--Advertisement--

Birthday Spl: पहली पत्नी से तलाक के बाद पंचम दा ने होटल में बैठकर बनाई थी धुन- मुसाफिर हूं यारों न घर है न ठिकाना

आरडी बर्मन ने 1988 में हार्ट अटैक आने के बाद लंदन में बायपास सर्जरी करवाई थी, उस दौरान भी वे म्यूजिक तैयार करते रहते थे।

Danik Bhaskar | Jun 27, 2018, 11:18 AM IST
राहुल देव बर्मन की बतौर म्यूजिक डायरेक्टर पहली फिल्म 1961 में अाई छोटे नवाब थी। राहुल देव बर्मन की बतौर म्यूजिक डायरेक्टर पहली फिल्म 1961 में अाई छोटे नवाब थी।

बॉलीवुड डेस्क. पंचम दा यानी राहुल देव बर्मन की 79वीं बर्थ एनिवर्सिरी है। रोमांटिक गीतों को बनाने वाले पंचम की शादी भी फिल्मी कहानी जैसी रही। दार्जिलिंग की रहने वाली पहली पत्नी रीता ने अपने दोस्तों से शर्त लगाई कि वे आरडी के साथ फिल्म डेट पर जा सकती हैं। रीता शर्त जीत गईं और 1966 में दोनों की शादी हुई लेकिन चली नहीं। 1971 में तलाक के बाद होटल में बैठे-बैठे पंचम ने फिल्म परिचय के गीत मुसाफिर हूं यारों न घर है न ठिकाना की धुन तैयार की थी। पंचम ने दूसरी शादी आशा भोंसले से की थी, लेकिन पंचम के आखिरी दिनों में वे उनसे अलग हो गई थीं।

म्यूजिक बनाने करते अजीब प्रयोग : पंचम दा फिल्मों में म्यूजिक देने अजीब प्रयोग करते थे। हमजोली फिल्म के ढल गया दिन गीत में शटलकॉक की आवाज देने कांच की बॉटल में अंगुली फंसाकर साउंड क्रिएट किया था। मेहबूबा-मेहबूबा गाने में शुरुआती रिदम के लिए बीयर बॉटल में फूंक मारकर म्यूजिक बनाया।
- चुरा लिया है तुमने गीत का म्यूजिक भी कांच की प्याली में चम्मच से साउंड बनाया। सत्ते पे सत्ता का बैकग्राउंड म्यूजिक बनाने सिंगर से गरारे करवाए थे।
- फिल्म पड़ोसन के गीत मेरे सामने वाली खिड़की में कंघी को एक खुरदुरी जगह पर घिसकर म्यूजिक बनाया।
- 1983 की फिल्म अगर तुम न होते के गीत धीरे धीरे ज़रा ज़रा में जो धुन रेखा ने कमर में बंधे कमरबंद से निकालती है वह धुन पंचम दा ने चाबियों से तैयार की थी।

दादा मुनि ने दिया था नाम पंचम : दादा मुनि यानी अशोक कुमार ने राहुल को बचपन में रोते हुए सुना, तो उन्होंने कहा कि यह तो पंचम सुर में रोता है। तब से उन्हें पंचम कहा जाने लगा। पंचम दा ने 9 साल की उम्र में ही धुन बनाना शुरू कर दिया था।
- पिता एसडी बर्मन ने पंचम की बनाई पहली धुन 1956 में फिल्म फंटूश के गीत ‘ऐ मेरी टोपी पलट के आ’ में प्रयोग की।

सुभाष घई ने तोड़ा वादा : शो मैन सुभाष घई ने 1989 में राम लखन फिल्म बनाई। सुभाष ने पंचम से वादा किया था कि वे रामलखन का संगीत उन्हीं से तैयार करवाएंगे। लेकिन बाद अपने वादे से मुकरते हुए सुभाष ने फिल्म के लिए लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी को साइन कर लिया।
- लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल पहले आरडी बर्मन के बैंड मेम्बर्स ही थे।

एक्स्ट्रा शॉट्स
- 18 फिल्मों में आवाज़ भी दी। भूत बंगला (1965 ) और प्यार का मौसम (1969) में पंचम ने एक्टिंग भी की।
- पंचम, किशोर और राजेश खन्ना बेस्ट फ्रैंड्स थे। आरडी बर्मन ने राजेश खन्ना की 40 फिल्मों के लिए म्यूजिक बनाया।
1994 में प्रियदर्शन की मलयालम फिल्म ‘थेनमाविन कोमबथ’ पंचम की संगीतकार के तौर पर साइन की गई आखिरी फिल्म थी, लेकिन इसका संगीत बनाने से पहले ही वे चल बसे।
- 1994 में आई विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म 1942 अ लव स्टोरी पंचम की धुनों से सजी आखिरी फिल्म थी, जिसके लिए उन्हें फिल्म फेयर अवार्ड मिला था।

म्यूजिक के लिए आरडी ने अपनी 10वीं की पढ़ाई छोड़ दी थी, आशा उनसे आगे पढ़ने कहती थीं, लेकिन उन्होंने नहीं माना। म्यूजिक के लिए आरडी ने अपनी 10वीं की पढ़ाई छोड़ दी थी, आशा उनसे आगे पढ़ने कहती थीं, लेकिन उन्होंने नहीं माना।
फिल्म भूत बंगला में महमूद के साथ आरडी ने एक्टिंग भी की थी। फिल्म भूत बंगला में महमूद के साथ आरडी ने एक्टिंग भी की थी।