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बड़े शहर के छोटे कस्बों में रिश्तो के उतार चढ़ाव को दिखाती है '3 स्टोरीज'

डायरेक्टर अर्जुन मुखर्जी की फिल्म 3 स्टोरीज शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई हैं।

Danik Bhaskar

Mar 09, 2018, 09:33 AM IST
क्रिटिक रेटिंग 3 /5
स्टार कास्ट शरमन जोशी ,पुलकित सम्राट, रेणुका शहाणे, मसुमेह मखीजा ,रिचा चड्ढा ,आयशा अहमद, अंकित राठी , दधि पांडे
डायरेक्टर अर्जुन मुखर्जी
प्रोड्यूसर एक्सेल एंटरटेनमेंट, बी फोर यू
संगीत क्लिंटन सेरेजो
जॉनर थ्रिलर ड्रामा

डायरेक्टर अर्जुन मुखर्जी की फिल्म 3 स्टोरीज शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई हैं। जब से 3 स्टोरीज फिल्म का ट्रेलर आया है तब से सभी के जहन में एक ही सवाल है कि आखिरकार इसकी कहानी क्या है किस तरह से अलग तरह की कास्टिंग इस फिल्म में रखी गई है सबके लुक काफी डिफरेंट लग रहे हैं तो आखिरकार माजरा क्या है? आइये पता करते हैं कैसी बनी है यह फिल्म।

कहानी
कहानी की शुरुआत मुंबई के माया नगर इलाके से होती है जहां पर एक घर खरीदने के लिए सुदीप (पुलकित सम्राट) आता है जिसकी मुलाकात वहां रहने वाली फ्लोरी (रेणुका शहाणे) से होती है। वो अपना घर बेचना तो चाहती है लेकिन उसके पीछे कुछ शर्तें भी रखती है जिन शर्तों को सुदीप मानने में थोड़ा झिझकता भी है, उसी बीच उसी सोसायटी के दूसरे माले पर वर्षा (मसुमेह मखीजा ) रहती है जिसके जीवन की अपनी कहानी है जब वह शंकर (शरमन जोशी) से बेइंतेहा प्यार करती थी लेकिन किन्ही कारणों से उसकी शादी किसी और से हो गई। तो वर्षा की जिंदगी में क्या उतार-चढ़ाव आए यह बातें भी सामने आती है। वहीं दूसरी तरफ उसी सोसाइटी की रहने वाली मालिनी (आयशा अहमद) वही के किराने की दुकान चलाने वाले रिजवान (दधि पांडे) के बेटे सुहेल ( अंकित राठी ) से प्यार करती है. लेकिन यह प्यार दोनों के घर वालों को बिल्कुल ना पसंद है। अब क्या सुदीप को घर मिल पाता है ,वर्षा की जिंदगी की क्या कहानी है और सुहेल और मालिनी का प्यार मुकम्मल हो पाएगा ? यह तीनों कहानियां जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।


डायरेक्शन
फिल्म का डायरेक्शन , रीयल लोकेशन के साथ बहुत बढ़िया है, सिनेमेटोग्राफी और फिल्म की एडिटिंग भी अच्छी है. डायरेक्टर अर्जुन मुखर्जी ने बड़े ही अच्छे तरीके से एक सोसाइटी में होने वाली हलचल को दर्शाया है और वहां की कहानी को अपने अंदाज में पिरोकर दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की है। फिल्म की कहानी तो अच्छी है लेकिन उसे बताने में काफी वक्त फिल्ममेकर की तरफ से लगाया गया है और यह वक्त अगर कम किया जाता तो फिल्म और भी क्रिस्प हो जाती और आप को बांधे रखने में सक्षम हो पाती। फिल्म की एक खास तरह की ऑडियंस है जो इसे पसंद कर पाएगी और यही कारण है कि यह मास फिल्म में होकर के क्लास फिल्म कहलाएगी। फिल्म का क्लाइमेक्स भी शायद सबको पसंद ना आए क्योंकि वह काफी हटकर है।

स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस
क्योंकि सबसे अच्छी बात उसकी कास्टिंग है जिसमें रेणुका शहाणे काफी अलग अंदाज में दिखाई देती हैं जैसा कि आपने ट्रेलर में भी देखा होगा और वह जिस तरह से अपनी भाषा पर नियंत्रण रखती हैं वह बात काफी काबिले तारीफ है वहीं दूसरी तरफ उनकी सम्राट ने भी अच्छा अभिनय किया है शर्मन जोशी के साथ-साथ मसुमेह मखीजा ,अंकित राठी और आयशा खान ने भी अच्छा काम किया है। दधि पांडे के साथ-साथ बाकी और भी किरदारों ने सहज अभिनय किया है। फिल्म में बाल कलाकारों ने भी डायरेक्टर के द्वारा बताए गए संकेतों के हिसाब से अच्छा काम किया है. वैसे तो रिचा चड्ढा इस फिल्म में कैमियो करती हुई नजर आती है लेकिन किरदार में पूरी तरह से दिखाई देती हैं।


म्यूजिक
फिल्म का संगीत ठीक-ठाक ही है और जब वह फिल्म के दौरान आता है तो रफ्तार को कमजोर भी करता है एक-दो हिट गाने होते तो शायद दर्शकों का रुझान और बढ़ता।

देखें या नहीं
रेणुका शहाणे, शरमन जोशी के अच्छे अभिनय और बढ़िया कहानी के लिए एक बार जरूर देख सकते हैं. यह एक कमर्शियल या मसाला फिल्म नहीं है लेकिन इसकी एक खास तरह की ऑडियंस है, जो देखने जरूर जाएगी

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