19 साल से बिना लॉजिक काम कर रही TV की CID, इस वजह से उड़ता है मजाक / 19 साल से बिना लॉजिक काम कर रही TV की CID, इस वजह से उड़ता है मजाक

'CID' इंडियन TV के सबसे पुराने शोज में से एक है। 1998 में शुरू हुए इस शो को चलते 19 साल का वक्त बीत चुका है।

dainikbhaskar.com

May 06, 2017, 12:02 AM IST
CID Proved That It Works On Anything But No Logic
मुंबई. 'CID' इंडियन TV के सबसे पुराने शोज में से एक है। 1998 में शुरू हुए इस शो को चलते 19 साल का वक्त बीत चुका है। 30 अप्रैल तक शो के 1421 एपिसोड्स हो चुके हैं। शो की पॉपुलैरिटी अब भी बरकरार है। लेकिन इस शो में लॉजिक का कोई काम नहीं है। शो से जुड़ी ऐसी ही कुछ बिना लॉजिक की बातें हम आपको बता रहे हैं, जिनकी वजह से CID का मजाक उड़ता रहता है। डालते हैं एक नजर...
1. हर एपिसोड में एक क्राइम बताया जाता है। लेकिन इसके लिए न ही कोई पुलिस शिकायत होती है और न ही कोई कोर्ट केस। लोग सीधे CID को फोन लगाते हैं और केस सॉल्व हो जाता है।
आगे की स्लाइड्स में पढ़िए ऐसी ही और 9 बातें...
CID Proved That It Works On Anything But No Logic
2. इंडिया की पॉपुलेशन 125 करोड़ से ज्यादा है। शो के मुताबिक, क्राइम किसी भी शहर में हो। लेकिन वहां के लोग सीधे एसीपी प्रद्युम्न, दया और अभिजीत को ही कॉल करते हैं। यानी की शो की मानें तो देश के हर नागरिक के फोन के स्पीड डायल में इन तीनों का नंबर सेव है।
CID Proved That It Works On Anything But No Logic
3. CID बिल्डिंग में जब भी आप देखते हैं तो सिर्फ कोर टीम के 5-6 सदस्य ही दिखाई देते हैं। इनके अलावा पूरी बिल्डिंग में कोई नहीं होता।
CID Proved That It Works On Anything But No Logic
4. देश में कुछ भी हो, लेकिन एसीपी प्रद्युम्न, दया और अभिजीत जानकारी निकालने के लिए खुद जाकर हर दुकान की तलाशी लेते हैं। 
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5. शो में दिखाए गए डॉ. सालुंके और डॉ. तारिका के पास इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी है कि वे अपनी लैब में 90% मिस्ट्री सॉल्व कर लेते हैं।
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6. कभी कभी राइटर्स सिर्फ शब्दों पर अटक जाते हैं और स्टोरी का प्लॉट छोड़ देते हैं। एक घंटे के एपिसोड में किसी एक सीन को कैसे खींचा जाता है। इसका उदाहरण आप ऊपर देख सकते हैं।
CID Proved That It Works On Anything But No Logic
7. TV की इस CID के मुताबिक, क्रिमिनल कोई भी हो सकता है। फिर चाहे वह जानवर हो, भूत हो, इंसान हो या फिर शैतान।
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8. कभी-कभी TV की इस CID को पेरिस, स्विट्ज़रलैंड और उज्बेकिस्तान में भी क्राइम सॉल्व करते देखा जा सकता है।
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9. कोई भी क्राइम मिस्ट्री फेड्रिक के जोक के बगैर अधूरी है। हालांकि, फेड्रिक के जोक्स पर किसी को हंसी नहीं आती। यहां तक की CID की टीम को भी। जोक करने के अलावा, फेड्रिक का कोई काम शो में नहीं है।
CID Proved That It Works On Anything But No Logic
10. 'दया दरवाजा तोड़ दो' और 'कुछ तो गड़बड़ है', इन दो डायलॉग्स पर ही मिस्ट्री सॉल्व हो जाती है। दया अब तक करीब एक हजार दरवाजे तोड़ चुके होंगे।
 
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