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Birthday Spl: महफिल में बुलाने नवाब बुक करते थे पूरी ट्रेन, गूगल ने डूडल बनाकर दिया गौहरजान को ट्रिब्यूट

मैसूर के महाराजा कृष्‍णराज वाडियार चतुर्थ के आमंत्रण पर मैसूर चली गईं। 18 महीने बाद 17 जनवरी 1930 को मैसूर में निधन हुआ।

Danik Bhaskar | Jun 26, 2018, 07:44 PM IST
गौहर के बारे में प्रसिद्ध है कि अपनी बिल्ली के बच्चों का जन्मदिन मनाने उन्होंने 20 हजार रुपए दावत में खर्च किए थे। गौहर के बारे में प्रसिद्ध है कि अपनी बिल्ली के बच्चों का जन्मदिन मनाने उन्होंने 20 हजार रुपए दावत में खर्च किए थे।

- 2 नवम्बर 1902 को भारत में 78 RPM में पहला म्यूजिक रिकॉर्ड हुआ था, जिसे गौहरजान ने किया था।

- गौहर जान का यह डूडल अदिति दामले ने बनाया है, जो केवल भारत में ही दिखाई दे रहा है। अदिति मैनहट्‌टन में रहती हैं।

बॉलीवुड डेस्क. 26 जून को पैदा हुई थीं भारत की पहली रिकॉर्डिंग सुपरस्टार गौहर जान। उनको ट्रिब्यूट देते हुए गूगल ने उनके 145वें जन्मदिन पर डूडल बनाया है। इस डूडल में गौहर जान के हाथ में एक बिल्ली और फूल दिखाई दे रहा है, वहीं उनके पीछे ग्रामोफोन बना हुआ है। 26 जून 1873 में यूपी के आजमगढ़ में एंजेलिना के रूप में आर्मेनियन पिता विलियम योवर्ड और मां विक्टोरिया के घर बेटी जन्मीं। अागे चलकर यही बेटी गौहर जान बनी। गौहर जान भारत की पहली गायिका थी, जिन्होंने अपने गाए गीतों की रिकॉर्डिंग कराई थी।

नबाव रखते थे स्टारडम का ख्याल : ‘गौहर’ नाटक का निर्देशन करने वाली लिलिट दुबे ने बताया कि रिसर्च के दौरान उन्हें पता चला कि- जब नवाब गौहर जान को अपनी महफिल सजाने के लिए बुलावा भेजते तो पूरी ट्रेन ही बुक करते थे। क्योंकि वे अपने पूरे एेशो-आराम के सामान के साथ सफ़र करती थीं।
- प्रतिभा और गायन के चलते गौहर गायन तथा रिकॉर्डिंग उद्योग के शुरुआती दिनों में करोड़पति बनीं। उनका रहन-सहन भी उस दौर के करोड़पति और अंग्रेज़ अफसरों जैसा था। जेवर और कपड़े भी रानियों को मात देते थे।

एंजेलिना ऐसे बनीं गौहरजान : पति से तलाक के बाद गौहर की मां विक्टोरिया ने खुर्शीद नाम के व्यक्ति से शादी की और इस्लाम अपना लिया। इसके बाद विक्टोरिया मलक जान और आठ साल की एंजेलिना गौहर जान बन गईं। गौहर को बचपन में गौरा नाम से भी बुलाते थे। गौहर ने पहली प्रस्तुति 1887 में 'दरभंगा राज' में दी। गौहर जान ने 'हमदम' नाम से कई गज़लें भी लिखीं।
- डांस के लिए गौहरजान ने कत्थक लीजेंड 'बिंदादिन महाराज' से कथक सीखा। बृंदादीन ने लखनऊ कालिका-बिंदादिन घराने की स्थापना की थी, बिंदादिन बिरजू महाराज के परदादा थे।

रिकॉर्ड किए 600 से ज्यादा गीत : गौहर जान ने 20 भाषाओं में ठुमरी, भजन, चैती गाए हैं। उन्होंने करीब 600 गीत रिकॉर्ड किए थे। गौहर जान दक्षिण एशिया की पहली गायिका थीं जिनके गाने ग्रामाफोन कंपनी ने रिकॉर्ड किए। 1902 से 1920 के बीच 'द ग्रामोफोन कंपनी ऑफ इंडिया' ने गौहर के हिन्दुस्तानी, बांग्ला, गुजराती, मराठी, तमिल, अरबी, फारसी, पश्तो, अंग्रेजी और फ्रेंच गीतों के छह सौ डिस्क निकाले थे।

- दिसम्बर 1911 में दिल्ली में किंग जॉर्ज पंचम के दरबार में गौहर जान ने जानकीबाई के साथ मिलकर ‘ये है ताजपोशी का जलवा मुबारक हो मुबारक हो’ गाया था।

जल्द आ सकती है गौहरजान की बायोपिक : गौहर जान की लाइफ पर बाॅलीवुड भी बायोपिक बनाना चाहता है। मोहनजोदाड़ो के डायरेक्टर आशुतोष गोवारीकर ने कहा है कि वह बीते युग की महान गायक रहीं, उनका जीवन प्रेरणादायक रहा है। आशुतोष बायोपिक बनाने गौहर जान पर रिसर्च भी कर रहे हैं।
- दूसरी ओर आमिर खान की पत्नी किरण राव गौहर जान पर फिल्म बनाने के लिए कहानी लिख रही हैं। एक इंटरव्यू में किरण ने कहा था कि फिलहाल इसमें कुछ साल लग जाएंगे।

एक्स्ट्रा शॉट्स

- गौहर ने अपनी उम्र से आधे एक पठान से शादी कर ली, लेकिन यह शादी चली नहीं। मामला कोर्ट कचहरी तक पहुंच गया जिसमें गौहर को अपनी जायदाद बेचनी पड़ी।

यहां सुनें गौहर जान की आवाज में रिकॉर्ड किया पहला गीत।

गौहर के शौक भी नवाबी थे। वे चार घोड़ों की बग्घी में चलती थीं। इसके लिए 1000 रुपए हर्जाना वाइसराय को देना पड़ता था। गौहर के शौक भी नवाबी थे। वे चार घोड़ों की बग्घी में चलती थीं। इसके लिए 1000 रुपए हर्जाना वाइसराय को देना पड़ता था।
गौहर जान। गौहर जान।