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Movie Review: 'कोयलांचल'

'कोयलांचल' भारतीय राजनीति और कोल माफिया की पृष्ठभूमि पर आधारित है।

Dainik Bhaskar

May 09, 2014, 04:20 PM IST
movie review: koyelanchal
कहानी: ये ऐसे गांवों की कहानी है जो राजनीति और माफिया के बीच फंसे हुए हैं। ऐसे ही एक गांव में सूर्यभान सिंह (विनोद खन्ना) रहते हैं, जो कभी कोयले की खदानों के मालिक थे और अब एक कोल माफिया बन चुके हैं।
वह अपनी मर्जी के मालिक हैं और उनके आगे कानून भी बेबस है। उनके खिलाफ उठने वाली हर आवाज को खामोश कर दिया जाता है। जनता उनके जुल्म से परेशान है। ऐसे में कहानी में मोड़ तब आता है, जब गांव में नया कलेक्टर निशीथ कुमार (सुनील शेट्टी) आता है। वह अपने उसूलों का पक्का है और बेईमानी उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है।
निशीथ की वजह से सूर्यभान के बिजनेस में मुश्किल खड़ी होने लगती है। एक-एक करके सूर्यभान की सारी काली करतूतें सामने आने लगती हैं। ऐसे में, निशीथ से निपटने के लिए वह एक विद्रोही नेता करुआ (विपन्ना) का सहारा लेता है।
मामला तब और गंभीर हो जाता है जब निशीथ की हत्या कर दी जाती है। इसके पीछे भी सूर्यभान का हाथ होता है। क्या निशीथ सूर्यभान को उसकी किए की सजा दिलवा पाता है और क्या जनता सूर्यभान के भय से मुक्त हो पाती है? फिल्म में आगे यही दिखाया गया है।
एक्टिंग: सुनील शेट्टी बतौर हीरो काफी समय बाद इस फिल्म में नजर आए हैं। उन्होंने अपने किरदार को बेहतर तरीके से निभाया है, मगर अब उनमें वह हीरो वाली बात नजर नहीं आती। इसके अलावा, विनोद खन्ना ने भी ठीक-ठाक अभिनय काम किया है। दरअसल, दोनों ही अच्छे अभिनेता हैं, मगर कहानी में वो बात नहीं जो आपके दिलो-दिमाग पर अपनी छाप छोड़ पाए।
क्या देख सकते हैं फिल्म?
ऐसे विषयों पर कई फिल्में बन चुकी हैं, इसलिए इस फिल्म में आपको कुछ नया देखने को नहीं मिलेगा। आशू त्रिखा ने 80 के दशक के हिट फ़ॉर्मूले को फिर से दोहराने की कोशिश की है, जिसमें कोई नयापन नजर नहीं आता। हम तो आपको यही सलाह देंगे कि अगर इस वीकेंड कुछ खास करने लायक ना भी हो तो भी इस फिल्म को देखने का रिस्क न ही उठाएं तो बेहतर है।
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