वेलकम नोट / कल्कि ने बेटी को दिया ग्रीक कवियत्री का नाम 'साफो', फुटप्रिंट शेयर कर लिखा- हमने सबसे बड़ी लड़ाई जीती

Kalki Koechlin gave her daughter name on Greek poet of 600 BC Sappho, wrote with sharing her footprint - We have won the biggest battle
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Kalki Koechlin gave her daughter name on Greek poet of 600 BC Sappho, wrote with sharing her footprint - We have won the biggest battle

दैनिक भास्कर

Feb 10, 2020, 02:37 PM IST

बॉलीवुड डेस्क. कल्कि कोचलिन ने 7 फरवरी को बेटी को जन्म दिया है। इसके बाद उन्होंने बेटी के जन्म के बाद एक इमोशनल पोस्ट के जरिए अपनी बेटी का स्वागत किया है। उन्होंने इस नोट में बेटी का नाम साफो लिखा है। फोटो में उनकी बेटी के फुटप्रिंट भी नजर आ रहे हैं। कल्कि बेटी के जन्म से पहले ही लगातार मैटरनिटी फोटोशूट को लेकर चर्चा में रही हैं। 

Please welcome Sappho. Born 07/02/20. She just spent 9 months wrapped up like a momo in my uterus. Let's give her some space🌬️ Thank you for all the good wishes and positive energy pouring in. And respect to all the women who go through the intense and gruesome experience of birth, be it vaginal or c section, so many of whom are not given credit or support for the biggest challenges they face, but are expected to do it out of some kind of duty. The process takes a huge toll both psychological and physical and should have the backing of an entire community to truly heal. And a reminder to each and every human being of where we started, being formed from tiny molecules to conscious, beautiful beings. We are survivors of the biggest battle, the one for life and existence, and should treat ourselves and others with that love and respect. "Some say an army of horsemen or infantry, A fleet of ships is the fairest thing on the black earth, but I say It's what one loves." ~Sappho~ circa 600BC

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कल्कि ने लिखा - हमने बड़ी लड़ाई जीती : अपने नोट में कल्कि लिखती हैं- 'साफो' का स्वागत करें। वह 7 फरवरी 2020 को जन्मी है। उसने अभी-अभी 9 महीने मेरे गर्भाशय में मोमो की तरह लिपटे हुए बिताए हैं। आइए उसे कुछ जगह दें। सभी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। उन सभी महिलाओं का सम्मान करें जो प्रसव के गहन और भीषण अनुभव से गुजरती हैं। इस प्रक्रिया में मनोवैज्ञानिक और शारीरिक दोनों तरह से स्वस्थ होना चाहिए। हम सबसे बड़ी लड़ाई से बचे हैं, जो जीवन और अस्तित्व के लिए होती है। इसलिए हमें अपने और दूसरों के साथ वही प्यार और सम्मान का व्यवहार करना चाहिए।

 "कुछ कहते हैं कि घुड़सवार या पैदल सेना की एक सेना, जहाजों का एक बेड़ा काली धरती पर सबसे उचित चीज है, लेकिन मैं कहता हूं, यह वही है जो प्यार करता है।" (साफो लगभग 600BC)


कौन है साफो : कल्कि ने अपनी बेटी का नाम 600 ईसा पूर्व की एक पोएट साफो के नाम पर रखा है। साफो ग्रीस के लेस्बोस में जन्मी थीं। जिन्हें टेन्थ म्यूज और द पोएटेस नमा दिया गया था। साफो की देखरेख में कई युवतियां थीं। साफो ने अपनी कविता में महिलाओं की सुंदरता पर ध्यान केंद्रित किया था और कहा था कि हम महिलाओं से प्यार करते हैं। 'लेस्बियन' शब्द ग्रीक के इसी द्वीप 'लेसबोस' से लिया गया है।

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