--Advertisement--

Movie Review: राजकुमार राव की परफॉर्मेंस पर टिकी है 'ट्रैप्ड'

साल 2002 में हॉलीवुड में ट्रैप्ड फिल्म बनी थी और अब नाम वही लेकिन सोच नई के साथ विक्रमादित्य मोटवानी ने अलग अंदाज में यह फिल्म बनाई है।

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2017, 01:03 PM IST
राजकुमार राव और गीतांजलि थापा राजकुमार राव और गीतांजलि थापा
क्रिटिक रेटिंग 3/5
स्टारकास्ट राजकुमार राव, गीतांजलि थापा
डायरेक्टर विक्रमादित्य मोटवानी
प्रोड्यूसर मधु मंतेना, विकास बहल, अनुराग कश्यप
म्यूजिक आलोकानन्द दासगुप्ता
जॉनर थ्रिलर ड्रामा

जब भी विक्रमादित्य मोटवानी का जिक्र होता है तो 'उड़ान', 'लुटेरा' जैसी फिल्में आंखों के सामने आ जाती हैं। अब क्या 'ट्रैप्ड' का नाम भी उसी लिस्ट में जुड़ जाएगा? कैसी बनी है यह फिल्म, आइए पता करते हैं...

कहानी
फिल्म की कहानी मुंबई पर बेस्ड है जहां कंपनी में काम करने वाला शौर्य (राजकुमार राव) अपने ही ऑफिस की लड़की नूरी (गीतांजलि थापा) को फोन करके डेट पर मिलता है। दोनों के बीच प्रेम पनपता है और इस प्रेम को रिश्ते में बदलने की पहल भी होती है। जिसके लिए शौर्य के सामने घर लेने की जरूरत पड़ती है जहां शादी के बाद वो और नूरी रह सकें। जब रियल स्टेट के एजेंट से शौर्य बात करता है तो उसे ऐसा घर दिखाता है जो काफी परेशानी वाला मामला लगता है। एक अंडर कंस्ट्रक्शन वाली इमारत में ब्रोकर, शौर्य को घर दे देता है जहां एक ही रात में परेशानियां शुरु हो जाती हैं। उस घर में शौर्य आया तो अकेले था, लेकिन तरह तरह की परेशानियों से वो असहाय फील करने लगता है। पैंतीस वे माले पर मिला एक घर उसके लिए मुसीबत का सबब बन जाता है। अब इस घर से वो खुद को कैसे मुक्त कर पाएगा, इसका पता आपको थिएटर तक जाकर ही चलेगा।


डायरेक्शन
फिल्म का डायरेक्शन काफी अच्छा है। विक्रमादित्य की रियल लोकेशन की शूटिंग भी काफी अच्छी है। मुंबई के एक अपार्टमेंट में पैंतीस वे माले पर चल रही गाथा को बखूब दर्शाया गया है। फिल्म की कहानी भी कमाल की है। फिल्म की रफ्तार काफी धीमी है और धीरे धीरे चीजें आगे बढ़ती है। जिसे थोड़ा और बेहतर किया जा सकता था। साथ ही इस फिल्म में रेगुलर मसाला फिल्मों वाली बात नहीं हैं जहां गाने, डांस और कॉमेडी देखने को मिलती है। जिसकी वजह से शायद एक अलग तरह की ऑडियंस ही इसे देखना पसंद करे।

परफॉर्मेंस
फिल्म 102 मिनट की है और ये बहुमुखी प्रतिभा वाले अभिनेता राजकुमार की वजह से ही आपको बांधे रखती है। साथ ही राजकुमार के किरदार से आप कनेक्ट भी कर पाते हैं। उसके भीतर का भय किस तरह से उसकी मजबूती बनता है इसका पता भी फिल्म के साथ साथ चलता है।

म्यूजिक
फिल्म का म्यूजिक अच्छा है और खास तौर पर बैकग्राउंड स्कोर काफी अलग है जो समय समय पर कहानी को और मजबूत बनाता है।


देखें या नहीं
अगर आपको परफॉर्मेंस बेस्ड फिल्में पसंद आती हैं तो राजकुमार राव की ये फिल्म देख सकते हैं।

X
राजकुमार राव और गीतांजलि थापाराजकुमार राव और गीतांजलि थापा
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..