विरोध / गोवा फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे प्रकाश जावड़ेकर के खिलाफ लगे "गो बैक" के नारे, कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

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दैनिक भास्कर

Nov 21, 2019, 11:44 AM IST

बॉलीवुड डेस्क. गोवा में आयोजित 50वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के खिलाफ नाराज राजनैतिक कार्यकर्ताओं द्वारा नारेबाजी की गई। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां हाथ में लेकर गो बैक जावड़ेकर के नारे लगाए। प्रकाश उद्घाटन समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। उनके साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे और प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत उपस्थित रहे। 

 

सिने जगत के बड़े ईवेंट्स में से एक गोवा फिल्म फेस्टिवल के 50वें संस्करण की शुरुआत बुधवार से हो चुकी है। इनॉग्रेशन सेरेमनी में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। समारोह के दौरान कई प्रदर्शनकारी हाथों में स्लोगन लिखी तख्ती लेकर पहुंच गए और गो जावडे़कर के नारे लगाए। बताया जा रहा है कि स्थानीय लोग  गोवा और कर्नाटक के बीच जारी पानी विवाद में मंत्री की भूमिका से नाराज थे। हालांकि भीड़ में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

 

शूटिंग परमिशन के लिए देंगे सिंगल विंडो
उद्घाटन समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में भी कई जगह बेहद सुंदर हैं, लेकिन शूटिंग के लिए कई सारी परमिशन लेनी पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि अब से सिंगल विंडो सिस्टम चालू करेंगे जिससे शूट के लिए अनुमति मिलने में आसानी हो।

 

गोवा के हिस्से का पानी वापस दो
पानाजी स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे कॉन्ग्रेस, गोवा फॉरवर्ड और कई अन्य संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने परिसर का घेराव किया। नाराज आंदोलनकारी विवादित कलासा-बंदुरी प्रोजेक्ट पर जावड़ेकर के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि इस प्रोजेक्ट को लेकर दी गई अनुमति मंत्री वापस लें। गोवा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष गिरीश चोदांकर ने कहा कि जावड़ेकर ने अनैतिक तरीके से कलासा-बंदुरी प्रोजेक्ट को अनुमति देकर गोवा की जनता को धोखा दिया है। वहीं विपक्ष के नेता दिगंबर कामत ने कहा कि जावडे़कर को उन्होंने गोवा की जनता के साथ ठीक नहीं किया इसलिए उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने से बचना चाहिए।

 

क्या था मामला
मंगलवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कर्नाटक सरकार को दी हुई मंजूरी को वापस लेने से इंकार कर दिया था। सरकार द्वारा जारी मेमोरेंडम कर्नाटक सरकार को 841 करोड़ रुपए के कलासा-बंदुरी प्रोजेक्ट के लिए अनुमति दी गई थी। प्रोजेक्ट के अनुसार महादेवी नदी के पानी को मालप्रभा नदी में मोड़ा जाना था। 

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