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Movie Review: अग्ली

Dainik Bhaskar

Dec 25, 2014, 03:47 AM IST

अग्ली फिल्म में जिस तरफ मैसेज दिया कहा है वो कमाल का है। फिल्म बच्चों की तस्करी पर आधारित है।

अग्ली की फिल्म रिव्यू
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'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'ब्लैक फ्राइडे' जैसी फिल्म बना चुके अनुराग कश्यप से आप क्या उम्मीद रखते हैं? एक रोमांचक फिल्म जो तब भी आपके साथ बनी रहती है, जब आप थिएटर छोड़ चुके होते हैं। एक ऐसी फिल्म जिसकी अपनी डार्क साइड है, बावजूद इसके यह एंटरटेनिंग है। 'अग्ली' वास्तव में अनुराग कश्यप का एक और मास्टरपीस है।
क्या 'अग्ली' चाइल्ड ट्रैफिकिंग की बात करती है?
'अग्ली' फिल्म जिस तरह से अपना मैसेज देती है, वह अमेजिंग है। फिल्म के बैकग्राउंड में चाइल्ड ट्रैफिकिंग भी एक मुद्दा है, लेकिन यह पूरी फिल्म की थीम नहीं है। फिल्म चाइल्ड ट्रैफिकिंग की बात तो करती ही है, साथ ही और भी कई पहलुओं को छेड़ जाती है। फिल्म तनावग्रस्त जीवनशैली में लगातार उलझते रिश्तों की भी बात करती है। इस फिल्म के किरदारों में बदला लेने की चाह है, नेगेटिविटी और मायूसी भी है। फिल्म का नाम 'अग्ली' भी इसके कैरेक्टर्स की डार्क साइड को बयां करता है।
कैसा है डायरेक्शन?
अनुराग कश्यप से कई यंग फिल्ममेकर किसी डार्क स्टोरी को शानदार ढंग से पर्दे पर उकेरने का आर्ट सीख सकते हैं। अनुराग जानते हैं कि कैसे ऑडियंस को एंटरटेन करना है, यहां तक कि जब वो एक ऑफबीट कॉन्सेप्ट लेकर आए हैं, तब भी। फिल्म के अंत तक सस्पेंस बना रहता है। फिल्म 2 घंटे और आठ मिनट की है। इस लिहाज से यह थोड़ी लंबी फिल्म है। इस फिल्म के कई सीन काफी स्लो और रिपीट भी हैं।

कैसी रही अदाकारी?
अपने एक्टर्स से बेहतरीन काम निकालने में अनुराग हमेशा सफल रहते हैं। रोनित रॉय फिल्म में पुलिसवाले की भूमिका में खूब जमे हैं, खासकर एक सीन में जब वह अपने दो दोस्तों को कस्टड़ी में मारते हैं। फिल्म मे तेजस्विनी कोल्हापुरी, विनीत कुमार सिंह और राहुल भट्ट ने भी अच्छी अदाकारी की है।

'अग्ली' देखें या नहीं
'अग्ली' एक स्पेशल फिल्म है। अगर आपको अनुराग कश्यप की फिल्मों से प्यार है, तो आपको 'अग्ली' भी लुभाएगी।

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