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'संजू' हुई ऑनलाइन लीक, निपटने के लिए मेकर्स ने बनाई 5 सदस्यों की स्पेशल टीम

फिल्म के तीसरे दिन के कलेक्शन के मामले में बाहुबली:द कंक्लूजन को पीछे छोड़ दिया है।

Danik Bhaskar | Jul 02, 2018, 04:09 PM IST

मुंबई.तीन दिन में 120 करोड़ का बिजनेस करने वाली 'संजू' रिलीज के कुछ घंटों के भीतर सोशल मीडिया पर लीक हो गई थी। फेसबुक,ट्विटर और व्हाट्सएप पर फिल्म की पायरेटेड कॉपी वायरल हो गई थी। शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म को राजकुमार हिरानी ने डायरेक्ट किया है। वहीं ,संजय दत्त की लाइफ पर बनी फिल्म में रणबीर कपूर मुख्य भूमिका में नजर आए हैं। जैसे ही फिल्म लीक हुई हिरानी और रणबीर कपूर फैन्स ने लोगों से पायरेटेड कॉपी न देखने की अपील की लेकिन तब भी इसका कोई खास असर नहीं देखने को मिला। अब पायरेसी से बचने के लिए मेकर्स ने भी पांच सदस्यों की टीम बना ली है।

ये काम करेगी स्पेशल टीम: एक वेबसाइट के अनुसार,फिल्म की डिस्ट्रीब्यूटर 'फॉक्स स्टार स्टूडियो कंपनी' ने एक स्पेशल टीम बना ली है जो ऑनलाइन पायरेटेड कॉपी सर्कुलेट होने पर पैनी नजर रखेगी और तत्काल उसे डिलीट करेगी। इसके अलावा टीम को ये भी कहा गया है कि वो ये भी पता लगाए कि फिल्म सबसे पहले लीक कहां से की गई थी। इसके अलावा राजकुमार हिरानी और प्रोड्यूसर विधु विनोद चोपड़ा ने साइबर क्राइम सेल में पहले ही कंप्लेंट दर्ज करा दी है। साइबर टीम भी फिल्म की पांच सदस्यी टीम की मदद कर रही है ताकि वह ऑनलाइन मौजूद सारे पायरेटेड लिंक्स डिलीट कर पाएं। अगर सोमवार तक भी फिल्म की पायरेटेड कॉपीज वायरल होना बंद नहीं होती तो फिर साइबर क्राइम सेल प्रॉपर इन्वेस्टीगेशन करेगी।

मक्का से लीक हुई थी फिल्म: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म को सबसे पहले सऊदी अरब के मक्का में रहने वाले प्रिंस रिजवान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया। रिजवान उम अल-करा यूनिवर्सिटी में काम करते हैं। हालांकि, इस फिल्म को शनिवार को फेसबुक से हटा लिया गया। तब तक इस फिल्म की पायरेटेड कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। लीक फिल्म 2 घंटे 28 मिनट की है। रिजवान की पोस्ट को शनिवार दोपहर तक 2 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके थे। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि फिल्म टोरेंट पर भी रिलीज हुई। इस पर यह एचडी प्रिंट में थी।

पाइरेसी को लेकर भारत में क्या है कानून: ऑनलाइन पाइरेसी को बढ़ते देख भारत सरकार ने अगस्त 2016 में टोरेंट पर बैन लगाने के लिए नया कानून बनाया था। इसके तहत 100 से ज्यादा वेबसाइट्स को बैन कर दिया गया था, जो ऑनलाइन पाइरेसी करती थी। इसके तहत अगर कोई भी शख्स ऑनलाइन पाइरेटेड कंटेंट देखता है तो उसे कॉपीराइट एक्ट-1957 के तहत धारा-63, 63 ए, 65 और 65 ए के तहत दोषी पाया जाता है तो इसके लिए 3 साल कैद और 3 लाख रुपए जुर्माने की सजा का प्रावधान है।