--Advertisement--

Movie Review: 'बदलापुर ब्वॉयज'

'बदलापुर ब्वॉयज' की कहानी एक छोटे से गांव की कबड्डी टीम के संघर्ष पर आधारित है। ये फिल्म 2009 की तमिल हिट फिल्म 'वेन्निला कबडी कुजू' की रीमेक है।

Dainik Bhaskar

Dec 12, 2014, 03:51 PM IST
Badlapur Boys is boring film
कहानी:
फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश के एक गांव बदलापुर की है। बदलापुर सालों से सूखे की मार झेल रहा है। यहां के किसानों का बुरा हाल है। सालों तक कोशिश के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं होती तो एक किसान राम प्रवेश आत्मदाह कर लेता है, लेकिन शुरुआती खबरों के बावजूद नहर बनने की बात आगे नहीं बढ़ती। इस किसान का बेटा विजय कबड्डी का बेमिसाल खिलाड़ी है। संघर्ष के बाद उसे राष्ट्रीय कबड्डी कोच सूरजभान सिंह (अनु कपूर) की मदद मिलती है और वह उसके खेल को निखारने में मदद करता है। सूरजभान सिंह एक अनप्रोफेशनल टीम में जोश और उत्साह भरकर उसे चैम्पियनशिप फाइट करने लायक बनाता है। विजय की अगुआई में टीम स्टेट लेवल के टूर्नामेंट में दाखिल हो जाती है, लेकिन यहां जीतना इतना आसान नहीं होता। इसके आगे की कहानी टीम के संघर्ष और विजय के सपनों की है।

डायरेक्शन:
शैलेश वर्मा की बतौर निर्देशक ये पहली फिल्म है। इससे पहले वो सलमान खान की फ्लॉप फिल्म 'वीर' लिख चुके हैं। एक हिट तमिल फिल्म सामने होने के बावजूद शैलेश ने कहानी को उलझा दिया। फिल्म अपने मूल ट्रैक पर इतनी देर से पहुंचती है कि तब तक दर्शक उबने लगते हैं। शैलेश वर्मा का निर्देशन औसत दर्जे का है।
एक्टिंग:
फिल्म में अनु कपूर ने सूरजभान सिंह के किरदार में बेहद नेचुरल एक्टिंग की है, जिसके लिए वह पहचाने जाते हैं। विजय के लीड किरदार में निशान बेहतर कर सकते थे, लेकिन पटकथा उनके किरदार को निखरने ही नहीं देती।
क्यों देखें:
फिल्म में कबड्डी और अन्नू कपूर के गिने-चुने सीन को देखने के अलावा ज्यादा संभावनाएं नहीं हैं। इस फिल्म को आप अपने रिस्क पर ही देखें तो ज्यादा बेहतर होगा।
X
Badlapur Boys is boring film
Bhaskar Whatsapp
Click to listen..