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जीप में बांधकर घुमाए गए फारुक को मिला था 'बिग बॉस' का ऑफर

जम्मू-कश्मीर में 'ह्यूमन शील्ड' बनाए गए फारुक अहमद डार को 'बिग बॉस' के सीजन 11 में कंटेस्टेंट बनने का ऑफर मिला था।

Dainik Bhaskar

Jun 10, 2018, 06:29 PM IST

मुंबई। जम्मू-कश्मीर में 'ह्यूमन शील्ड' बनाए गए फारुक अहमद डार को रियलिटी शो 'बिग बॉस' के सीजन 11 में कंटेस्टेंट बनने का ऑफर मिला था। डार के हवाले से एक कश्मीर वेब पोर्टल ने दावा किया है कि इसके बदले में बिग बॉस के प्रोड्यूसर ने डार को 50 लाख रुपए देने की बात भी कही थी। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक डार ने मेकर्स के इस ऑफर को ठुकरा दिया था। इंटरव्यू में डार ने कहा- मेकर्स ने मेरी टिकट भी बुक करा ली थी। क्यों ठुकराया बिग बॉस का ऑफर...


रिपोर्ट के मुताबिक, जीप में डार को अमानवीय तरीके से बांधे जाने के बाद ह्यूमन राइट्स कमीशन ने जम्मू कश्मीर सरकार को हर्जाने के तौर पर उसे 10 लाख रुपए देने की बात कही थी। इसी वजह से डार ने इस शो में जाने से मना कर दिया था। हालांकि बाद में राज्य सरकार ने डार को पैसा देने से मना कर दिया था।


डार ने कहा- जब मैं अपने घर से नहीं निकल सकता तो कहीं और जाने का तो सवाल ही नहीं है। मुझे हर जगह डर लगता है। मैं इज्जत की जिंदगी बिताना चाहता हूं। हालांकि इस मामले में 'बिग बॉस' के प्रोड्यूसर्स की तरफ से कोई रिएक्शन नहीं आया है। बता दें कि बिग बॉस सीजन 11 में शिल्पा शिंदे विनर बनी थीं।


क्या था मामला?
श्रीनगर में 9 अप्रैल को उपचुनाव के दौरान बीड़वाह समेत कई इलाकों में वोटिंग बूथ पर हिंसा हुई थी। इसी दौरान मेजर लीतुल गोगोई ने पत्थरबाजी कर रहे लोगों की भीड़ से बचने के लिए फारुक को ह्यूमन शील्ड की तरह इस्तेमाल करते हुए उसे जीप के आगे बांधकर पूरे शहर में घुमाया था। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

जीप पर बंधा फारुक अहमद डार। जीप पर बंधा फारुक अहमद डार।
मेजर लीतुल गोगोई और फारुक अहमद डार। मेजर लीतुल गोगोई और फारुक अहमद डार।
पत्थरबाजों से बचने के लिए डार को ह्यूमन शील्ड की तरह इस्तेमाल किया गया था। पत्थरबाजों से बचने के लिए डार को ह्यूमन शील्ड की तरह इस्तेमाल किया गया था।
मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को कहा था कि वो डार को 10 लाख रुपए दे। मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को कहा था कि वो डार को 10 लाख रुपए दे।
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जीप पर बंधा फारुक अहमद डार।जीप पर बंधा फारुक अहमद डार।
मेजर लीतुल गोगोई और फारुक अहमद डार।मेजर लीतुल गोगोई और फारुक अहमद डार।
पत्थरबाजों से बचने के लिए डार को ह्यूमन शील्ड की तरह इस्तेमाल किया गया था।पत्थरबाजों से बचने के लिए डार को ह्यूमन शील्ड की तरह इस्तेमाल किया गया था।
मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को कहा था कि वो डार को 10 लाख रुपए दे।मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को कहा था कि वो डार को 10 लाख रुपए दे।