विज्ञापन

Movie Review: 'फाइंडिंग फैनी'

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2014, 11:06 AM IST

'फाइंडिंग फैनी' की कहानी गोवा के पांच दिलचस्प लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है। पांचो एक लड़की फैनी को ढूंढऩे के लिए साथ में यात्रा पर निकलते हैं।

Movie Review: Finding Fanny
  • comment
'फाइंडिंग फैनी' के प्रोमो और ट्रेलर देखकर ही आपको अंदाजा हो गया होगा कि यह कमर्शियल फिल्म नहीं है, जहां कारें हवा में उड़ती हुई दिखें, गोलियों का शोर हो और हीरो कइयों को अपनी किक से ही हवा में उड़ा दे रहा हो। यह बात हम भी सिनेमाहॉल में घुसने से पहले अच्छी तरह से जानते थे और जब हम फिल्म देखकर बाहर निकले तो संतुष्ट थे।
होमी अदजानिया की फिल्मों की खूबसूरती यही होती है कि किरदारों के पॉपुलर नामों के बावजूद भी आपका फोकस कहानी के पात्रों से इधर-उधर नहीं भटकता है। लीड कैरेक्टर की डिफरेंट लाइव्स को खूबसूरती से बुना गया है और स्क्रीनप्ले को इतने मजेदार ढंग से लिखा गया है कि बस आप गेस ही कर सकते हैं कि कहानी किरदारों के साथ कहां जाएगी।
कहानी:
एंजी (दीपिका पादुकोण) एक विधवा है। उसके पति की मौत उसकी शादी के दिन ही हो जाती है। वह फ्रेडी (नसीरुद्दीन शाह) की मदद एक लड़की को ढूंढने में करना चाहती है, जिसका नाम फैनी है। फ्रेडी जो 46 साल का हो चुका है, फैनी के इंतजार में शादी ही नहीं करता। एंजी फैनी को ढूंढने के लिए अपनी दंभी विधवा सास रोजी (डिंपल कपाडिय़ा) और एक मशहूर पेंटर डॉन पेड्रो (पंकज कपूर) की मदद भी लेती है। चारों फैनी को ढूंढने की तैयारी करते हैं और इस यात्रा में उनके साथ सेवियो डी गामा (अर्जुन कपूर) भी शामिल हो जाता है। सेवियो फैनी को ढूंढने के लिए इनके साथ इसलिए हो लेता है, क्योंकि वह एंजी से प्यार करता है। इसके बाद की कहानी फैनी को ढूंढने और इन पांचो की यात्रा को लेकर है। इस जर्नी में कई मजेदार मोड़ भी आते हैं, जो कहानी के रोमांच को बरकरार रखते हैं।

क्या 'फाइंडिंग फैनी' कॉमेडी फिल्म है?
डायरेक्टर होमी अदजानिया ने बेहद कलात्मक ढंग से अपनी फिल्म के मुख्य पात्र की वास्तविकता पेश की है। फिल्म की थीम कॉमेडी नहीं है, लेकिन किरदारों के बीच संवाद और घटनाएं सीन-दर-सीन हास्य जरूर पैदा करते हैं।
फिल्म का स्टार कौन है?
दीपिका पादुकोण, नसीरुद्दीन शाह, अर्जुन कपूर, पंकज कपूर और डिंपल कपाड़िया ने बहुत शानदार अभिनय किया है। फिल्म के कलाकारों का दमदार अभिनय ही इसकी ताकत भी है। हालांकि, हम फिल्म के स्टार के तौर पर नसीरुद्दीन शाह को चुनेंगे। नसीर का काम लाजवाब है।
क्या यह फिल्म मास ऑडियंस के लिए है?
यह एक ऑफबीट फिल्म है, इसलिए इस फिल्म को देखने जाने से पहले 'सिंघम रिटर्न्स' और 'किक' जैसी दूसरी फिल्मों की कल्पना भी न करें। इसके अलावा, फिल्म की भाषा भी एक बड़े वर्ग के लिए बैरियर का ही काम करेगी, क्योंकि पूरी फिल्म में संवाद इंग्लिश में ही ज्यादा हैं। प्रोड्यूसर्स फिल्म का हिंदी वर्जन भी रिलीज कर रहे हैं, जो शायद ऑडियंस के बड़े हिस्से को अट्रैक्ट कर सके।
क्यों देखें?
यदि आपको ऑफबीट सिनेमा पसंद हो और आपको 'लंच बॉक्स' और 'शिप ऑफ थीसियस' जैसी फिल्में देखना अच्छा लगता हो तो फिर 'फाइंडिंग फैनी' इस वीकएंड आपकी ट्रीट है। बॉलीवुड मसाला फिल्मों के दीवानों के लिए यह फिल्म नहीं है।

X
Movie Review: Finding Fanny
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन