परिणीति को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से हटाए जाने की खबरें गलत, हरियाणा सरकार ने किया खंडन

2 वर्ष पहले
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बॉलीवुड डेस्क. सीएए का विरोध करने पर परिणीति चोपड़ा को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से हटाए जाने की खबर का हरियाणा सरकार ने खंडन किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने कहा कि एक्ट्रेस को हटाए जाने की खबरें निराधार हैं। गौरतलब है कि परिणीति ने अधिनियम का विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध किया था।

हरियाणा सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि परिणीति चोपड़ा को अभियान से निकाले जाने की खबरें गलत हैं। विभाग के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि एक्ट्रेस को ट्वीट करने पर ब्रैंड एंबेस्डर की भूमिका से नहीं हटाया गया है। हमने एक्ट्रेस से एक साल का एग्रीमेंट साइन किया था, जो अप्रैल 2017 में खत्म हो गया था, जिसे बाद में रिन्यू भी नहीं किया गया था। राज्य सरकार ने परिणीति को 2015 में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान का ब्रैंड एंबेस्डर नियुक्त किया था।

परिणीति ने विरोध जताते हुए कहा था कि 'अगर किसी नागरिक के विरोध करने पर ऐसा ही होना है तो फिर कैब भूल जाओ। इसकी जगह पर हमें बिल पास करना चाहिए कि और हमारे देश को अब लोकतांत्रिक कहना छोड़ देना चाहिए। अपने मन की बात कहने पर मासूम इंसानों को पीटना बर्बरता है।' फिलहाल परिणीति भारत की स्टार शटलर साइना नेहवाल की बायोपिक में व्यस्त हैं। कुछ दिनों शूट के दौरान उनको चोट लगने की भी खबरें आईं थीं। साइना जैसा बैडमिंटन खेलने के लिए एक्ट्रेस पिछले 4 महीने से लगातार ट्रेनिंग ले रही हैं। वे बायोपिक के लिए पूरी तरह तैयार होने 15 दिन तक पनवेल के रामसेठ ठाकुर इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लैक्स में रहीं। ताकि शूटिंग और बैडमिंटन की प्रैक्टिस एक ही समय में कर सकें। फिल्म का डायरेक्शन अमोल गुप्ते कर रहे हैं।

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