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चैक बाउंस मामले में राजपाल यादव को 6 महीने की जेल, 1.60 Cr का जुर्माना भी

राजपाल यादव और उनकी पत्नी की कंपनी के खिलाफ चैकबाउंस के 7 मामले दर्ज हैं।

Danik Bhaskar | Apr 23, 2018, 07:09 PM IST
राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा

मुंबई. दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने चैक बाउंस मामले में एक्टर राजपाल यादव की 6 महीने जेल की सजा सुनाई। हालांकि, इसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। गौरतलब है कि राजपाल यादव और उनकी पत्नी की कंपनी के खिलाफ 7 चैकबाउंस का मामला दर्ज है। इसे लेकर कड़कड़डूमा कोर्ट ने 23 अप्रैल को फैसला सुनाया। रिपोर्ट्स की मानें तो कोर्ट ने प्रति चैक 1.60 करोड़ रुपए का जुर्माना भी यादव पर लगाया है। इस हिसाब से उनपर कुल जुर्माना 11.20 करोड़ रुपए लगा है।

पत्नी पर 10 लाख रुपए का हर्जाना

- इस मामले में राजपाल यादव की पत्नी राधा को 10 लाख रुपए हर्जाने के तौर पर भरने का आदेश कोर्ट की ओर से दिया गया है। सोमवार को जब सजा सुनाई गई तो यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मामले को लेकर वे अब अपर कोर्ट जाएंगे।


20 अप्रैल को दिए गए थे दोषी करार

- 20 अप्रैल को कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को चैक बाउंस केस में दोषी करार दिया था। कोर्ट ने कहा था कि जब आरोपी खुद स्वीकार कर रहे हैं कि चैक पर उनके हस्ताक्षर हैं और ये उन्हीं के बैंक अकाउंट से जुड़े हैं तो शिकायतकर्ता के पास चैक बाउंस का मामला दर्ज कराने का अधिकार बन जाता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने रकम उधार दी थी, निवेश करने के लिए नहीं दी थी।


2010 का मामला

- चैक बाउंस का यह मामला 2010 का है। लक्ष्मी नगर स्थित मुरली प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने प्रीत बिहार थाने में सात चैक बाउंस होने की FIR दर्ज कराई थी। कंपनी की ओर से कहा गया था कि यादव ने फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए उन्हें 5 करोड़ रुपए उधार लिए थे। 2012 में फिल्म रिलीज हो गई, लेकिन यादव ने उनके पैसे नहीं चुकाए। शिकायत के बाद जब यादव को समन भेजा गया तो वे कोर्ट में पेश नहीं हुए। बल्कि उनके वकील ने गलत हलफनामा पेश कर कोर्ट को नाराज कर दिया। 2013 इसी मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से यादव को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।