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नेशनल अवॉर्ड से पहले विवाद, राष्ट्रपति से नाराज एक्टर्स ने दी बायकॉट की धमकी

विज्ञान भवन में गुरुवार को राष्ट्रीय पुरस्कार के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।

Danik Bhaskar | May 03, 2018, 08:27 PM IST
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।

मुंबई/नई दिल्ली। यहां के विज्ञान भवन में गुरुवार को राष्ट्रीय पुरस्कार के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके लिए सभी विनर्स 2 मई की दोपहर तक दिल्ली पहुंच गए और विज्ञान भवन में इवेंट की रिहर्सल भी अटेंड की। हालांकि सभी विजेता उस वक्त चौंक गए, जब उन्हें ये पता चला कि इस इवेंट पर सिर्फ 11 विजेताओं को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा अवॉर्ड दिया जाएगा। बाकी सभी विजेताओं को सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा अवॉर्ड दिया जाएगा। इस वजह से नाराज हुए नेशनल अवॉर्ड विनर्स...


- विज्ञान भवन में मौजूद सभी विनर्स को एक डॉकेट दिया गया, जिसमें इस बात का खुलासा किया गया था कि 11 अवॉर्ड्स के अलावा बचे सभी अवॉर्ड्स सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी, सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर और इसी डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी नरेंद्र कुमार सिन्हा द्वारा दिया जाएगा। डॉकेट में यह भी बताया गया है कि राष्ट्रपति करीब 5.30 बजे विज्ञान भवन पहुंचेंगे। इससे पहले ही स्मृति ईरानी और राज्यवर्धन सिंह राठौर कई अवॉर्ड्स दे चुके होंगे। आखिर में सभी अवॉर्ड्स के डिस्ट्रिब्यूशन के बाद राष्ट्रपति इन 45 लोगों के विजेताओं के ग्रुप के साथ फोटो खिंचाएंगे।


विनर्स ने दी बायकॉट की धमकी...
एक पॉपुलर अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कई विनर्स ने नाराज होकर इस इवेंट का बायकॉट करने की धमकी दी है। इसके बाद डायरेक्टोरेट ऑफ फिल्म फेस्टिवल ने सभी से कहा है कि वो अपनी शिकायत सीधे स्मृति ईरानी से कर सकते हैं। दरअसल, नियम के मुताबिक राष्ट्रपति द्वारा ही नेशनल अवॉर्ड दिया जाता है। लेकिन इस बार नियमों में किया गया ये बदलाव एक्टर्स को मंजूर नहीं था।


विनर्स को मनाने आगे आईं स्मृति ईरानी...
विवाद के बाद स्मृति ईरानी ने विनर्स से मुलाकात की और बताया कि उन्हें राष्ट्रपति ने सिर्फ 1 घंटे का ही समय दिया है। ऐसे में वो सभी को अवॉर्ड नहीं दे सकते थे। इसी वजह से अवॉर्ड देने के लिए दूसरे मिनिस्टर्स को कहा गया है। इस पर विनर्स का कहना है कि भाषण और फोटो सेशन के लिए जो समय दिया गया है, उसमें कटौती की जाए तो राष्ट्रपति खुद सभी विनर्स को सम्मानित कर सकेंगे। स्मृति ईरानी ने विनर्स की रिक्वेस्ट को राष्ट्रपति भवन भिजवाया है। हालांकि इस पर अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। सभी विनर्स को 3.15 तक विज्ञान भवन पहुंचने के लिए कहा गया है।

आगे की स्लाइड्स पर, जानें कब से शुरु हुआ नेशनल अवॉर्ड और कौन हैं ज्यूरी मेंबर...

शेखर कपूर। शेखर कपूर।

1954 से शुरु हुआ नेशनल अवॉर्ड...

1954 में शुरू हुआ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार फिल्म के क्षेत्र में सबसे सम्मानित पुरस्कार है। इसके अंतर्गत बेस्ट फीचर फिल्म (फिक्शन/नॉन फिक्शन), डायरेक्शन, एक्टिंग, सिनेमटोग्राफी, स्क्रीनप्ले और रीजनल सिनेमा के लिए अवॉर्ड दिए जाते हैं। इस बार 65वां पुरस्कार समारोह है, जिसकी ज्यूरी में डायरेक्टर शेखर कपूर, स्क्रीन राइटर इम्तियाज हुसैन, गीतकार महबूब, एक्ट्रेस गौतमी तडीमल्ला, डायरेक्टर पी, शेषाद्रि, अनिरुद्ध रॉय चौधरी, रंजीत दास, राजेश मपुस्कर, त्रिपुरारी शर्मा और रूमी जाफरी जैसे सेलेब्रिटी शामिल हैं।

इन 11 लोगों को राष्ट्रपति से मिलेगा अवॉर्ड...

- दादासाहब फाल्के अवॉर्ड : विनोद खन्ना 
- बेस्ट एक्ट्रेस : श्रीदेवी (मॉम)
  नरगिस दत्त अवॉर्ड फॉर बेस्ट
- फीचर फिल्म ऑन नेशनल इंटीग्रेशन : धप्पा (मराठी)
- बेस्ट बुक ऑन सिनेमा : मातामगी मणिपुर (पहली मणिपुरी फीचर फिल्म अंग्रेजी)
- बेस्ट डायरेक्शन : नागराज मंजुले (पावश्चा निबंधा)
- बेस्ट जसारी फिल्म : सिंजर
- बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर : केजे यशुदास (पोय मरंजा कलम)
- बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन (सॉन्ग) : एआर रहमान, कातरू वेलियादी तमिल
- बेस्ट एक्टर : रिद्धी सेन (नगरकीर्तन, बंगाली)
- बेस्ट डायरेक्शन : जयराज (भयानकम, बंगाली)
- बेस्ट फीचर फिल्म : विलेज रॉकस्टार (असमिया)