--Advertisement--

जानिए कहां के DIG थे सलमान खान के दादा, दबंग अंदाज में जीते थे जिंदगी

काले हिरण शिकार मामले के कांकाणी केस में सुपरस्टार सलमान खान को 5 साल की सजा हुई है।

Danik Bhaskar | Apr 07, 2018, 10:39 AM IST
सलमान खान और उनके दादा अब्दुल राशिद खान।फोटो साभार: बीइंग सलमान सलमान खान और उनके दादा अब्दुल राशिद खान।फोटो साभार: बीइंग सलमान

मुंबई. काले हिरण शिकार मामले के कांकाणी केस में सुपरस्टार सलमान खान को 5 साल की सजा हुई है। फैसले के बाद जब उन्हें जोधपुर की सेन्ट्रल जेल भेजा गया तो वहां मौजूद DIG ने उन्हें अपना परिचय दिया। इस दौरान सलमान ने बताया कि उनके दादाजी भी DIG रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनके दादाजी का नाम क्या था और वे कहां के DIG रहे हैं? अब्दुल राशिद खान था सलमान के दादाजी का नाम...

- बात तब की है, जब इंदौर स्टेट हुआ करता था। जासिम खान की बुक 'बीइंग सलमान' में लिखा है कि 1915 में सलमान खान के दादा अब्दुल राशिद खान ने पुलिस सर्विस ऑफ होलकर ज्वॉइन की। उन्हें सीधे डिप्टी सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) की पोस्ट दी गई। लेकिन उनका रिटायरमेंट DIG की पोस्ट से हुआ था। यह उस वक्त आईजी के बाद पुलिस डिपार्टमेंट की दूसरी बड़ी पोस्ट हुआ करती थी। बुक में सलमान के चाचा नईम खान के हवाले से यह भी लिखा गया है कि अब्दुल राशिद खान की छवि बिलकुल फिल्म 'दबंग' में दिखाए गए सलमान खान के किरदार की तरह ही थी।

आगे की स्लाइड्स में जानिए सलमान के दादाजी के बारे में कुछ और बातें...

यह भी पढ़ें : 20 साल पहले मान लेते इस शख्स की बात तो आज कोर्ट में न रो रहे होते सलमान

अब्दुल राशिद खान फैमिली के साथ। फोटो साभार: बीइंग सलमान अब्दुल राशिद खान फैमिली के साथ। फोटो साभार: बीइंग सलमान

कभी-कभी ही पहनते थे यूनिफार्म

 

- जासिम खान की बुक में सलमान खान के चाचा नईम खान के हवाले से लिखा गया है कि अब्दुल राशिद खान अपनी यूनिफार्म कभी-कभी ही पहनते थे। वे ज्यादातर खुली जीप में घूमना पसंद करते थे। सबसे दिलचस्प बात यह है कि उनके सबऑर्डिनेट्स कभी उन्हें सर या साहिब कहकर नहीं बुलाते थे। बल्कि ज्यादातर उन्हें मियां कहकर ही संबोधित करते थे। 

पलासिया थाना, जहां अब्दुल राशिद ने पुलिस सेवा दी। फोटो साभार: बीइंग सलमान पलासिया थाना, जहां अब्दुल राशिद ने पुलिस सेवा दी। फोटो साभार: बीइंग सलमान

घर में इलेक्ट्रिसिटी तक नहीं थी

 

- 'बीइंग सलमान' में नईम खान ने बताया है, "हमारे घर के बाहर के आज के DIG जैसी सुरक्षा नहीं होती थी। न अर्दली थे और न ही ऑफिशियल नौकर थे। घर के सारे काम वृद्ध महिलाएं और हाउसकीपर्स ही करते थे। हमें कभी ऐसा महसूस ही नहीं हुआ कि हमारे पिता बड़े ऑफिसर थे। हम मंडलेश्वर में रहते थे, जहां बिजली नहीं थी। वे अकेले रहते थे और सिर्फ एक लालटेन उनके लिए पर्याप्त होती थी। वे कभी अपने घर में ताला नहीं लगाते थे। उनके बारे में एक खास बात यह भी है कि वे अपने साथ रिवॉल्वर भी नहीं रखते थे। डंडा ही उनका मुख्य हथियार था।"

पुलिस रोस्टर में सलमान खान के दादा का नाम साफ़ देखा जा सकता है। फोटो साभार: बीइंग सलमान पुलिस रोस्टर में सलमान खान के दादा का नाम साफ़ देखा जा सकता है। फोटो साभार: बीइंग सलमान

इंदौर में उस वक्त हुआ करते थे सिर्फ चार DIG

 

उस वक्त इंदौर स्टेट में सिर्फ चार DIG हुआ करते थे और नॉन ब्रिटिश को मिलने वाली यह हाईएस्ट रैंक थी। DIG की रिपोर्टिंग आईजी को हुआ करती थी। अब्दुल राशिद खान की रिपोर्टिंग उस वक्त के आईजी बेसिल चुर्टोन को थी।