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पोती की हत्या का गम बर्दाश्त नहीं कर सकी दादी, 58 दिन बाद निकल गया दम

रविवार को कीर्ति की दादी का निधन हुआ। लेकिन कीर्ति के कजिन ने अब यह जानकारी मीडिया को दी है।

Danik Bhaskar | May 17, 2018, 02:25 PM IST
कीर्ति व्यास और उनकी दादी। कीर्ति व्यास और उनकी दादी।
मुंबई. फरहान अख्तर की Ex-वाइफ अधुना अख्तर के सैलून चेन 'बी ब्लंट' की फाइनेंस मैनेजर कीर्ति व्यास की हत्या का मामला मई के पहले सप्ताह भी खूब चर्चा में रहा। अब खबर यह है कि कीर्ति की दादी पोती के अचानक चले जाने को सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकीं और उनका निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आखिरी वक्त में कीर्ति की फोटो उनके बगल में पाई गई। रविवार को कीर्ति की दादी का निधन हुआ। लेकिन कीर्ति के कजिन ने अब यह जानकारी मीडिया को दी है। 16 मार्च के बाद से खामोश थीं दादी...
- 16 मार्च को कीर्ति अचानक लापता हो गई थीं। इससे पहले तक उनकी दादी की सेहत ठीक थी। कीर्ति के कजिन विनय ने एक अंग्रेजी न्यूज पोर्टल से बात करते हुए कहा, "जब कीर्ति घर में दिखाई नहीं दीं तो दादी ने कई बार पूछा कि उनकी पोती कहां है? हमने कई बार उनका ध्यान इस सवाल से हटाने की कोशिश की। लेकिन कब तक उनसे बात छुपाते। दादी कीर्ति को बहुत चाहती थीं। उनके बगल में हमेशा कीर्ति की एक फोटो रहती थी। उनका इस तरह से जाना बेहद दुखद है। 16 मार्च के बाद से उनकी हालत में गिरावट आने लगी थी और वे चुपचुप रहने लगी थीं।"
अचानक जमीन पर गिरीं और उठ न सकीं
- कीर्ति के कजिन ने बताया, "रविवार रात उनका निधन हुआ। वे बड़े ही अजीब तरीके से नीचे पड़ी हुई थीं। यह देख हमने डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने हमें बताया कि दादी की सांसे थम चुकी हैं।

कीर्ति व्यास। कीर्ति व्यास।
किसने की कीर्ति की हत्या?
 
- कीर्ति व्यास के लापता होने के करीब 50 दिन बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने गुत्थी सुलझाते हुए यह कहा कि कीर्ति का मर्डर हो चुका है। कीर्ति को आखिरी बार 16 मार्च को देखा गया था। उनके साथ काम करने वाले दो एम्प्लाई ने उन्हें ग्रांट रोड स्टेशन पर छोड़ा था और तभी से कीर्ति का कहीं कोई पता नहीं था। बाद में इन्हीं दोनों एम्प्लाई को पुलिस ने मर्डर में गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने 16 मार्च को अपनी कार में ही कीर्ति की हत्या कर दी। क्राइम ब्रांच को इस मामले में अहम सबूत उसी कार से मिले थे, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। क्राइम ब्रांच के मुताबिक सिद्धेश को कीर्ति नौकरी से निकालना चाहती थीं इसलिए उसने खुशी के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी। 
 
कीर्ति के लिए कैंपेन चला रही थी खुशी
 
जिस खुशी के साथ मिलकर  सिद्धेश ने कीर्ति की हत्या की वही खुशी कीर्ति को ढूंढने के लिए फेसबुक पर लगातार कैंपेन चला रही थी। वो लगातार पुलिस स्टेशन भी जाकर पूछताछ करती थी। 

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