--Advertisement--

पंकज उधास बोले-'चिट्ठी आई है' सुनकर इतना मोटिवेट हुआ था एक शख्स, विदेश की जॉब छोड़कर आ गया था इंडिया'

पंकज ने गजल की दुनिया में खूब नाम कमाया है,वह एक ऑनलाइन 'खजाना आर्टिस्ट अलाउड टैलेंट हंट' लेकर आ चुके हैं।

Danik Bhaskar | Jun 27, 2018, 04:19 PM IST

गजल गायक पंकज उधास 66 साल के हैं। उनका जन्म 17 मई, 1951 को जेतपुर, गुजरात में हुआ था। पंकज ने गजल की दुनिया में खूब नाम कमाया है,वह एक ऑनलाइन 'खजाना आर्टिस्ट अलाउड टैलेंट हंट' लेकर भी आ चुके हैं। वह इसमें ऐसे लोगों को मौका देंगे जो ग़ज़ल गाते हैं लेकिन उन्हें मंच नहीं मिलता। पंकज उधास ने DainikBhaskar.com से बातचीत की।

आपकी गजल 'चिट्ठी आई है' सबसे आइकॉनिक और पॉपुलर गजलों में से एक है। इससे जुड़ी कोई स्पेशल मैमोरी है?
इस गजल से जुड़े कई किस्से हैं। मैं आपको एक किस्सा बताता हूं। एक बार मैं जयपुर में एक शो कर रहा था और एक साहब आए और उन्होंने मुझे एक किताब दी और कहा, 'साब मैंने यह किताब लिखी है और आप इसे जरुर पढ़िएगा और मैंने यह किताब आपको डेडीकेट की है तो मुझे ताज्जुब हुआ कि ऐसी क्या बात है तो उन्होंने मुझे बताया कि वो सिलिकॉन वैली में आईटी इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे। वो एक दिन का 1500 डॉलर कमाया करते थे पर जब उन्होंने मेरा गाना 'चिट्ठी आई है' सुना तो वो सुनकर पता नहीं कैसे इमोशनली मोटिवेट हुए कि वो सिलिकॉन वैली की अच्छी खासी जॉब छोड़ कर इंडिया वापस आ गए और यहां आकार उन्होंने आईटी इंडस्ट्री में खुद का काम शुरू किया। आज वो अरबपति हैं और वो मुझसे जब भी मिलते हैं तो यही कहते हैं कि अगर मैं 'चिट्टी आई है' नहीं सुनता तो कभी इंडिया वापस नहीं आता।'

आप इस इंडस्ट्री में 30 साल से ज्यादा गुजार चुके हैं तो आपके करियर का सबसे बेहतरीन पल कौन सा रहा?
मैंने जब नायाब एलबम रिलीज़ किया था तो वह ट्रेंडसेटर साबित हुआ था। उसके कैसेट और सीडी जमकर बिके थे,फिर एक और एलबम आया जिसका नाम आफरीन था।1986 में इसने भी खूब सफलता बटोरी और इतने में ही चिट्टी आई है रिलीज़ हो गया था जिससे मुझे बेहद पॉपुलैरिटी मिल गई थी। फिर 1990 आते-आते साजन का गाना जिएं तो जिएं रिलीज़ हुआ तो वो भी हिट रहा था। मैं हाल ही मैं अमेरिका से लौटा हूं जहां कई सिटीज में मैंने 18 कॉन्सर्ट्स किए। लोगों का जो प्यार मिला वो शब्दों में बयां नहीं कर सकता

आपके फ्यूचर प्लान क्या हैं?

मैं एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा हूं जो कि काफी बड़ा और इंट्रेस्टिंग है। जल्द ही मैं इसके डिटेल शेयर करूंगा।

आजकल के ज़माने के म्यूजिक पर क्या सोचते हैं?

हमें ये सच स्वीकारना होगा कि म्यूजिक अब काफी बदल चुका है और बॉलीवुड इससे अछूता नहीं है। जिस तरह की फिल्में बन रही हैं उस तरह से म्यूजिक भी तो चेंज होगा ही.जो फिल्में बन रही हैं आज,वो इसी तरह का म्यूजिक डिमांड करती हैं तो जाहिर है कि सिंगर्स,प्रेजेंटर और फिल्ममेकर को वैसा ही करना पड़ता है। दूसरी बात है डिजिटलाइजेशन, बॉलीवुड के लोग इंटरनेशनल म्यूजिक से काफी प्रेरित हो चुके हैं।

खजाना आर्टिस्ट अलाउड टैलेंट हंट जबरदस्त रिस्पांस बटोर रहा है,क्या ऐसा इसकी ऑनलाइन प्रजेंस की वजह से है?
जी हां, हमें ये कुबूल करना पड़ेगा कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म सबसे प्रभावी प्लेटफ़ॉर्म है। हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना चाहते थे और ये किसी और माध्यम से संभव नहीं हो सकता था।डिजिटल हंट हमारे लिए कारगर साबित हुआ और इसके जरिए हमें कलाकार भी मिल रहे हैं जो आउटस्टेंडिंग हैं।