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आम आदमी का चेहरा है ऑफिस-ऑफिस का मुसद्दीलाल, पहली ही फिल्म को मिले थे 8 ऑस्कर

आरोहण में पंकज ने टीचर का रोल किया था। यह हिन्दी सिनेमा में उनकी पहली फिल्म थी। बॉलीवुड में पंकज का सफर यहीं से शुरु हुआ

Dainik Bhaskar

May 29, 2018, 08:12 PM IST
पंकज कपूर को अब तक राख (1989), एक डॉक्टर की मौत (1990) और मक़बूल (2003) में अभिनय के लिए नेशनल अवार्ड मिल चुके हैं। पंकज कपूर को अब तक राख (1989), एक डॉक्टर की मौत (1990) और मक़बूल (2003) में अभिनय के लिए नेशनल अवार्ड मिल चुके हैं।

बॉलीवुड डेस्क। शाहिद कपूर के पिता अभिनेता पंकज कपूर एक्टिंग के भी पिता हैं। आम आदमी चेहरा बनकर सिनेमा पर नजर आए पंकज की पहली ही फिल्म को 8 ऑस्कर अवार्ड मिले थे। हालांकि उनका नाम इस लिस्ट में नहीं था। लेकिन बॉलीवुड में उनकी एंट्री इसी फिल्म से हुई। इसके पहले वे एनएसडी में काम करते थे, फिल्म के दौरान ऐसे हालात बने कि उन्हें दोनों में से किसी एक को चुनना था। पंकज ने फिल्म चुनी और उनका यह फैसला सही साबित हुआ। आज पंकज कपूर का 64वां जन्मदिन है।

गांधी को दी आवाज
- रिचर्ड एटनबरो की फिल्म गांधी की हिन्दी डबिंग में पंकज ने ही अपनी आवाज गांधी को दी थी। फिल्म में पंकज ने उनके सचिव प्यारेलाल की भूमिका निभायी थी।
- फिल्म के 7 ऑस्कर रिचर्ड की टीम को मिले थे। सिर्फ एक अवार्ड कॉस्ट्यूम के लिए भानु अथैया को मिला था। यह भारत का पहला आॅस्कर अवार्ड था।

बेटे से है इस बात पर मतभेद
- पंकज और शाहिद कपूर के बीच मतभेद भी है। शाहिद का अपने पिता का ओवर प्रोटेक्टिव नेचर पसंद नहीं है। शाहिद कहते हैं वे अपने पिता की तरह बच्चों के लिए प्रोटेक्टिव नहीं बनेंगे।
- पंकज कपूर को बेहद गुस्सा आता है। एक इंटरव्यू में शाहिद ने बताया था कि उन्हें पिता के गुस्से से एतराज रहता है। इसी बात पर दोनों का मतभेद हाे जाता है।

ऐसे बने आम आदमी का चेहरा
- टेलीविजन इंडस्ट्री में पंकज कपूर ने दूरदर्शन के 80 के दशक में शुरुआत की। पंकज एक जासूस करमचंद की भूमिका में नजर आए। जो उनके मशहूर किरदारों में से एक है।
- 2001 में आए टीवी शो ऑफिस-ऑफिस में मुसद्दीलाल बनकर हर आम आदमी की व्यथा को पर्दे पर उतारा। इसी कड़ी में नीम का पेड़ का नाम भी शामिल है।

फिल्मों में भी दमदार अभिनय
- हिन्दी सिनेमा में पंकज कपूर को पहला ब्रेक श्याम बेनेगल की फिल्म आरोहण से मिला।
- पंकज अपने सशक्त अभिनय के लिए जाने जाते हैं। उनकी निभायी हर भूमिका इसकी गवाही देती है। एक डाॅक्टर की मौत, मकबूल, आरोहण, रोजा और राख इन्हीं में से एक हैं।
- पंकज और शाहिद एक साथ 2015 में फिल्म 'शानदार' में नजर आए थे। इससे पहले फिल्म 'मौसम', 'मटरू की बिजली का मन डोला' में दोनों साथ दिखे।


एक्स्ट्रा शॉट
- पंकज कपूर ने नीलिमा अजीम से शादी की थी, लेकिन यह ज्यादा नहीं चल पायी। शाहिद और रूहान कपूर पंकज और नीलिमा के बेटे हैं।
- पंकज ने दूसरी शादी सुप्रिया पाठक से की, सुप्रिया की बेटी सना कपूर भी फिल्मों में काम करती हैं।

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पंकज ने इब्राहिम अल्काजी के से अभिनय का प्रशिक्षण लिया। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पंकज ने इब्राहिम अल्काजी के से अभिनय का प्रशिक्षण लिया।
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पंकज कपूर को अब तक राख (1989), एक डॉक्टर की मौत (1990) और मक़बूल (2003) में अभिनय के लिए नेशनल अवार्ड मिल चुके हैं।पंकज कपूर को अब तक राख (1989), एक डॉक्टर की मौत (1990) और मक़बूल (2003) में अभिनय के लिए नेशनल अवार्ड मिल चुके हैं।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पंकज ने इब्राहिम अल्काजी के से अभिनय का प्रशिक्षण लिया।नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पंकज ने इब्राहिम अल्काजी के से अभिनय का प्रशिक्षण लिया।
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