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Movie Review: कहानी थोड़ी कच्ची लेकिन ईशान की एक्टिंग एकदम सच्ची

वास्तविकता के इर्द-गिर्द घूमती फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' एक वन टाइम मस्ट वॉच फिल्म है।

Danik Bhaskar

Apr 20, 2018, 12:41 PM IST
क्रिटिक रेटिंग 2.5/5
स्टार कास्ट ईशान खट्टर, मालविका मोहनन, तनिष्ठा चटर्जी
डायरेक्टर माजिद मजिदी
प्रोड्यूसर शरीन मंत्री केडिया, किशोर अरोड़ा
संगीत एआर रहमान
जॉनर इंडियन फैमिली ड्रामा

माजिद मजिदी के डायरेक्शन में बनी ईशान खट्टर की डेब्यू फिल्म 'बियॉन्ड का क्लाउड्स' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है।

कहानी
फिल्म की कहानी आमिर (ईशान खट्टर) और उसकी बड़ी बहन तारा (मालविका मोहनन) से शुरू होती है। पेरेंट्स की मौत के बाद आमिर बहन के घर रहने लगा लेकिन तारा का शराबी पति हर रोज तारा के साथ अक्सर आमिर को भी पीटता। एक दिन आमिर अपनी बहन का घर छोड़कर भाग जाता है और ड्रग्स पहुंचाने का धंधा करने लगता है। कई साल बाद जब एक दिन भाई-बहन मिलते हैं तो तारा और आमिर की जिंदगी में काफी कुछ हो चुका था। आमिर की लाइफ का उसूल सिर्फ पैसा कमाना बन चुका था। वहीं धोबी घाट पर 50 साल के करीब का अर्शी (गौतम घोष) हमेशा तारा पर बुरी नजर रखता था। एक दिन अर्शी जब तारा के साथ जबर्दस्ती करता है तो तारा बचाव में अर्शी को बड़े पत्थर से बुरी तरह से मारती है और इस जानलेवा हमले की वजह से उसे जेल भेज दिया जाता है। ऐसे में आमिर की जिंदगी में तारा को बचाने की जिम्मेदारी आती है। तो क्या तारा जेल से छूट पाएगी? क्या आमिर बहन की मदद कर पाएगा? ये जानने के लिए आपको ये फिल्म देखनी पड़ेगी।


एक्टिंग
बात अगर एक्टिंग की करें तो भाई के रोल में ईशान खट्टर में एक उभरता यंग एक्टर दिखा है। फिल्म में वे एकदम अपने किरदार में डूबे हुए नजर आते हैं। पहली ही फिल्म से ईशान ने दिखा दिया है कि उनकी एक्टिंग स्किल बेहतरीन है। वहीं उनकी बहन का रोल प्ले करने वालीं साउथ फिल्मों की एक्ट्रेस मालविका मोहनन ने भी दमदार परफॉर्मेंस दी है। फिल्म तनिष्ठा चटर्जी के लिए ज्यादा स्कोप नहीं दिखा। देखा जाए तो एक्टिंग के लिहाज से फिल्म अच्छी है।

डायरेक्शन
फिल्म ऑडियंस को 90 के दशक में रिलीज हुई माजिद मजिदी फिल्म 'चिल्ड्रन ऑफ हेवन' से मिलती जुलती लग सकती है। इसकी शूटिंग मुंबई की कई स्लम कॉलोनियों में की गई है जो कि इसे एकदम रियलिस्टिक लुक देती है। बात अगर कहानी की करें तो इसमें ज्यादा दम नहीं है। इसकी स्क्रिप्ट पर काम करने की जरूरत दिखती है वहीं डायलॉग्स भी कोई ऐसे नहीं है जो याद रह जाए। अगर फिल्म के क्लाइमेक्स पर जाए तो ये बहुत चौंकाता नहीं है जिसकी वजह से शायद ही ये ज्यादा लोगों को पसंद आया हो।

म्यूजिक
फिल्म में एआर रहमान का संगीत उनकी इमेज के मुताबिक नहीं है। इसमें ऐसा कोई गाना नहीं है जो ऑडियंस का मूड फ्रेश कर दे या फिर फेमस हुआ हो, हालांकि स्टोरी की डिमांड के मुताबिक गाने कहानी के साथ-साथ चलते हैं।

देखें या नहीं
वास्तविकता के इर्द-गिर्द घूमती फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' एक वन टाइम वॉच फिल्म जरूर है। लेकिन अगर आप एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और हॉट सीन्स के शौकीन हैं तो यह फिल्म आपके लिए नहीं है।

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