौजूद थी और उन्होंने केवल उस चट्‌टान से उन हिस्सों को हटा दिया है, जो कलाकृति को ढंके हुए थे। शिल्पकार चट्‌टान के भीतर छिपी हुई कलाकृति को देख पाता है, जिसे सामान्य व्यक्ति नहीं देख पाता। अजंता की गुफाओं की महान कृतियां शिल्पकारों की कई पीढ़ियों ने गढ़ी है। एक पीढ़ी द्वारा छोड़ा गया काम अगली पीढ़ी ने आगे बढ़ाया और उस महान शिल्पकारों में किसी ने भी अपना नाम उन पत्थरों पर अंकित नहीं किया यही बात सिद्ध करती है कि वे अपनी कला के लिए समर्पित थे और उनके माध्यम से स्वयं को अमर-अजर नहीं कर रहे थे।