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सेक्शुअल हैरेसमेंट पर बोले अजय देवगन- बॉलीवुड ही नहीं, यह हर जगह होता है

अजय ने हाल ही में एक इंटरव्यू में यह स्टेटमेंट तब दिया, जब उनसे #MeToo कैंपेन पर रिएक्शन मांगा गया।

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 08:02 AM IST

मुंबई. सेक्शुअल हैरेसेमेंट को लेकर अजय देवगन का कहना है कि यह सिर्फ बॉलीवुड में ही नहीं, बल्कि दुनिया की हर इंडस्ट्री में मौजूद है। अजय ने हाल ही में एक अंग्रेजी वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में यह स्टेटमेंट तब दिया, जब उनसे #MeToo कैंपेन पर रिएक्शन मांगा गया। अजय ने इस दौरान यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के बारे में यह इस वजह से फेमस हो गया, क्योंकि मीडिया में यहां की ख़बरें सबसे ज्यादा रहती हैं। अजय बोले- ख़ुशी है कि इसके खिलाफ आवाज उठ रही है...

- अजय ने इंटरव्यू में कहा कि वे इस बात से खुश हैं कि सेक्शुअल हैरेसमेंट के खिलाफ हर जगह आवाज उठाई जा रही है। उनकी मानें तो फिल्म इंडस्ट्री में उठ रही आवाज को देखकर बाकी इंडस्ट्री के लोग भी इसके खिलाफ एकसाथ होंगे और आगे आएंगे। अजय देवगन इंटरव्यू में अपने करियर, फैमिली और सोशल इश्यूज पर बात कर रहे थे।

न्यूकमर्स को लेकर अजय ने कहा

- अजय देवगन ने न्यूकमर्स को लेकर कहा, "वे हमारी तुलना में ज्यादा अच्छी तरह से प्लान और तैयारी कर फिल्मों में आ रहे हैं। काम के प्रति डेडीकेटेड हैं। जब वे काम करते हैं तो उनके लिए यही सबकुछ होता है। हमारे लिए यह मजा होता था। क्योंकि उस वक्त ऐसा ही वातावरण होता था। हम चीजों को अडॉप्ट करते थे, लेकिन वे वाकई तैयारी के साथ आ रहे हैं।"

जब अनिल कपूर ने कह दिया था- मेरी फिल्म के सामने अपनी फिल्म मत लाओ 

 

- अजय देवगन ने इंटरव्यू में अपनी डेब्यू फिल्म 'फूल और कांटे' (1991) से जुड़ा रोचक किस्सा भी शेयर किया। यह फिल्म अनिल कपूर और श्रीदेवी स्टारर 'लम्हे' के साथ रिलीज हुई थी। अजय कहते हैं, "अनिल कपूर ने मुझसे कहा था कि मैं अपनी फिल्म को उनकी फिल्म के साथ रिलीज न करूं। मैंने जवाब दिया कि न्यूकमर होने की वजह से मैं ऐसी कोई बात नहीं कर सकता। अनिल ने कहा,नुक्सान उठाओगे। मैंने कहा-जो होगा देखा जाएगा। जब दोनों फिल्में रिलीज हुई तो उलटा हुआ ('लम्हे' फ्लॉप हुई और 'फूल और कांटे' हिट हो गई)  अनिल ने मुझसे आकर कहा- यह बहुत अच्छी थी। लेकिन बहुत स्पोर्टिंग थी।"

पापा की जिद के चलते एक्टर बने अजय

 

- जब अजय से पूछा गया कि क्या स्टंटमैन पिता वीरू देवगन उन्हें एक्टर बनते देखना चाहते थे? तो उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से कैमरे के पीछे काम करना चाहता था। लेकिन पापा चाहते थे कि मैं एक्टर बनूं। जब मैं स्कूल में था, तभी से उनके साथ सेट पर जाना शुरू कर दिया था। उस वक्त मेरी उम्र 15-16 साल रही होगी। मैं एडिट में उनकी मदद करता था। फिर उन्होंने चीजें मुझपर छोड़नी शुरू कर दीं। वे उस वक्त कोई शॉट लेते थे तो मेरे पास आकर पूछते थे कि कैसा रहा। अगले दिन मैं सीन शूट करता था और बताता था कि उन्होंने कैसा किया था। यही सब मैंने पापा से सीखा।"