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  • On every birthday, Dharmendra is missing his mother badly, Sharmila tagore's capital has to listen birthday wish in Bangla from Taimur and Inaya

एक्सक्लूसिव / हर जन्मदिन पर धर्मेन्द्र को सताती है मां की याद, तैमूर-इनाया से बांग्ला में विश सुनना है शर्मिला की पूंजी

फिल्म 'चुपके चुपके' के एक सीन में धर्मेन्द्र और शर्मिला टैगोर फिल्म 'चुपके चुपके' के एक सीन में धर्मेन्द्र और शर्मिला टैगोर
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फिल्म 'चुपके चुपके' के एक सीन में धर्मेन्द्र और शर्मिला टैगोरफिल्म 'चुपके चुपके' के एक सीन में धर्मेन्द्र और शर्मिला टैगोर

  • 84 साल के हो रहे धरमजी पंजाब दे पुत्तर हैं, इसलिए पंजाबी भाषा में 'जन्मदिन दी मुबारकां'
  • अपना 75वां जन्मदिन मना रहीं शर्मिला जी बंगाली है, इसलिए बांग्ला भाषा में 'शुभो जन्मदिन'

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2019, 10:49 AM IST
उमेश कुमार उपाध्याय/अमित कर्ण, मुंबई. बॉलीवुड की दो बेहद खास शख्सियतों का आज जन्मदिन है, ये हैं गुजरे जमाने के सुपरस्टार धर्मेंद्र और अभिनेत्री शर्मिला टैगोर, अपनी जिंदगी के इस खास अवसर पर इन दोनों ने दैनिक भास्कर से अपने दिल की गहराइयों में छुपी कई बातें शेयर कीं।
  • 'मां के जाने के बाद जन्मदिन पर वो इतनी याद आती हैं कि उनकी तस्वीर देखता रहता हूं'

    <p><strong>'मां के जाने के बाद जन्मदिन पर वो इतनी याद आती हैं कि उनकी तस्वीर देखता रहता हूं'</strong></p>

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    अपनी मां सतवंत कौर के पैर छूने की इस फोटो को धर्मेंद्र निहारते रहते हैं।

    • आपके यहां हर जन्मदिन पर हवन के साथ दिन की शुरुआत करने की परंपरा है।

    हमारे यहां जन्मदिन पर हवन करने की परंपरा मेरी मां ने शुरू की थी। अब जन्म देनेवाली नहीं रही, तब जन्मदिन मनाने का मजा ही नहीं आता। बस मां को याद करते हुए पूजा हवन कर लेता हूं ।

    • बचपन में मां के साथ मनाए कुछ जन्मदिन की यादें ताजा करेंगे?

    मेरे जन्मदिन वाले दिन मेरी मां सबको इकट्ठा करती थीं। वह बोलती थीं कि आज सब लोग जल्दी उठकर रेडी रहना। वह बहुत प्यार करती थीं। थोड़ा अच्छे से यह सेलिब्रेशन मनाती थीं। हम बच्चों को अच्छा अच्छा खाना बनाकर खिलाती थीं। लिफाफे भी देती थीं। जन्मदिन पर जरूरतमंद की मदद करती थीं। मेरे पुराने कपड़े निकालकर जरूरतमंदों को दे आती थीं। मुझे तो बताती भी नहीं थीं और अलमारी खोलकर खुद ही कपड़े निकालकर लोगों को दे आती थीं। जब से मेरी मां गुजरी हैं, तब से वह इस दिन बहुत याद आती हैं। उनकी इतनी याद आती है कि बस उनकी तस्वीर को देखता ही रहता हूं। उस तस्वीर को सामने रखकर ही हवन करता हूं। मां के जाने का इतना गम है कि जन्मदिन के मामले को मैं थोड़ा लो ही रखता हूं।

    • आपको मां से इतना प्यार है। पिता के बारे में भी कुछ बताएं?

    पापा बहुत प्यार करते थे। लेकिन बाप दिखाता नहीं है। मां से भी कहीं ज्यादा बाप के अंदर प्यार होता है। वह अपने अंदर रखे रहते हैं दिखाते नहीं हैं। ऐसा ही मेरे पिता का मेरे प्रति प्यार था।

    • आपके बेटे-बेटी इस दिन आपके लिए क्या खास करते हैं?

    ऐसा कुछ नहीं है। हम सब वही गांव वाले हैं। हम इस बात को ज्यादा तरजीह नहीं देते हैं कि आज कोई खास दिन है। जिस तरह से गांव में लोग एक-दूसरे से प्यार से मिलते हैं, उस ढंग से ही जन्मदिन मनाते हूं। हमने तो यह सब गांव में कभी देखा भी नहीं था। मुंबई आकर जाना कि जन्मदिन मनाओ... यह भी करो, वह भी करो। यह लोगों की ड्रामेबाजी हैं। वह सब हम नहीं करते। हां नाती पोतों की खुशी के लिए इन्हें कहीं ना कहीं बाहर ले जाता हूं। इस बार कहां लेकर जाऊंगा, अभी तो कुछ तय नहीं है। मैं कभी भी प्लान करके कुछ नहीं करता हूं। मैं ऐसे ही चल पड़ता हूं।
    हां, यह जरूर है कि मेरे चाहने वाले भी एक दिन पहले से आने शुरू हो जाते हैं। लोग इतने प्यार से आते हैं उनका मन रखना पड़ता है। प्यार की दुआ प्यार से देना चाहिए। मैं नीचे उतरकर सब से मिलता हूं। जो मोहब्बत है उससे ज्यादा बड़ी चीज कुछ भी नहीं होती। वह हम सबके अंदर जी भर के भरी हुई है। खुद के लिए ही नहीं, सबके लिए मोहब्बत है। वह साफ झलकती है। उससे बड़ा जश्न क्या मनाएंगे।

    • क्या कभी फिल्म के सेट पर बर्थडे मनाने की 'ड्रामेबाजी' हुई है?

    मेरा और शर्मिला टैगोर का बर्थडे एक ही दिन 8 दिसंबर को आता है। हम जब देवर, अनुपमा फिल्मों में काम कर रहे थे, तब सेट पर साथ में केक काटा था। पहले मैं दादा मुनि वगैरह को बुला लाता था। आज भी मैं बर्थडे के दिन शर्मिला को जरूर विश करता हूं। इस बार भी जरूर करूंगा। अगले दिन शत्रुघ्न सिन्हा का बर्थडे आता है। उनको भी विश करता हूं। उनको घर मिलने भी जाता हूं।

    • आज आपके जीवन की क्या प्राथमिकताएं हैं?

    सेहत और सुकून मेरी प्राथमिकताएं हैं। मैं आज भी अपने फार्म पर चला जाता हूं। काम करता हूं। दुआ करता हूं। सुकून के लिए पोएट्री लिख लेता हूं।

    • आपने फिल्मों से दूरी क्यों बना रखी है?

    देखिए, हर चीज का एक वक्त होता है। पहले मेरे जितना काम किसी ने किया नहीं होगा। मैं दो-दो शिफ्ट में काम करता था। अब ज्यादा काम मैं करता नहीं हूं। कहानियां भी बदल गई हैं। उम्र के हिसाब से सूटेबल रोल भी तो मिलना चाहिए।

    • एक्टिंग की दुनिया की कमी तो खलती होगी?

    ऐसा कुछ भी नहीं है। मुझे अभी भी नहीं लगता है कि मैं कभी एक्टर बना था या नहीं बना था। मैं तो यह सब भूल चुका हूं। शोहरत मेरे सिर पर नहीं चढ़ती, मुझे इंसानियत शोहरत से कहीं ज्यादा प्यारी है। अच्छा ह्यूमनबीइंग बनना बहुत बड़ी बात हो जाती है।
     

  • 'तैमूर-इनाया की मीठी जुबान में बांग्ला में बर्थडे विश सुनने का अहसास सबसे खास'

    'तैमूर-इनाया की मीठी जुबान में बांग्ला में बर्थडे विश सुनने का अहसास सबसे खास'

    तैमून और इनाया के साथ शर्मिला का यह लम्हा सबसे प्यारा

    • इस बार का आपका बर्थडे काफी खास है, क्योंकि यह 75वां बर्थडे है और आप अपनी जिंदगी की प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेट कर रही है।इसे सेलिब्रेट करने का क्या स्पेशल प्लान है?

    इस जश्न को मनाने के लिए एक दिन पहले ही हमारी पूरी फैमिली सहित हम रणथंभौर के शेर बाग टाइगर रिजॉर्ट में पहुंचे हैं। यहां के सारे 12 से 14 टेंट बुक कर लिए गए थे। यह सेलिब्रेशन बड़ा प्राइवेट और क्लोज फैमिली अफेयर बनाया गया है। शनिवार को लंच के बाद हम सब फॉरेस्ट में गए। सबने साथ में वाइल्डलाइफ का लुत्फ उठाया। यहां का प्रोग्राम इसलिए बनाया क्योंकि सबको पता है कि मुझे वाइल्ड लाइफ बहुत ज्यादा पसंद है।

    • सैफ-करीना, सोहा- कुनाल आदि आपके बच्चे आपके लिए किस तरह बर्थडे सेलिब्रेशन अरेंज करते हैं। क्या वे कोई सरप्राइज भी अरेंज करते हैं?

    जी हां वे मेरे लिए कई सरप्राइज अरेंज करते रहे हैं। मेरे इसी बर्थडे की बात करें तो शेर बाग रिजॉर्ट में सरप्राइज पार्टी इन सभी ने ही ऑर्गनाइज की ही। मेरे बच्चों को पता था कि मुझे वाइल्ड लाइफ बेहद पसंद है। ऐसे में सबने यहीं पार्टी ऑर्गनाइज की। टाइगर और दूसरे जानवर भी यहां पाए जाते हैं। सबसे बड़ी बात है कि मेरे सभी बच्चे अपने बिजी शेड्यूल में से वक्त निकाल शनिवार से ही यहां आ गए थे। सैफ मियां, कुणाल मियां, तैमूर, इनाया सब पहुंच गए हैं।

    • अब तक का आपका सबसे खास जन्मदिन कौन सा रहा है, जिससे जुड़ी रोचक याद आपको आज भी आनंदित कर देती हो और आप उस बर्थडे को कभी भुला नहीं सकी हों?

    वैसे तो सबसे खास मेरा 65 वां बर्थडे रहा था। उसके सेलिब्रेशन से मेरी बहुत सी प्यारी यादी जुड़ी हुई हैं, पर अब मेरे सबसे खास यह 75वां बर्थडे ही बन गया है। वह भी इसलिए कि इस बार काफी फ्रेंड्स इसे सेलिब्रेट करने आए हुए हैं। ये सभी मेरी 75वीं सालगिरह को काफी स्पेशल मान रहे हैं। पूरी फैमिली के साथ होने से तो यह खुशी दोगुनी हो गई है।

    • जिंदगी के इस खास पड़ाव पर आपको मंसूर साहब से जुड़ी की कौन सी प्यारी, इमोशनल मेमोरीज और खास किस्से आज याद आते हैं ?

    अभी नवाब साहब तो इस दुनिया में हैं नहीं, उनकी याद जरूर साथ है। उनका ब्रिटिश एक्सेंट, उनका हर अंदाज मुझको आज भी बिल्कुल पहले जैसा ही याद है। उनकी हाजिरजवाबी और दिल जीतने की अदा निराली थी। उस जमाने में मुझे इंप्रेस करने के लिए एक बार उन्होंने मेरे घर पर कई रेफ्रिजरेटर भिजवा दिए थे। बॉम्बे जिमखाना में उनके द्वारा की गई छक्कों की बरसात भी मुझे ऐसे याद है जैसे माने यह कल की ही बात हो।

    • आप कैमरे की चमक-दमक से दूर हैं, सो आज जीवन की प्राथमिकता क्या है?

    कैमरे से दूर रहना और अपने चाहने वालों को तरसाने वाली कोई ऐसी बात नहीं है। मैं तो कई बरसो-बरस से काम ही करती रही हूं। अब जरा सा वक्त अपने और अपनों के लिए निकाल रही हूं।
    यह लम्हा, सबसे प्यारा..!

    • जब आपके नन्हें मुन्ने पोते-पोती तैमूर और इनाया आपको अपनी मीठी जुबान में हैप्पी बर्थडे बोलते हैं तो वह अहसास आपके लिए कितना कीमती होता है, उस लम्हे को कैसे बयां करेंगी?

    इस अहसास को शब्दों में कैसे बयां कर सकती हूं। उनकी विश सुनकर खुशी का ठिकाना ही नहीं रहता है। खासतौर पर जब दोनों मुझे मेरी मदर टंग बंगाली में हैप्पी बर्थडे विश किया करत हैं, तो सुनकर उन्हें गले लगाने को मन करता है। बंगाली तो वैसे ही मीठी जुबान है ही, ऊपर से बच्चों की मीठी जुबान में जब सुनती हूं तो मन पुलकित हो जाता है।

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