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Movie Review: आउटडेटेड लव स्टोरी है 'दो लफ्जों की कहानी' / Movie Review: आउटडेटेड लव स्टोरी है 'दो लफ्जों की कहानी'

RJ Alok

Jun 10, 2016, 09:00 AM IST

साल 2011 में आई कोरियन फिल्म 'ऑलवेज' से प्रेरित होकर सबसे पहले कन्नड़ भाषा में 'बॉक्सर' फिल्म बनाई गई और अब डायरेक्टर दीपक तिजोरी ने इसी पर बेस्ड फिल्म 'दो लफ्जों की कहानी' डायरेक्ट की है।

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क्रिटिक रेटिंग 2/5
स्टार कास्ट रणदीप हुड्डा, काजल अग्रवाल
डायरेक्टर दीपक तिजोरी
प्रोड्यूसर
पेन इंडिया, धीरज शेट्टी,
अविनाश राय, दीपक तिजोरी
म्यूजिक डायरेक्टर
अर्जुना हरजाई, बबली हक,
अंकित तिवारी, अमाल मलिक
जॉनर रोमांटिक
कहानी
'दो लफ्जों की कहानी' सूरज (रणदीप हुड्डा) और जेनी (काजल अग्रवाल) की लव-स्टोरी है। मलेशिया की रहने वाली ब्लाइंड लड़की जेनी से सूरज को प्यार हो जाता है। सूरज एक वक्त मशहूर एमएमए फाइटर हुआ करता था, जिसे पूरा मलेशिया स्टॉर्म के नाम से जानता था। लेकिन कुछ कारणों से वह फाइट छोड़ देता है। फिर कई सारी घटनाओं के बीच जेनी की खातिर वो एक बार फिर से एमएमए ज्वाइन करता है। क्या इस बार वह जीत पाएगा? जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

डायरेक्शन
बतौर एक्टर इंडस्ट्री में मशहूर हुए दीपक तिजोरी ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया है। दीपक तिजोरी ने अच्छा डायरेक्शन किया है। मलेशिया की वादियों को कैमरे में बखूबी कैप्चर किया है। लेकिन कहानी काफी आउटडेटेड-सी लगती है। कहानी पर और भी काम किया जा सकता था। एक वक्त के बाद फिल्म की रफ्तार भी बोर करने लगती है।

एक्टिंग
रणदीप हुड्डा ने किरदार के हिसाब से बेहतरीन काम किया है और फिल्म के दौरान उनका ट्रांसफॉर्मेशन भी दिलचस्प लगता है। वहीं, काजल अग्रवाल ने एक ब्लाइंड लड़की के किरदार को बेहतरीन तरीके से पर्दे पर निभाया है।

म्यूजिक
फिल्म के गाने 'जीना सिखा दिया' और 'कुछ तो है' अच्छे हैं। इनका बैकग्राउंड स्कोर भी ठीक-ठाक है।
देखें या नहीं?
यदि आप रणदीप हुड्डा और काजल अग्रवाल के फैन हैं तो बेशक इसे देखें। अगर नहीं तो टीवी पर आने का इंतजार करें!

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