--Advertisement--

16 साल पहले देवदास की शूटिंग करते वक्त ऐश्वर्या के कानों से बहने लगा था खून, 20 करोड़ में बना था चंद्रमुखी का कोठा

2002 में आई संजय लीला भंसाली की देवदास के अलावा बांग्ला, तमिल, तेलुगु, मलयालम, असमी और उर्दू में 15 बार फिल्म बन चुकी है

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 05:53 PM IST

  • 30 जून 1917 को शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का उपन्यास देवदास प्रकाशित हुआ था।
  • सबसे पहली देवदास 1928 में बनी थी, लेकिन यह साइलेंट फिल्म थी।

बाॅलीवुड डेस्क. संजय लीला भंसाली की मूवी 'देवदास' को रिलीज हुए 16 साल पूरे हो गए है। फिल्म की चंद्रमुखी यानी माधुरी दीक्षित ने इस मौके पर एक ट्वीट किया, जिसे शेयर करते हुए शाहरुख ने कहा है- "और आप भी हमेशा हमेशा हमारे दिलों के करीब रहेंगी, केवल एक आप ही हैं जिसने हमेशा "मार डाला!!"..। शाहरुख वाली देवदास से जुड़ी खास बातें, जो बताती हैं क्याें है देवदास फिल्म आज भी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

पहली ईस्टमैन कलर फिल्म : 2002 में आई देवदास पहली कलर फिल्म थी। इसके पहले बॉलीवुड में बने देवदास के सभी वर्जन ब्लैक एंड वाइट ही थे। 1936 में केएल सहगल और 1955 में दिलीप कुमार की देवदास बन चुकी थी। फिल्म में लाइट इफैक्ट्स देने 700 लाइट मैन और 42 जनरेटर्स का प्रयोग किया गया था।

- बॉलीवुड की यह तीनों ही फिल्में शरतचंद्र चट्‌टोपाध्याय के उपन्यास देवदास पर आधारित रहीं।

सबसे बड़े बजट की फिल्म : संजय लीला भंसाली यह फिल्म उस दौर की सबसे महंगी फिल्म थी। फिल्म बनाने में 50 करोड़ का खर्च हुआ। चंद्रमुखी का कोठा बनाने में 12 करोड़ खर्च हुए थे। वहीं फिल्म के छह सेट बनने में कुल 20 करोड़ की लागत आई थी।

- जिस घर में ऐश्वर्या के सीन शूट हुए थे, उसमें 1.22 लाख कांच के टुकड़ों को जोड़कर तैयार किया गया था। बारिश के सीन के बाद इन्हें दोबारा पेंट करना पड़ता था।

कानों से बहा खून और शाहरुख ने पी शराब : फिल्म में डोला रे डोला गाने की शूटिंग के दौरान एेश्वर्या ने हैवी ज्वैलरी पहनी थी, जिसके कारण उनके कानों से खून बहने लगा था। शाहरुख ने भी सीन में जान डालने के लिए कुछ सीन शूट करने से पहले शराब पी थी।

अब तक 15 बार बन चुकी है देवदास : शरतचंद्र का उपन्यास फिल्ममेकर्स को इतना पसंद आया कि 1928 से लेकर 2013 तक देवदास की कहानी 15 बार फिल्मी पर्दे पर नजर आ चुकी है।अकेले बांग्ला में यह फिल्म 5 बार बनी। फिल्म की कहानी को देव डी, दास देव और देव डीडी टाइटल से भी बनाया जा चुका है।

ये हैं अब तक बनी फिल्में

साल भाषा फिल्म की खास बात
1928 साइलेंट देवदास

ब्रिटिश कलकत्ता में शूट हुई, डायरेक्ट नरेश मित्रा, नितिन बाेस सिनेमेटाेग्राफर।

1935 बांग्ला देवदास प्रथमेश बरुआ ने डायरेक्ट की। प्रथमेश, पत्नी जमुना बरुआ और चंद्रबती देवी ने लीड रोल किए।
1936 हिन्दी देवदास प्रथमेश बरुआ डायरेक्टर, केएल सहगल, राजकुमारी और जमुना बरुआ मुख्य भूमिकाओं में।
1937 असमी देवदास प्रथमेश बरुआ डायरेक्टर, फनी शर्मा, मोहिनी और जुबैदा लीड रोल में।
1953 तमिल/तेलुगु देवदासु डायरेक्टर वेदांतम राघवैया, अलूरी चक्रपाणि ने देवदास उपन्यास की कहानी को तैयार किया था।
1955 हिन्दी देवदास बिमल रॉय डायरेक्टर, दिलीप कुमार, सुचित्रा सेन और वैजयंती माला ने लीड रोल प्ले किए थे।
1965 उर्दू देवदास पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म। डायरेक्शन ख्वाजा सरफराज ने किया था।
1974 देवादासु तेलुगु देवदास की कहानी पर बनी एक और फिल्म। डायरेक्शन विजय निर्मला ने किया।
1979 बांग्ला देवदास फिल्म में सौमित्र चटर्जी, उत्तम कुमार, शांतु मुखाेपाध्याय, सुमित्रा मुखर्जी और सुप्रिया ने लीड रोल प्ले किए।
1982 बांग्ला देवदास पहला बांग्लादेशी वर्जन, पहली बांग्लादेशी कलर फिल्म, डायरेक्टर नजरूल इस्लाम।
1989 मलयालम देवादास क्रॉसवेल्ट मनी डायरेक्टर, वेणु नागवेल्ली, पार्वथी और राम्या कृष्णा के अभिनय वाली फिल्म।
2002 बांग्ला देवदास डायरेक्टर शक्ति सामंत, प्रोसनजीत चटर्जी, तापस पॉल, अर्पिता पाल और इंद्राणी हल्दर की एक्टिंग वाली फिल्म।
2002 हिन्दी देवदास संजय लीला भंसाली डायरेक्टर, शाहरुख, ऐश्वर्या और माधुरी दीक्षित की मुख्य भूमिकाओं वाली फिल्म।
2010 उर्दू देवदास डायरेक्टर इकबाल कश्मीरी की पाकिस्तानी फिल्म जारा शेख, मीरा और नदीम शाह ने लीड रोल प्ले किए।
2013 बांग्ला देवदास

मौसमी, अपू बिस्वास और शाकिब खान की फिल्म। नजरूल इस्लाम के डायरेक्शन की दूसरी फिल्म।