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Film Review :बेहतरीन एक्टिंग और डायलॉगबाजी के लिए देख सकते हैं 'रईस'

यह काल्पनिक कहानी गुजरात में बेस्ड एक शराब के व्यापारी की है।

Dainik Bhaskar

Jan 25, 2017, 04:04 AM IST
Raees Movie Review
क्रिटिक रेटिंग 3 /5
स्टार कास्ट शाहरुख खान, माहिरा खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, मोहम्मद जीशान अयूब।
डायरेक्टर राहुल ढोलकिया
प्रोड्यूसर एक्सेल एंटरटेनमेंट, रेड चिलीज।
संगीत राम संपत
जॉनर एक्शन क्राइम थ्रिलर
शाहरुख खान की फिल्म ‘रईस’ आपको 70 और 80 के दशक की टिपिकल मसाला फिल्मों की याद दिलाएगी, जिसका हीरो बुरा काम तो करता है लेकिन वो गरीबों का मसीहा भी है। एक पुलिसवाला है जो गंदी राजनीति के बीच भी अपना काम ईमानदारी से करता है। खूबसूरत हिरोइन है जो हीरो की परछाई बनकर रहती है। एक वफादार दोस्त है जो हीरो के लिए अपनी जान देने के लिए भी तैयार है। साथ ही कुछ बुरे लोग, सताई जनता, बेबस मां और खूब सारा एक्शन। इनके अलावा हेलन की तर्ज पर सनी लियोनी का एक आइटम सॉन्ग भी है जो खून-खराबे के बीच सुकून देता है।
कहानी...
कहानी 80 के दशक के गुजरात पर बेस्ड है जहां रईस (शाहरुख) अपनी अम्मी (शीबा चड्ढा) के साथ रहता है, घर की माली हालत खराब होने की वजह से स्कूल के टाइम से ही रईस का दिमाग धंधे की तरफ आकर्षित होने लगता है, और वो स्कूल के बैग में शराब रखकर सप्लाई करने लगता है। लेकिन बड़े होने के बाद रईस अपना खुद का धंधा शुरू करता हैं। अपने दिमाग और डेयरिंग की वजह से वो जल्द ही अवैध शराब का बड़ा बिजनेस मैन बन जाता है, लेकिन इसी बीच एसपी मजूमदार (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) उसके पीछे पड़ जाता है जो काफी कड़क पुलिसवाला है, लेकिन रईस का धंधा रोक पाने की हजार कोशिशें करने के बावजूद भी मजूमदार उसे पकड़ नहीं पाता है। इस दौरान कहानी में कई उतार आते हैं, जिनमें चुनाव, दंगे बम ब्लास्ट जैसी कई घटनाएं दिखाई जाती हैं। फिल्म की एंडिंग भी काफी दिलचस्प है।

डायरेक्शन...
फिल्म का डायरेक्शन बढ़िया है, के. यू. मोहनन की सिनेमेटोग्राफी कमाल की है, बैकग्राउंड बहुत ही अच्छा बनाया गया है जिसकी वजह से 80 के दशक का माहौल पूरी फिल्म के दौरान बना रहता है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है इसके डायलॉग्स जो ऑडियंस को तालियां बजाने पर मजबूर कर देते हैं।
फिल्म का फर्स्ट हॉफ अच्छा है लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म की रफ्तार सुस्त हो जाती है, जिसे ठीक किया जा सकता था। साथ ही फिल्म के एक-दो गाने भी इसकी रफ़्तार पर असर डालते है, सिर्फ सनी लियोनी पर फिल्माया गया आइटम सॉन्ग ही कहानी के साथ फिट बैठता है। फिल्म के सेकेंड हाफ को और इंटरेस्टिंग बनाया जा सकता था।
स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस...
रईस पूरी तरह से शाहरुख खान की फिल्म है उनका काम शानदार है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी की एक्टिंग भी बेहतरीन हैं। फिल्म में जब भी दोनों साथ नजर आते हैं एडवेंचर बढ़ जाता है। जहां एक तरफ नवाजुद्दीन की 'लिखकर लेने' की स्टाइल है वहीं दूसरी तरफ शाहरुख के डायलॉग बोलने का अंदाज कमाल का है । मोहम्मद जीशान अयूब, अतुल कुलकर्णी और बाकी एक्टर्स का काम भी अच्छा है। पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान के लिए करने को ज्यादा कुछ नहीं था। एक-दो गाने और चुनिंदा रोमांटिक सीन्स में भी वो अपना असर छोड़ नहीं पातीं। सेकेंड हॉफ में उनका रोल थोड़ा उभरकर आता है लेकिन वो भी बस कुछ देर के लिए।
फिल्म का म्यूजिक...
फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है लेकिन सॉन्ग्स में सिर्फ ‘लैला मैं लैला’ ही कहानी के साथ फिट बैठता है।
कुछ सीन्स पर हो सकती है कॉन्ट्रोवर्सी...
यूं तो फिल्म को लेकर शुरू से ही कोई न कोई विवाद रहा है, लेकिन फिल्म में भी कुछ ऐसे सीन्स हैं जिन पर विवाद हो सकता है। फिर चाहे वो बूचड़खाने में जानवरों के कटने का सीन हो या फिर गांधी जी की मूर्ति से चश्मा उतारने का सीन।

देखें या नहीं...
कुलमिलाकर ये फिल्म नए पैकेट में पुराने माल की तरह है और अगर आप शाहरुख खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के फैन हैं तो ये फिल्म एक बार देख सकते हैं।
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Raees Movie Review
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