--Advertisement--

Movie Review: ऑप्शन नहीं तो देखें ‘तेरे बिन लादेन-डेड ऑर अलाइव'

‘तेरे बिन लादेन-डेड ऑर अलाइव' साल 2010 में रिलीज हुई फिल्म ‘तेरे बिन लादेन’ की सीक्वल है।

Dainik Bhaskar

Feb 26, 2016, 12:06 PM IST
Movie Review Tere Bin Laden: Dead or Alive

क्रिटिक रेटिंग

2/5

स्टार कास्ट

मनीष पॉल, सिकंदर खेर और प्रद्युम्न सिंह

डायरेक्टर

अभिषेक शर्मा

प्रोड्यूसर

पूजा शेट्टी और आरती शेट्टी

म्यूजिक डायरेक्टर

ध्रुव धाला

जॉनर

कॉमेडी

कहानी

फिल्म की कहानी ओसामा बिन लादेन की डेथ के बाद शुरू होती है। पूरी दुनिया में उसकी मौत को लेकर सस्पेंस बरकरार हैं। यूएस गवर्नमेंट उसे मरा हुआ साबित करना चाहती है, जबकि हथियारो का डीलर खलील (पीयूष मिश्रा) उसे जिंदा साबित करना चाहता है। ताकि उसके बिजनेस पर असर न पड़े। इन सबके बीच बॉलीवुड डायरेक्टर शर्मा (मनीष पॉल) ओसामा पर बेस्ड अपनी फिल्म का सीक्वल बनाना चाहता है। इसी दौरान लादेन मारा जाता है, जिससे उसकी फिल्म अटक जाती है। फिर सबकी नजरे नकली लादेन पद्दी (प्रद्युम्न सिंह) पर जाकर रुकती है। हर कोई उसका अपनी तरह से इस्तेमाल करना चाहता है।

एक्टिंग...

डायरेक्टर के रोल में मनीष पॉल ने ठीक-ठाक काम किया है, लेकिन वो अली जफर जैसा जादू नहीं जगा पाते। पिछली फिल्म से चर्चा में आए प्रद्युम्न सिंह ओसामा के रोल में पहले की ही तरह नजर आते। पीयूष मिश्रा ने अच्छा काम किया है। फिल्म का सरप्राइज पैकेज बने हैं सिंकदर खेर, जो दो अलग-अलग किरदारों में अपनी छाप छोड़ते हैं।

डायरेक्शन...

‘तेरे बिन लादेन’ ने डायरेक्टर अभिषेक शर्मा को एक नई पहचान दिलाई थी। मगर इस बार अभिषेक ने अपने फैन्स को निराश किया है। जहां पिछली फिल्म की जान उसकी कहानी थी वहीं इस बार फिल्म की कहानी बेहद कमजोर हैं। कई जगह फिल्म जबरन खींची हुई लगती है। फिल्म के ज्यादातर डायलॉग्स पंजाबी में है, जो हिंदी ऑडियंस को आसानी से समझ नहीं आएंगे।

म्यूजिक...

फिल्म का म्यूजिक ठीक-ठाक है, लेकिन कई बार ये कहानी को डिस्टर्ब करता है। कई गाने जबरन ठूंसे हुए लगते हैं।

देखें या नहीं...

कुल मिलाकर अगर आप कोई कॉमेडी फिल्म देखना चाहते हैं और आपके पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है तो एक बार ये फिल्म देखी जा सकती है।

X
Movie Review Tere Bin Laden: Dead or Alive
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..