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पहले ही स्क्रीन टेस्ट में फेल हो गए थे अमरीश पुरी, नहीं मिला रोल तो करने लगे थे बीमा कंपनी में नौकरी, थिएटर भी किया

35 साल के फिल्मी करियर में अमरीश पुरी ने किया 400 से ज्यादा फिल्मों में काम

Dainik Bhaskar

Jun 22, 2018, 04:10 PM IST
अमरीश पुरी की बर्थडे एनिवर्सरी, Amrish Puri Birth Anniversary Some Lesser Known Interesting Facts

एंटरटेनमेंट डेस्क. बॉलीवुड फिल्मों के फेमस विलेन रहे अमरीश पुरी की आज (शुक्रवार) 86वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 22 जून, 1932 को लाहौर, पंजाब में हुआ था। उनके दो भाई मदन पुरी और चमन पुरी पहले ही इंडस्ट्री में थे, इसलिए अमरीश भी फिल्मों में हीरो बनने की ख्वाहिश लेकर मुंबई आए। लेकिन वे पहले ही स्क्रीन टेस्ट में फेल हो गए थे। फिर उन्होंने बीमा कंपनी में नौकरी शुरू की। नौकरी के साथ वे थिएटर भी करते थे। स्टेज परफॉर्मेंस के लिए उन्हें 1979 में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड से भी नवाजा गया। प्ले के साथ ही उन्हें विज्ञापनों में भी काम करने का मौका मिला। यहीं से उनका लक काम कर गया। और उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने शुरू हुए। अपने 35 साल के फिल्मी करियर में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले अमरीश ने 39 साल की उम्र में डेब्यू किया था।

- अमरीश को बॉलीवुड में पहला रोल सुनील दत्त और वहीदा रहमान स्टारर फिल्म 'रेशमा और शेरा' में मिला था। इस फिल्म में उन्होंने रहमत खान नाम के शख्स का रोल प्ले किया था। हालांकि, फिल्म में उनके किरदार को खास पसंद नहीं किया गया था। 1980 में आई फिल्म 'हम पांच' में उनके द्वारा निभाए विलेन के किरदार से उन्हें पॉपुलैरिटी मिली। उन्होंने विलेन के रूप में कई दमदार भूमिकाएं निभाईं। 'अजूबा' में वजीर-ए-आला, 'मि. इंडिया' में मोगैंबो, 'नगीना' में भैरोनाथ, 'तहलका' में जनरल डोंग का किरदार आज भी लोग भुला नहीं पाए हैं।

- बॉलीवुड फिल्मों में अमरीश का अभिनय देखकर हॉलीवुड प्रोड्यूसर स्टीवन स्पीलबर्ग बेहद इम्प्रेस हुए थे। उन्होंने अमरीश को ऑडिशन देने के लिए अमेरिका बुलाया। लेकिन अमरीश ने स्पीलबर्ग को जवाब दिया- यदि ऑडिशन लेना हो तो मुंबई मेरी हवेली आओ। डायरेक्टर रिचर्ड एटनबरो, जिनके साथ अमरीश ने फिल्म 'गांधी' (1982) में किया था, के कहने पर वे स्पीलबर्ग के साथ काम करने को तैयार हुए थे। उन्होंने 1984 में आई फिल्म 'इंडियाना जोन्स एंड द टेंपल ऑफ डूम' में काम किया था।


- उनका बाल्ड लुक वैसे तो कई फिल्मों में देखने को मिला है। लेकिन पहली बार वे हॉलीवुड फिल्म 'इंडियाना जोन्स एंड द टेंपल ऑफ डूम' के लिए गंजे हुए थे। इस फिल्म में उन्होंने मोला राम का किरदार प्ले किया था।

'कच्ची सड़क' थी आखिरी फिल्म
अमरीश ने 1967 से 2005 के बीच 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। 2006 में (उनके निधन के बाद) रिलीज हुई 'कच्ची सड़क' उनकी आखिरी फिल्म थी। अमरीश पुरी ने बॉलीवुड के अलावा कन्नड़, मराठी, पंजाबी, मलयालम, तेलुगु, तमिल फिल्मों में भी काम किया। बता दें, अमरीश को हैट का पैशन था। उनके कलेक्शन में 200 से ज्यादा देसी-विदेशी हैट थी।

इन फिल्मों में किया काम
'रेशमा और शेरा' (1971), 'जानी दुश्मन' (1979), कुर्बानी (1980), 'आक्रोश' (1980), 'नसीब' (1981), 'विधाता' (1982), 'शक्ति' (1982), 'हीरो' (1983), 'कुली' (1983), 'मेरी जंग' (1985), 'नगीना' (1986), 'मिस्टर इंडिया' (1987), 'वारिस' (1988), 'घायल' (1990), 'सौदागर' (1991), 'विश्वात्मा' (1992), 'करन-अर्जुन' (1995), 'गदर' (2001), 'नायक' (2001), 'ऐतराज' (2004), 'हलचल' (2004) सहित 400 फिल्मों में काम किया।

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अमरीश पुरी की बर्थडे एनिवर्सरी, Amrish Puri Birth Anniversary Some Lesser Known Interesting Facts
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