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Movie Review: 'डर @ द मॉल'

फिल्मी फ्राइडे पर रिलीज हुई 'डर @ द मॉल', फिल्म में डर जैसा कुछ नहीं

Dainik Bhaskar

Feb 21, 2014, 02:37 PM IST
Movie Review: Darr @ the Mall

‘रागिनी MMS’ जैसी हिट हॉरर फिल्म का निर्देशन कर चुके पवन कृपलानी की एक और हॉरर फिल्म ‘डर @ द मॉल’ इस फिल्मी फ्राइडे रिलीज हो गई है। ‘रागिनी MMS’ के मुकाबले पवन की यह हॉरर फिल्म कहीं भी नहीं ठहरती। फिल्म का नाम ‘डर @ द मॉल’ जरूर है, लेकिन पूरी फिल्म को देखकर जरा भी डर का एहसास नहीं होता है। फिल्म की स्टोरी, निर्देशन और कलाकारों का अभिनय फिल्म में जान नहीं डाल सका है।

कहानी:

‘डर @ द मॉल’ फिल्म की कहानी एमिटी मॉल की है, जहां एक के बाद एक कर्मचारियों की मौत के चलते मॉल को भूतिया मॉल करार देकर बंद कर दिया जाता है। वहीं, मॉल के मालिकों का मानना है कि इस मॉल में कोई भूत नहीं है और वह फिर से मॉल को लॉन्च करना चाहते हैं। मॉल के मालिक मॉल की सिक्युरिटी का जिम्मा विष्णु (जिमी शेरगिल) को देते हैं।

विष्णु के मॉल में आने के बाद भी यहां कुछ नहीं बदलता और हादसे होते रहते हैं। मॉल को दोबारा लॉन्च करने के लिए मॉल के मालिक एक पार्टी रखते हैं, लेकिन इस पार्टी में मॉल के एक मालिक की मौत हो जाती है, जबकि मॉल के दो शेयर होल्डर्स और उनके बच्चे सिक्युरिटी हेड विष्णु के साथ मॉल में ही फंस जाते हैं। इसके बाद मॉल में मौजूद आत्माएं एक-एक करके इन लोगों को मारना शुरू करती हैं, लेकिन ये आत्माएं कौन हैं? ये मॉल के मालिकों से किस बात का बदला ले रही हैं? जिमी शेरगिल से इनका क्या वास्ता है? इन आत्माओं से मॉल की क्या कहानी जुड़ी है? ये जानने के लिए आपको ‘डर @ द मॉल’ को देखने के लिए सिनेमाघर का रुख करना होगा।

एक्टिंग: फिल्म में एक्टिंग की बात करें, तो यहां जिमी को छोड़कर बाकी कलाकारों का अभिनय बेअसर रहा है। हालांकि, इस फिल्म में जिमी की एक्टिंग में भी वो बात नजर नहीं आई, जिसके लिए वह पहचाने जाते हैं, लेकिन हॉरर फिल्म के हिसाब से उन्होंने कुछ अच्छा करने की कोशिश की है। जिमी के अलावा सिर्फ नुसरत बारुचा का अभिनय ही थोड़ा ठीक-ठाक है।

निर्देशन: फिल्म का निर्देशन पवन कृपलानी ने किया है। उन्होंने फिल्म के एक-एक सीन में सस्पेंस डालने और उस सस्पेंस को लगातार बनाए रखने के लिए काफी मेहनत की है, लेकिन वह उसमें सफल नहीं हो सके हैं। फिल्म की कहानी के साथ उनका डायरेक्शन उलझा हुआ नजर आता है। कलाकारों को पर्दे पर अच्छे तरीके से पेश करने और फिल्म में डर लाने में भी पवन नाकामयाब रहे हैं।

म्यूजिक: शंकर-एहसान-लॉय ने फिल्म में म्यूजिक दिया है, लेकिन इनका म्यूजिक फिल्म में हॉरर टच नहीं ला सका है। फिल्म के गाने भी कुछ खास नहीं है। जब आप सिनेमाघर से बाहर निकलेंगे, तो शायद फिल्म का कोई गाना आपकी जुबां पर नहीं होगा।

कुला मिलाकर कहा जाए तो ‘डर @ द मॉल’ फिल्म में देखने जैसा कुछ भी नहीं है। हां, अगर आप सिर्फ हॉरर फिल्म के नाम पर फिल्म को देखना चाहते हैं, तो इसे देख सकते हैं, लेकिन इस फिल्म को देखते हुए आपको जरा भी डर नहीं लगने वाला है।

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