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Movie Review: सुलेमानी कीड़ा एक जिंदादिल फिल्म

सुलेमानी कीड़ा सादगी से भरी फिल्म है, जिसके कुछ हिस्से आपको एंटरटेन करेंगे तो कुछ बोर।

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2014, 03:30 AM IST
Sulemani Keeda Has A Simple And Realistic Approach.
सुलेमानी कीड़ा सादगी से भरी फिल्म है, जिसके कुछ हिस्से आपको एंटरटेन करेंगे तो कुछ बोर। डायरेक्टर अमित वी मासुरकर ने अंत तक फिल्म की वास्तविकता को जीवित रखा है। फिल्म का पहला हिस्सा आपको रोमांचित करेगा, जिसमें कई दिलचस्प मोड़ आते हैं। पहले हाफ में मुख्य किरदार दुलाल (aka नवीन कस्तूरिया) और मैनक (मयंक तिवारी) लड़कियों के बारे में बात करते हुए दीखते हैं। वहीं फिल्म का दूसरा हिस्सा मजाकिया किस्सों से भरा है।

क्या है कहानी ?
फिल्म के लेखक दुलाल और मयंक तिवारी अपनी कहानी से बॉलीवुड में तहलका मचाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता है। इसके बाद वे स्टार गोंजो कपूर से मिलते हैं, जो उनसे एक ऑर्गी स्टोरी लिखने को कहता है। फिल्म में ट्रेजेडी तब होती है, जब दुलाल एक वकील के प्यार में पड़ जाता है।
कैसी है स्टार्स की एक्टिंग ?
एक्टिंग में जरा सी लापरवाही फिल्म को बर्बाद कर देती, लेकिन नवीन कस्तूरिया और मयंक तिवारी ने अपने एक्टिंग के हुनर को बखूबी निभाया। दोनों के अभिनय ने फिल्म को अंत तक बांधे रखा।

बड़ा सवाल : देखें या नहीं ?
फिल्म दिलचस्प है। अगर आप पैसा वसूल फिल्म देखना पसंद करते हैं तो थोडा समय रुक जाइए और सुलेमानी कीड़ा की DVD आने का इंतज़ार करिए।
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Sulemani Keeda Has A Simple And Realistic Approach.
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