विज्ञापन

Movie Review: 'गैंग ऑफ घोस्ट्स'

Dainik Bhaskar

Mar 21, 2014, 01:31 PM IST

पैरानॉर्मल कॉमेडी फिल्म ‘गैंग ऑफ घोस्ट्स’ इस फिल्मी फ्राइडे पर रिलीज हो गई है।

Movie Review: Gang of Ghosts
  • comment

सतीश कौशिक की यह मल्टीस्टारर फिल्म गोल-गोल घुमाती है। इस फिल्म में भूतों की टोली है, लेकिन इस टोली का काम डराना नहीं, बल्कि हंसाना है। फिल्म में भूतों के दर्द और उन पर हो रहे अत्याचार को दिखाया गया है। भूतों का ये दर्द दर्शकों को खूब गुदगुदाता है। फिल्म में वो बात नहीं है, जैसा सतीश कौशिक की अन्य फिल्मों में देखने को मिलता रहा है। फिल्म के ज्यादातर स्टार्स ने घोस्ट का रोल ही प्ले किया है।

फिल्म की कहानीः

फिल्म की कहानी मिल और वहां बने रॉयल मेंशन से शुरू होती है। यह वही मेंशन है जहां भूतों की टोली रहती है। यहां एक डायरेक्टर फिल्म बनाने के लिए आता है। इस डायरेक्टर से एक स्ट्रगलिंग राइटर राजू (शरमन जोशी) मिलता है, वो चाहता है कि उसकी स्टोरी पर डायरेक्टर साहब फिल्म बनाए। पहले तो डायरेक्टर राजू की स्टोरी सुनने के लिए राजी नहीं होता, लेकिन बाद में राजू उसे अपनी स्टोरी को सुनाने के लिए राजी कर ही लेता है।

राजू की स्टोरी में ही पूरी फिल्म चलती रहती है। राजू, डायरेक्टर को उन भूतों की कहानी सुनाता है, जिनके पास रहने के लिए जगह नहीं है। ये भूत बहुत परेशान हैं। ये भूत एक दिन रॉयल मेंशन के मालिक राय बहादुर गेंदामल (अनुपम खेर) के यहां पहुंच जाते हैं, जो खुद एक भूत है। गेंदामल को उसके मिल के मजदूर किसी वजह से मार देते हैं, जिसके बाद से वो भूत बनकर अपने रॉयल मेंशन में ही रहता है। वहीं, कहीं जगह न मिलने के चलते इधर-उधर भटकने वाले कई भूत गेंदामल के घर में ही रहना चाहते हैं। अब इतने भूतों को गेंदामल कैसे रखें, इसके लिए वह उनका इंटरव्यू लेता है और फिर उनके दर्द को सुनते हुए कुछ को अपने घर में रहने की जगह दे देता है। इसी तरह गेंदामल के मेंशन में भूतों की एक बड़ी टोली रहने लगती है।

घर में रहने के बाद हर भूत मस्त हो जाता है और अपनी जिंदगी को एन्जॉय करता है, लेकिन एक बिल्डर उस घर को तोड़कर मॉल बनाना चाहता है, जिससे सारे भूत एक बार फिर जगह छिनने के चलते परेशान होने लगते हैं। इस फिल्म में राजू का रोल प्ले कर रहे शरमन को लेकर भी एक रहस्य है, जो फिल्म के आखिर में पता चलता है। अब ये रहस्य क्या है और क्या वो बिल्डर भूतों के घर को तोड़कर मॉल बना पाता है या नहीं, इसे जानने के लिए आपको सिनेमाघर का रुख करना पड़ेगा।

एक्टिंगः

फिल्म में एक्टिंग की बात करें, तो फिल्म के सभी स्टार्स ने ठीक-ठाक अभिनय किया है। फिल्म की कहानी कमजोर है, जिसके चलते अनुपम खेर, असरानी और माही गिल जैसे एक्ट्रेस भी कुछ खास नहीं कर पाए हैं। गेंदामल के रोल को अनुपम ने थोड़ा खास बनाया है। फिल्मों में ग्लैमर का तड़का लगाने वाली माही ने इस फिल्म में मनोरंजना बन दर्शकों को हंसाने की कोशिश की है, जिसमें वह कुछ हद तक कामयाब भी रही हैं। फिल्म के एक सीन में उनका ग्लैमरस अवतार भी देखने को मिलता है। इन दोनों स्टार्स के अलावा सौरभ शुक्ला ने बंगाली भूतनाथ के किरदार को अच्छे से निभाया है। वहीं फिल्म में राजपाल यादव, असरानी, यशपाल शर्मा, चंकी पांडे और जैकी श्रॉफ जिस भी सीन में नजर आए हैं, उन्होंने हंसाने की कोशिश की है।

निर्देशन:

सतीश कौशिक की इस फिल्म में कई स्टार्स हैं। उन्होंने हर स्टार को फिल्म में अभिनय करने के लिए बराबर का मौका दिया है, जिसके लिए उनकी तारीफ करनी होगी, लेकिन फिल्म की स्टोरी उनके निर्देशन को सफल नहीं होने देती है। जी हां, फिल्म की स्टोरी फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है। सतीश कौशिक ने दर्शकों को ज्यादा हंसाने के चक्कर में इतने भूत भर दिए हैं कि वह सिर्फ भेजाफ्राई ही करते हैं। फिल्म का कोई भी एक कैरेक्टर फिल्म में जान नहीं डाल पाता है।

म्यूजिक:

फिल्म की कहानी की तरह फिल्म का म्यूजिक भी कुछ खास नहीं है। हर गाने की अजीब सी टोन है। हालांकि, फिल्म के गाने आपको हंसा जरूर सकते हैं, लेकिन आपकी जुबान पर चढ़ नहीं सकते। फिल्म में मसाले के लिए आइटम नंबर भी रखा गया है, लेकिन यह आइटम नंबर भी धमाकेदार नहीं है।

क्यों देखें फिल्म:

अगर आपके पास ज्यादा समय है और आप कोई ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं, जो बिना किसी स्टोरी के आपको थोड़ा गुदगुदाए, तो आप ‘गैंग ऑफ घोस्ट्स’ देखने जा सकते हैं। हां, अगर आप फिल्म में अच्छी स्टोरी के साथ कलाकारों का अच्छा अभिनय की देखने की ख्वाहिश रखते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए नहीं है।

X
Movie Review: Gang of Ghosts
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन