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Movie Review: 'जल' / Movie Review: 'जल'

dainikbhaskar.com

Apr 04, 2014, 02:01 PM IST

इस फिल्मी फ्राइडे गिरीश मलिक डायरेक्टेड फिल्म ‘जल’ रिलीज हो चुकी है।

Movie Review: Jal
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फिल्म लीक से हटकर है, इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि 'जल' दर्शकों की उस क्लास के लिए है, जो हॉल में सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए नहीं जाते। इस क्लास के दर्शकों की कसौटी पर फिल्म शायद खरी उतर सकती है।

‘जल’ का कॉन्सेप्ट अच्छा है, लेकिन फिल्म में कोई बड़ा स्टार नहीं है, जो फिल्म का सबसे वीक प्वाइंट है। फिल्म में पूरब कोहली, राहुल देव, तनिष्ठा चटर्जी और यशपाल शर्मा समेत कुछ और सितारे हैं, जिनके नाम पर फिल्म का सफल होना काफी मुश्किल है।

कहानीः

फिल्म ‘जल’ में दो कहानियां एक साथ चलती हैं। इनमें एक कहानी है विदेशी मैडम किम (साइदा जूल्स) की, जो गुजरात के बंजर और नमक से भरे रण कच्छ के पास गांव से सटी झील में पक्षियों को बचाने के लिए रिसर्च करती हैं। वहीं, दूसरी कहानी है झील के पास बसे दो ऐसे गांवों की, जो एक-दूसरे के दुश्मन हैं।

‘जल’ में विदेशी मैडम किम इस बात पर रिसर्च करती हैं कि यहां पक्षी क्यों मर रहे हैं। किम का गाइड रामखिलारी (यशपाल शर्मा) है। किम को अपने प्रोजेक्ट में जो भी जरूरत होती है, रामखिलारी उसे पूरा करता है। किम को अपनी रिसर्च के बाद पता चलता है कि समुद्र पार करते समय इन अप्रवासी पक्षियों के पंखो में नमक चिपक जाता है। इस वजह से यहां आकर पक्षियों और उनके बच्चों की मौत हो जाती है। किम पक्षियों को बचाने के लिए गांव वालों की मदद से झील बनाने का फैसला करती हैं। इस बीच किम को गांव वालों की आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता है। गांव वालों का कहना है कि गोरी मैडम को इंसान से ज्यादा पक्षियों की चिंता है।

वैसे, जिस गांव के लोग किम की मदद करते हैं, वहां का एक आदमी है बक्का (पूरब कोहली)। बक्का का कहना है कि वो पानी का देवता है और वह बंजर जमीन से भी पानी निकालेगा। समय बीतता जाता है, लेकिन बक्का पानी निकालने में कामयाब नहीं होता पाता। उसकी कोशिशें हर बार नाकामयाब ही होती हैं।

पीने के पानी को लेकर जिन दो गांवों में आपसी रंजिश है, उस रंजिश के बीच एक प्रेम कहानी भी पनपती है। बक्का दुश्मन गांव की लड़की केसर (कीर्ति कुल्हारी) से मुहब्बत करता है। वैसे, बक्का के गांव वालों को उस पर पूरा भरोसा है। उन्हें उम्मीद है कि पानी का देवता बक्का जहां कहेगा, वहीं पानी निकलेगा। इस बीच बक्का विदेशी मैडम किम की भी मदद करता है। अब बक्का बंजर जमीन से पानी निकाल पाता है या नहीं और क्या उसे उसकी मुहब्बत मिलती है, ये सब कुछ जानने के लिए आपको सिनेमाघर का रुख करना होगा।

एक्टिंगः

फिल्म में बक्का का किरदार निभाने के लिए पूरब कोहली ने काफी मेहनत की है। वहीं, कई रशियन और जर्मन फिल्मों में काम कर चुकीं साइदा जूल्स 'जल' में गोरी मैडम के अंदाज में खूब जमी हैं। यशपाल गाइड के रोल में फिट बैठते हैं। इन स्टार्स के अलावा तनिष्ठा चटर्जी, कीर्ति, कुल्हारी, रवि गोसाई, राहुल सिंह और रसिका त्यागी ने भी ठीक-ठाक रोल किया है। कीर्ति कुल्हारी ने फिल्म में कुछ बोल्ड सीन्स देकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश की है। वहीं, मुकुल देव को हर बार की तरह इस बार भी कुछ नया करने को नहीं मिला।

निर्देशन:

फिल्म के निर्देशक गिरीश मलिक हैं। 'जल' को लेकर गिरीश की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने एक ऐसी फिल्म बनाने का साहस किया, जिसे ज्यादा दर्शक मिलना मुश्किल है। उनकी यह फिल्म एक खास क्लास के लिए है। गिरीश ने फिल्म के सभी स्टार्स से अच्छा काम लिया है। हालांकि, उनकी यह फिल्म आज के जमाने के हिसाब से काफी स्लो लगती है। फिल्म को देखते हुए कई बार ऐसा महसूस होता है कि कहीं हम कोई डॉक्युमेंट्री तो नहीं देख रहे हैं।

क्यों देखें फिल्म?

अगर आप लीक से हटकर कोई फिल्म देखना चाहते हैं और फिल्म को देखते हुए ज्यादा हंसना भी नहीं चाहते, तो इस फिल्म को देखने के लिए आप सिनेमाघर जा सकते हैं। बड़े पर्दे पर बड़े सितारों और एक्शन-कॉमेडी देखने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म नहीं है।

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