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मुंबई ब्लास्ट: 23 साल तक चला था संजय दत्त पर केस, ठाकरे की मदद से मिली थी जमानत

गैरकानूनी हथियार रखने के आरोप में संजय दत्त को मुंबई एयरपोर्ट पर 19 अप्रैल 1993 को गिरफ्तार किया गया था।

Danik Bhaskar | Jun 21, 2018, 03:46 PM IST
जमानत मिलने के बाद बाल ठाकरे के घर पहुंचे सुनील दत्त और संजय दत्त। जमानत मिलने के बाद बाल ठाकरे के घर पहुंचे सुनील दत्त और संजय दत्त।

  • जुलाई 2007 में टाडा कोर्ट ने संजय दत्त को 6 साल की सजा सुनाई।
  • 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने सजा कम करके 5 साल कर दिया।

बॉलीवुड डेस्क। संजय दत्त के जीवन पर बनी 'संजू' में 1993 में हुए मुंबई बम ब्लास्ट केस के बारे में दिखाया जाएगा। ये वही मामला है जिसकी वजह से संजय दत्त को जेल जाना पड़ा और उनकी ये लड़ाई 23 साल तक चली। संजय को पहली बार 19 अप्रैल 1993 में एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। उनको अवैध हथियार रखने का दोषी पाया गया था और करीब 20 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 5 साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि उनके अच्छे व्यवहार के चलते उन्हें सजा पूरी होने से पहले ही 25 फरवरी 2016 को रिहा कर दिया गया था।

क्या था मुंबई बम ब्लास्ट केस: 12 मार्च 1993 को मुंबई में एक के बाद एक लगातार 12 बम धमाके हुए। इन धमाकों में 257 लोग मारे गए, जबकि 713 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पहला बम ब्लास्ट 1 बजकर 29 मिनट पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के बाहर हुआ था, जिसमें 84 लोग मारे गए थे। इसके बाद अगले एक घंटे तक लगातार बम ब्लास्ट होते रहे।

- इस मामले में 100 से ज्यादा लोगों को सजा सुनाई गई थी, जबकि 23 लोगों को बरी कर दिया गया था। इस मामले में याकूब मेमन को फांसी की सजा सुनाई गई थी, जिसे 2015 में फांसी दी गई है। इस बम ब्लास्ट का मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम है, जो 1995 से ही फरार है।

बाल ठाकरे की वजह से जमानत पर छूटे थे संजय: 1993 में संजय दत्त को पहली बार जेल भेजा गया। इस वजह से उनके पिता सुनील दत्त काफी परेशान हुए और किसी भी तरह से संजय की रिहाई करने में जुटे रहे। सुनील थे तो कांग्रेसी नेता, लेकिन महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक किसी भी कांग्रेसी नेता ने इस मामले में दखल नहीं दी।

- इसके बाद मुंबई लौटे सुनील दत्त को उनके समधि और मशहूर एक्टर राजेंद्र कुमार ने बाला साहेब से मिलने की सलाह दी। अपने समधि की बात मानकर सुनील दत्त मिलने पहुंचे और संजय की रिहाई की बात की। इस पर ठाकरे ने जवाब दिया कि 'ठीक है देखते हैं क्या हो सकता है। लेकिन ये सब मैं तुम्हारे लिए कर रहा हूं, संजय के लिए नहीं।' इसके बाद संजय को भी बुलाकर ठाकरे ने फटकार लगाई और कहा कि 'अब से जो तुम्हारे पिता बोलें, वही करना।'

- इसके बाद संजय जब दोबारा गिरफ्तार हुए तो बाला साहेब ने ही मध्यस्थता की और संजय को जमानत पर रिहा करवाया। संजय को रिहा कराने के बाद विरोधी बाला साहेब पर जमकर बरसे, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया। जेल से रिहाई के बाद संजय दत्त उनके पिता के साथ सीधे मातोश्री पहुंचे और बाल ठाकरे के गले लगकर फूट-फूट कर रोने लगे थे।

- जब तक बाल ठाकरे जिंदा रहे तब तक शिवसेना ने संजय दत्त का विरोध नहीं किया। लेकिन उनकी मृत्यु के बाद शिवसेना ने संजय की दया याचिका का विरोध किया।

मॉरीशस से लौटते ही एयरपोर्ट पर हुए थे गिरफ्तार: बम ब्लास्ट केस के बाद मुंबई पुलिस को जांच में पता चला कि इसमें बॉलीवुड के भी कुछ लोग शामिल हैं। कहा जाता है कि इस बारे में पूछताछ के लिए पुलिस ने प्रोड्यूसर हनीफ कड़ावाला को बुलाया। हनीफ ने पूछताछ में इस ब्लास्ट में संजय दत्त के शामिल होने की बात कही।

- उन दिनों संजय दत्त मॉरीशस में संजय गुप्ता की फिल्म 'आतिश' की शूटिंग कर रहे थे। संजय 19 अप्रैल 1993 को मॉरीशस से मुंबई पहुंचे और एयरपोर्ट पर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कहा जाता है कि संजय को गिरफ्तार करने के लिए एयरपोर्ट पर 100 से ज्यादा पुलिसवाले पहुंचे थे।

टाइमलाइन में देखें संजय दत्त के केस में कब-कब क्या हुआ?

तारीख क्या हुआ?
19 अप्रैल 1993 मुंबई पुलिस ने संजय दत्त के घर से तलाशी के दौरान एके 56 बरामद की। उन्हें गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
26 अप्रैल 1993 संजय दत्त ने अदालत में अपना जुर्म कबूला।
3 मई 1993 संजय को जमानत पर रिहा किया गया।
4 मई 1993 उनकी जमानत रद्द की गई और दोबारा गिरफ्तार किया गया।
16 अक्टूबर 1995 16 महीने की सजा के बाद संजय दत्त की जमानत मंजूर की गई।
दिसंबर 1995 उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया और इसके बाद वे अप्रैल 1997 में जमानत पर रिहा हुए।
28 नवंबर 2006 उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया गया, लेकिन टाडा एक्ट से जुड़े सभी मामलों में उन्हें बरी कर दिया गया।
31 जुलाई 2007 टाडा कोर्ट ने संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप में 6 साल की सजा सुनाई और मुंबई बम ब्लास्ट के सभी आरोपों से बरी कर दिया।
2 अगस्त 2007 उन्हें पुणे की यरवदा जेल भेजा गया।
20 अगस्त 2007 उन्हें जमानत पर छोड़ा गया लेकिन दो दिन बाद ही यानी 22 अगस्त को फिर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
27 अगस्त 2007 सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त की जमानत याचिका मंजूर करते हुए उन्हें रिहा कर दिया।
21 मार्च 2013 सुप्रीम कोर्ट ने टाडा कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए संजय दत्त को सजा सुनाई, लेकिन 6 साल की सजा को कम करते हुए 5 साल कर दिया। उन्हें 4 हफ्तों के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया गया।
17 अप्रैल 2013 संजय दत्त ने अपनी फिल्में पूरी करने के लिए समय मांगा और कोर्ट ने उन्हें 4 हफ्ते का समय दिया।
22 मई 2013 उन्हें पुणे की यरवदा जेल ले जाया हया, जहां उन्हें अपनी सजा के बाकी 3 साल और 6 महीने बिताने थे, क्योंकि वे 16 महीने की सजा पहले ही काट चुके थे।
25 फरवरी 2016 उनकी सजा मई 2016 में खत्म होनी थी, लेकिन जेल में उनके अच्छे व्यवहार को देखते हुए उन्हें 25 फरवरी 2016 को ही रिहा कर दिया गया।
सुनवाई के लिए कोर्ट जाते संजय और सुनील दत्त। सुनवाई के लिए कोर्ट जाते संजय और सुनील दत्त।
सुनवाई के लिए कोर्ट जाते संजय और सुनील दत्त। सुनवाई के लिए कोर्ट जाते संजय और सुनील दत्त।
सुनवाई के लिए कोर्ट जाते संजय और सुनील दत्त। सुनवाई के लिए कोर्ट जाते संजय और सुनील दत्त।
पुणे की यरवदा जेल में संजय दत्त। पुणे की यरवदा जेल में संजय दत्त।
सुनवाई के लिए कोर्ट जाते संजय और सुनील दत्त। सुनवाई के लिए कोर्ट जाते संजय और सुनील दत्त।
फरवरी 2016 में जेल से रिहा होने के बाद संजय दत्त। फरवरी 2016 में जेल से रिहा होने के बाद संजय दत्त।