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MOVIE REVIEW: 'वन बाय टू'

वन बाय टू एक रोमांटिक फिल्म है जिसका निर्माण खुद अभय देओल ने किया है। अभय की गर्लफ्रेंड प्रीति देसाई इस फिल्म में उनकी नायिका हैं।

Dainik Bhaskar

Jan 31, 2014, 04:02 PM IST
movie review: one by two
कहानी: 'वन बाय टू' एक रोमांटिक फिल्म है, जिसका निर्माण खुद अभय देओल ने किया है। अभय की गर्लफ्रेंड प्रीति देसाई इस फिल्म में उनकी नायिका हैं।
कहानी है अमित शर्मा (अभय देओल) की जो एक नीरस जीवन जी रहा है। वह ऑफिस की चिक-चिक से ऊब चुका है और उसकी लाइफ में वह कुछ भी नहीं, जिसकी उसे चाहत है। अमित की बोरियत का असर उसकी पर्सनल लाइफ पर भी होता है और उसकी गर्लफ्रेंड भी उसका साथ छोड़ देती है।
संगीत के प्रति रुझान रखने वाले अमित के माता-पिता (रति अग्निहोत्री-जयंत कृपलानी) चाहते हैं कि जल्दी से वे अमित की शादी कर दें तो वह 'सेटल' हो जाए, मगर अमित इन सब चक्करों में नहीं पड़ना चाहता।
वहीं, दूसरी तरफ समारा पटेल (प्रीति देसाई) एक सफल डांसर बनना चाहती है, पर वह अब तक इसमें नाकाम रही है। फिर होती है इन दो अनजान शख्सों की मुलाकात और हो जाता है...वन बाय टू। वैसे, देखा जाए तो समझ में नहीं आता कि यह फिल्म क्यों बनाई गई। कहानी बेहद उबाऊ है और साथ ही कलाकारों की बेदम एक्टिंग इसे और ज्यादा बोरिंग बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ती।
एक्टिंग: यह फिल्म अभय देओल के फैन्स के लिए एक शॉकिंग एक्सपीरिएंस साबित हो सकती है, जो उन्हें अब तक बड़े परदे पर काफी दमदार किरदारों में देखते आए हैं। 'देव डी', 'रांझणा', 'शंघाई' और 'जिंदगी मिलेगी ना दोबारा' जैसी फिल्मों में अपने सशक्त किरदार की वजह से अभय काफी तारीफ बटोर चुके हैं।
ऐसे में, इतनी कमजोर फिल्म में उन्होंने कैसे काम कर लिया, यह बात समझ से परे है। हैरान करने वाली बात ये है कि अभय खुद इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं। अब बात फिल्म की हीरोइन प्रीति देसाई की। उन्होंने एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया है, जिसे डांस से बहुत प्यार है।
जाहिर है, ऐसे रोल को करने के लिए हीरोइन को डांस में बेहद परफेक्ट होना चाहिए, मगर प्रीति इसमें बिल्कुल नाकाम साबित हुई हैं। उन्हें फिल्म में कई तरह के डांस फॉर्म्स करते दिखाया गया है, मगर इनमें उनकी असहजता साफ़ झलकती है। कई बार तो उनके डांस सीक्वेंसेस और एक्सप्रेशन देखकर आपको हंसी आ जाएगी।
निर्देशन: देविका भगत इस फिल्म की निर्देशक हैं। फिल्म में इंट्रेस्टिंग एलिमेंट लाने में देविका कहीं न कहीं चूक गई हैं। यही वजह है कि आप कहानी से कनेक्ट नहीं हो पाते। फिल्म में रोमांस की कमी भी बेहद खलती है। प्रीति और अभय की ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री भी बेदम कहानी के चलते उभरकर सामने नहीं आ पाती।
म्यूजिक: म्यूजिक और डांस पर आधारित फिल्म का संगीत बहुत ही दमदार होना चाहिए, मगर म्यूजिक डायरेक्टर शंकर एहसान लॉय का संगीत बहुत ही कमजोर है।
कुल मिलाकर कहा जाए तो इस वीकेंड कुछ करने लायक न हो तो तब भी इस फिल्म को देखने का रिस्क बिल्कुल न लें, अन्यथा आपको पछताना पड़ेगा।

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