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बोल्ड कन्टेंट को हंसी-मजाक में पेश करती 'शुभ मंगल सावधान'

फिल्म शुभ मंगल सावधान एक बोल्ड विषय पर आधारित है, जिसे फिल्म में बेहतरीन तरीके से पेश किया गया है।

Dainik Bhaskar

Sep 01, 2017, 12:34 PM IST
Movie Review Shubh Mangal Saavdhan
रेटिंग 2.5/5
स्टार कास्ट आयुषमान खुराना, भूमि पेडनेकर, ब्रिजेंद्र काला, सीमा पाहवा, अंशुल चौहान, अमोल बजाज
डायरेक्टर आरएस प्रसन्ना
म्यूजिक तनिष्क-वायु
प्रोड्यूसर आनंद एल राय, कृषिका लुल्ला
जॉनर सोशल कॉमेडी ड्रामा

डायरेक्टर आरएस प्रसन्ना की फिल्म 'शुभ मंगल सावधान' सिनेमाघरों (शुक्रवार) में रिलीज हो गई है। ये फिल्म मर्दाना कमजोरी विषय पर आधारित है, जिसे फिल्म में हंसी-मजाक के साथ बेहतरीन तरीके से पेश किया गया है। कैसी है ये फिल्म। ये 2013 में आई तमिल फिल्म 'कल्याण समयाल साधम' का ये हिंदी रीमेक है। आइए जानते हैं...


कहानी
फिल्म की कहानी दिल्ली में रहने वाले दो लवर्स यानी मुदित शर्मा (आयुषमान खुराना) और सुगंधा जोशी (भूमि पेडनेकर) की है। पहली ही नजर में मुदित को सुगंधा से प्यार हो जाता है। वो सुगंधा का पीछा करना शुरू करना करता है, ताकि अपने प्यार का इजहार कर सके। लेकिन इन सबके बावजूद वो अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाता। वो ये भी जानता है कि सुगंधा भी उससे प्यार करने लगी है, लेकिन कहती नहीं है। एक दिन मुदित अपने प्यार का इजहार करने की ठानता है और निकल पड़ता। उसी दिन वो एक सड़क पर नाचने वाले भालू के चंगुल में फंस जाता है, वहीं मौजूद सुगंधा भी ये सब देखकर ठहाके मारकर हंसती है। प्यार का इजहार न कर पाने के बाद मुदित अपनी शादी की रिक्वेस्ट ऑनलाइन सुगंधा के घर भेजता है। ऑनलाइन रिक्वेस्ट देखकर सुगंधा के घरवालों को मुदित पसंद आ जाता है। आखिरकार दोनों की सगाई हो जाती है और शादी का दिन तय होता है। लेकिन शादी से पहले सुगंधा को मुदित के अंदर की मर्दाना कमजोरी के बारे में पता चलता है। इस कमी के कारण सुगंधा को तो कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन जैसे ही मुदित की की बात सुगंधा के घरवालों को पता चलती है तो उन्हें ऑब्जेक्शन होता है और वे शादी करने के लिए तैयार नहीं होते हैं। इसी वजह से कहानी में कई मोड़ आते हैं। आखिरकार क्या होता है? क्या मुदित और सुगंधा की शादी हो पाती है? क्या सुगंधा की फैमिली वाले मुदित की इस बीमारी के बावजूद उसे अपनाने को तैयार होते? इन सारे सवालों के जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।


डायरेक्शन
फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है और डायरेक्टर आरएस प्रसन्ना ने कहीं से भी यह लगने नहीं दिया कि यह उनकी पहली हिंदी फिल्म है। फिल्म की लिखावट दमदार है और एक गंभीर मुद्दे को हंसी-मजाक के साथ पेश किया गया है। संवाद अच्छे और हंसाते हैं। फिल्म का बैकग्राउंड, कैमरा वर्क और साथ ही लोकेशन्स भी अच्छी है। फिल्म को दिल्ली, ऋषिकेश और हरिद्वार में शूट किया गया है। फिल्म का फर्स्ट हाफ बांधकर रखता है, लेकिन सेकंड हाफ कमजोर है। वहीं फिल्म का क्लाइमेक्स भी दमदार नहीं है, जिसे और बेहतर किया जा सकता था।


एक्टिंग
फिल्म में आयुषमान खुराना और भूमि पेडनेकर ने बेहतरीन एक्टिंग की है। फिल्म में दोनों की केमेस्ट्री अच्छी दिखाई और ऑडियंस को कनेक्ट करते नजर आए। दोनों को ही मिडिल क्लास फैमिली का दिखाया है, जिसे उन्होंने अच्छे से परफॉर्म किया है। मां के रोल में सीमा पाहवा ने अच्छा रोल किया है। बता दें कि आयुषमान और भूमि की साथ में ये दूसरी फिल्म है। इसके पहले दोनों फिल्म 'दम लगाके हशा' में नजर आए थे।

म्यूजिक
गाने बहुत खास नहीं हैं लेकिन फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाते हैं। अभी तक कोई हिट नहीं हुआ है। यदि फिल्म रिलीज से पहले एक-दो गाने हिट होते तो शायद म्यूजिक और पसंद किया जाता।


देखें या नहीं

अगर आपको एक अच्छी कहानी और बेहतर कॉमेडी फिल्म की तलाश है तो यह फिल्म देख सकते हैं।

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