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ब्रेस्टफीडिंग कराती एक्ट्रेस के फोटो पर केरल हाईकोर्ट को नहीं है आपत्ति, फैसले में कहा- अश्लीलता देखने वाले की आंखों में होती है, 3 महीने पहले मैगजीन 'गृहलक्ष्मी' के कवर पर छपी थी फोटो

गिलू जोसेफ ने कहा- हम उस शख्स का धन्यवाद देते हैं, जिसने यह केस फाइल किया था।

Dainik Bhaskar

Jun 24, 2018, 12:20 PM IST
गिलू जोसेफ की यही फोटो मैगजीन के मार्च एडिशन के कवर पर छपी थी। गिलू जोसेफ की यही फोटो मैगजीन के मार्च एडिशन के कवर पर छपी थी।

मुंबई/कोच्चि। मलयालम मैगजीन 'गृहलक्ष्मी' के कवर पेज पर ब्रेस्टफीडिंग कराती एक्ट्रेस गिलू जोसेफ की फोटो छापने के मामले पर केरल हाईकोर्ट ने मैगजीन के पक्ष में फैसला सुनाया। इस पर एक्ट्रेस गिलू जोसेफ ने कहा- यह हम सभी के लिए खुशी की बात है कि जजमेंट आर्टिस्ट के फेवर में आया है। हम उस शख्स का भी धन्यवाद देते हैं, जिसने यह केस फाइल किया। क्योंकि उसकी वजह से ही हाईकोर्ट ने हमें एप्रिशिएट किया। गिलू ने आगे कहा- कोर्ट केस को लेकर उनके दिमाग में बिल्कुल भी डर नहीं था, क्योंकि वो जानती थीं कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। इसलिए मैगजीन ने छापी थी ब्रेस्टफीडिंग कराती फोटो...

मैगजीन ने ब्रेस्टफीडिंग कराती यह फोटो एक सोशल कैम्पेन को बढ़ावा देने के लिए छापी थी। इसका मकसद सार्वजनिक जगहों पर ब्रेस्टफीडिंग को गलत नजरिए से देखने वालों को करारा जवाब देना था। बता दें कि इस पूरे मामले को लेकर केरल में कुछ लोगों ने काफी विरोध किया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर गिलू जोसेफ को भी ट्रोल किया गया था।

ये है पूरा मामला...

मार्च, 2018 में मलयालम एक्ट्रेस गिलू जोसफ ने एक बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराते हुए फोटोशूट कराया था, जिसे 'गृहलक्ष्मी' मैगजीन ने कवर पर छापा था। फोटो के साथ ये भी लिखा था कि केरल की माताएं कह दो-प्लीज लोग घूरें नहीं, हमें ब्रेस्टफीड कराना है। इस मामले पर वकील मैथ्यू विल्सन ने यह कहते हुए केरल की कोल्लम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि यह फोटो कामुक है और महिला की गरिमा को नीचा दिखाती है। इतना ही नहीं कुछ लोगों की आपत्ति इस बात पर भी थी कि गिलू जोसेफ ने सिंदूर लगाने के साथ ही मंगलसूत्र भी पहना है, जबकि वो ईसाई धर्म को मानती हैं।

कोर्ट ने मैगजीन के पक्ष में सुनाया फैसला...

कोर्ट ने मैगजीन के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इस मामले में दर्ज याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने दलील दी कि किसी एक शख्स की अश्लीलता दूसरे आदमी की नजरों में अच्छाई हो सकती है। कोर्ट ने कहा- अश्लीलता देखने वाले की आंखों में होती है। केस की सुनवाई चीफ जस्टिस एंटनी डोमिनिक और जस्टिस डामा शेषाद्रि नायडू की बेंच में हुई। बेंच ने यह भी कहा- भारतीय मनोविज्ञान काफी मैच्योर है। मैगजीन के कवर पर ऐसा कुछ भी नहीं था, जो महिलाओं या पुरुषों के लिए आपत्तिजनक हो।

कौन हैं गिलू जोसेफ...

गिलू जोसेफ मॉडल, एक्ट्रेस, कवियित्री और राइटर हैं। जोसेफ के मुताबिक, जब इस प्रोजेक्ट के लिए मैगजीन ने उनसे बात की तो उन्होंने फौरन हां कर दी थी। ब्रेस्टफीडिंग मां को मिला एक अधिकार है। मुझे खुद पर गर्व है कि मैं इस मैगजीन का हिस्सा बनी।

गिलू जोसेफ गिलू जोसेफ
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गिलू जोसेफ की यही फोटो मैगजीन के मार्च एडिशन के कवर पर छपी थी।गिलू जोसेफ की यही फोटो मैगजीन के मार्च एडिशन के कवर पर छपी थी।
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