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Movie Review: सिचुएशनल कॉमेडी से भरपूर 'वेलकम बैक', अक्षय की कमी खली

'वेलकम', 'नो एंट्री', 'सिंह इज किंग' जैसी कॉमेडी फिल्में बना चुके डायरेक्टर अनीस बज्मी एक बार फिर दर्शकों को एंटरटेन करने के लिए 'वेलकम बैक' ले आए हैं।

Dainik Bhaskar

Sep 04, 2015, 10:43 AM IST
'वेलकम बैक' का पोस्टर। 'वेलकम बैक' का पोस्टर।
फिल्म का नाम वेलकम बैक
क्रिटिक रेटिंग 2.5/5
डायरेक्टर अनीस बज्मी
स्टार कास्ट
जॉन अब्राहम, अनिल कपूर, नाना पाटेकर, परेश रावल,
श्रुति हासन, डिंपल कपाडिया, नसीरुद्दीन शाह,
शाइनी आहूजा, अंकिता श्रीवास्तव।
प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला
म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक, मीत ब्रदर्स, मीका सिंह और अन्य।
जॉनर एक्शन-कॉमेडी
'वेलकम', 'नो एंट्री', 'सिंह इज किंग' जैसी कॉमेडी फिल्में बना चुके डायरेक्टर अनीस बज्मी एक बार फिर दर्शकों को एंटरटेन करने के लिए 'वेलकम बैक' ले आए हैं। 'वेलकम बैक' 8 साल पहले रिलीज फिल्म 'वेलकम' का सीक्वल है। पहली फिल्म में अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ ने लीड रोल निभाया था। सीक्वल की बागडोर जॉन अब्राहम और श्रुति हासन ने संभाली है। लेकिन इस नई फिल्म में कहीं न कहीं अक्षय कुमार की कमी खली है।
कहानी
उदय भाई (नाना पाटेकर) और मजनूं भाई (अनिल कपूर) अब अंडरवर्ल्ड की दुनिया छोड़ दुबई के नामी बिजनेसमैन बन गए हैं, जो एक आलीशान होटल के मालिक हैं। दोनों का वही पुराना रोना है कि अभी तक शादी नहीं हुई। इसी बीच एंट्री होती है राजकुमारी बबिता (अंकिता श्रीवास्तव) की, जिनके एकतरफा इश्क में उदय और मजनूं भाई कायल हैं। उधर उदय की बहन रंजना (श्रुति हासन) और अज्जू भाई (जॉन अब्राहम) एक-दूसरे से प्यार कर बैठते हैं।
फिल्म में एक तरह अज्जू भाई और संजना की लव-स्टोरी है तो दूसरी ओर उदय, मजनूं और राजकुमारी का लव-ट्राएंगल। क्लाइमैक्स में वॉन्टेड भाई (नसीरुद्दीन शाह) और उनके बेटे (शाइनी आहूजा) की एंट्री होती है, उधर वॉन्टेड भाई का बेटा भी रंजना को हर सूरत में अपना बनाने में लग जाता है।
एक्टिंग
नाना पाटेकर, अनिल कपूर और नसीरुद्दीन शाह ने शानदार एक्टिंग का प्रदर्शन किया है। फिल्म में इनके वन-लाइनर्स आपको बेशक लोटपोट करेंगे। जॉन अब्राहम और श्रुति हासन की एक्टिंग सराहनीय है। फिल्म से शाइनी आहूजा ने वेलकम बैक किया है। वहीं, अंकिता श्रीवास्तव अपनी छाप छोड़ने में नाकामयाब रही हैं। उनकी जगह अच्छी कास्टिंग की जा सकती थी। ओवरऑल कहा जाए तो फिल्म में अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ की कमी भी खली है।
डायरेक्शन
डायरेक्टर अनीस बज्मी ने इसमें सिचुएशन कॉमेडी का ओवरडोज और जबरदस्त वन लाइनर्स डाले हैं। लेकिन कहीं-कहीं पर वे थोड़ा असफल से नजर आए। इंटरवल से पहले का हिस्सा जहां आपको लोटपोट करने पर मजबूर करता है। वहीं, इंटरवल के बाद कहानी खोई-सी लगती है। एक-दो गानों को छोड़ दिया जाए तो ऐसा लगता है कि फिल्म की अवधि बढ़ने के लिए इसमें जबरदस्ती गाने डाले गए हैं। अनीस ने इस बार नाना, अनिल के किरदार को पहले से ज्यादा पावरफुल बनाया है, जो इसकी यूएसपी है।
क्यों देखें?
अगर लंबे अरसे से आप किसी कॉमेडी फिल्म का इंतजार कर रहे हैं, तो बेशक इसे देख सकते हैं। परिवार के साथ भी इस फिल्म का मजा लिया जा सकता है।
क्यों न देखें?
अगर आप दिमाग घर छोड़कर आए है तो बेशक यह फिल्म आपको एंटरटेन करेगी! क्लाइमैक्स समझने की कोशिश भी न करें। इसके अलावा अगर आपको अपनी जेब हल्की करने में भी कोई प्रोब्लम नहीं है, तो आप थिएटर्स का रुख कर सकते हैं। बेहतर है 'वेलकम बैक' के टीवी पर आने का इंतजार करें।
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'वेलकम बैक' का पोस्टर।'वेलकम बैक' का पोस्टर।
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